{"_id":"663a178f27989fe4590a0008","slug":"drinking-water-with-diarrhea-in-parwanoo-area-shortage-begins-water-available-on-third-day-solan-news-c-176-1-ssml1040-121052-2024-05-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: परवाणू क्षेत्र में डायरिया के साथ पेयजल \n\nकिल्लत शुरू, तीसरे दिन मिल रहा पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: परवाणू क्षेत्र में डायरिया के साथ पेयजल किल्लत शुरू, तीसरे दिन मिल रहा पानी
Tue, 07 May 2024 11:25 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Tue, 07 May 2024 11:25 PM IST
विज्ञापन
क्षेत्रवासी टैंकर से पानी खरीदकर कर रहे हैं गुजारा
पेयजल टैंकों व योजनाओं में सफाई के लिए लगाया था कट
टकसाल में भी पांचवें दिन मिल रहा पानी, लोग हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/परवाणू। भले ही परवाणू में अब डायरिया के मामलों में हल्की कमी आनी शुरू हुई है। मगर दूसरी तरफ अब क्षेत्र में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। लोगों को अब तीसरे दिन पानी की सप्लाई मिल पा रही है। जबकि इससे पहले रोजाना पानी दिया जाता था। परवाणू में पानी की सप्लाई का जिम्मा हिमुडा को दिया गया है। जब से परवाणू में डायरिया फैला है, पहले तो हिमुडा ने यहां पर टैंकों की सफाई को लेकर पानी की सप्लाई रोकी। उसके बाद कुछ दिन सप्लाई सुचारू दी, मगर अब दोबारा से कौशल्या खड्ड की सफाई करवाने के लिए फिर से तीसरे दिन पानी देना शुरू कर दिया था। वहीं अब कौशल्या खड्ड की सफाई तो कर दी गई है, मगर पानी की सप्लाई तीसरे दिन ही दी जा रही है। जिससे क्षेत्र में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। पर्याप्त पानी न मिलने से अब लोग टैंकरों से पानी मंगवा रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें तीसरे दिन भी पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही। कुछ ही देर तक पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे रोजमर्रा की जरूरतों के काम नहीं हो पा रहे। गर्मियों के दौरान पानी की खपत अधिक रहती है। ऐसे में जब पानी कम हो जाता है तो लोगों को टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। 2000 लीटर पानी का टैंकर मंगवाने के लिए 500 से 700 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। रोजाना क्षेत्र में दर्जनों टैंकर पानी की सप्लाई में जुटे हुए हैं।
इनसेट
टकसाल में पांचवें दिन मिल रहा पानी
शहर के साथ लगती टकसाल पंचायत में पांचवें दिन सप्लाई दी जा रही है। यहां पर जलशक्ति विभाग पानी की सप्लाई करता है। हालांकि पहले 12 से 15 दिन में यहां पर पानी मिल पाता था। परवाणू के उद्योगों में कार्यरत ज्यादातर प्रवासी तबका इन क्षेत्रों में रहता है। पहले वह प्राकृतिक स्रोतों व बावड़ियों से पानी भरते थे, मगर अब उन्हें बंद कर दिया गया है। जिससे अब यहां पर भी पानी की किल्लत चल रही है।
इनसेट
उधर, इस बारे में हिमुडा के अधिशाषी अभियंता गिरीश शर्मा ने कहा कि अभी कुछ जल स्त्रोतों की सप्लाई का कार्य चल रहा है। यह कार्य पूरा होते ही क्षेत्र में रूटीन से सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पेयजल टैंकों व योजनाओं में सफाई के लिए लगाया था कट
टकसाल में भी पांचवें दिन मिल रहा पानी, लोग हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन/परवाणू। भले ही परवाणू में अब डायरिया के मामलों में हल्की कमी आनी शुरू हुई है। मगर दूसरी तरफ अब क्षेत्र में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। लोगों को अब तीसरे दिन पानी की सप्लाई मिल पा रही है। जबकि इससे पहले रोजाना पानी दिया जाता था। परवाणू में पानी की सप्लाई का जिम्मा हिमुडा को दिया गया है। जब से परवाणू में डायरिया फैला है, पहले तो हिमुडा ने यहां पर टैंकों की सफाई को लेकर पानी की सप्लाई रोकी। उसके बाद कुछ दिन सप्लाई सुचारू दी, मगर अब दोबारा से कौशल्या खड्ड की सफाई करवाने के लिए फिर से तीसरे दिन पानी देना शुरू कर दिया था। वहीं अब कौशल्या खड्ड की सफाई तो कर दी गई है, मगर पानी की सप्लाई तीसरे दिन ही दी जा रही है। जिससे क्षेत्र में पेयजल किल्लत शुरू हो गई है। पर्याप्त पानी न मिलने से अब लोग टैंकरों से पानी मंगवा रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्हें तीसरे दिन भी पर्याप्त सप्लाई नहीं मिल पा रही। कुछ ही देर तक पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे रोजमर्रा की जरूरतों के काम नहीं हो पा रहे। गर्मियों के दौरान पानी की खपत अधिक रहती है। ऐसे में जब पानी कम हो जाता है तो लोगों को टैंकर मंगवाने पड़ते हैं। 2000 लीटर पानी का टैंकर मंगवाने के लिए 500 से 700 रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। रोजाना क्षेत्र में दर्जनों टैंकर पानी की सप्लाई में जुटे हुए हैं।
इनसेट
टकसाल में पांचवें दिन मिल रहा पानी
शहर के साथ लगती टकसाल पंचायत में पांचवें दिन सप्लाई दी जा रही है। यहां पर जलशक्ति विभाग पानी की सप्लाई करता है। हालांकि पहले 12 से 15 दिन में यहां पर पानी मिल पाता था। परवाणू के उद्योगों में कार्यरत ज्यादातर प्रवासी तबका इन क्षेत्रों में रहता है। पहले वह प्राकृतिक स्रोतों व बावड़ियों से पानी भरते थे, मगर अब उन्हें बंद कर दिया गया है। जिससे अब यहां पर भी पानी की किल्लत चल रही है।
विज्ञापन
इनसेट
उधर, इस बारे में हिमुडा के अधिशाषी अभियंता गिरीश शर्मा ने कहा कि अभी कुछ जल स्त्रोतों की सप्लाई का कार्य चल रहा है। यह कार्य पूरा होते ही क्षेत्र में रूटीन से सप्लाई शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन