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टमाटर का समर्थन मूल्य तय करे प्रदेश सरकार
ब्यूरो, सोलन
Updated Fri, 11 Nov 2016 09:43 PM IST
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केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी करार देते हुए दिल्ली से 2 नवंबर को निकला किसान सभा का जत्था शुक्रवार को सोलन पहुंचा।
- फोटो : Demo pic
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केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों को किसान विरोधी करार देते हुए दिल्ली से 2 नवंबर को निकला किसान सभा का जत्था शुक्रवार को सोलन पहुंचा। इसका किसान सभा सोलन के सदस्यों ने स्वागत किया। इस दौरान सभा के सदस्यों ने प्रदेश सरकार द्वारा किसानों को टमाटर की फसल का समर्थन मूल्य नहीं दिए जाने पर चिंता जताई। किसान सभा के सहसचिव सत्यवान पुंडीर ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को बंदरों समेत कई अन्य जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलाने में विफल रही है।
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फसलों को बरबाद कर किसानों को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा रहे इन बंदरों को मारने के कार्य में किसानों को ही लगाया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश सरकार 500 रुपये प्रति बंदर पैसे भी किसानों को दे रही हैं। लेकिन खुद सरकार द्वारा बंदरों को पकड़ने के लिए कोई प्रयत्न नहीं किए जा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों के हित में कोई योजनाएं नहीं बना रही हैं। इससे किसान परेशान हैं। वहीं उत्तर भारत में अखिल भारतीय किसान संघर्ष जत्था का नेतृत्व कर रहे राजस्थान के पूर्व विधायक अमराराम ने कहा कि 24 नवंबर को दिल्ली में महारैली का आयोजन किया जाएगा। इसमें केंद्र सरकार से देश के भूमिहीन किसानों को कृषि के लिए भूमि दी जानी की मांग की जाएगी। साथ ही खेती के लिए 4 प्रतिशत दर पर ऋण और मनरेगा के तहत 200 दिन तक काम और 300 रुपये प्रतिदिन वेतन के हिसाब से मजदूरों को दिया जाने का आग्रह भी किया जाएगा। इस मौके पर किसान सभा के अध्यक्ष कुशाल भारद्वाज, पीएल वर्मा, गणेशम, रोकी, अमन और शिल्पा समेत कई सदस्य मौजूद रहे।
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