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कोरोना कर्फ्यू में भंडारा लगाने वाले पंचायत प्रधान का निलंबन रद्द
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Coronavirus economic impact concept image
- फोटो : Feydzhet Shabanov - stock.adobe.
नालागढ़ (सोलन)। कोरोना कर्फ्यू के बीच बिना अनुमति मस्तानपुरा पंचायत में भंडारा लगाने वाले प्रधान छोटू राम का निलंबन रद्द कर दिया गया है। प्रधान के भविष्य में सरकारी नियमों का उल्लंघन नहीं करने के आश्वासन पर उपायुक्त ने निलंबन रद्द किया है।
13 मई को मस्तानपुरा पंचायत में रहने वाले दाता राम ने बिना अनुमति अपनी पंचायत में भंडारे का आयोजन किया था। भंडारा खाने के दो दिन के बाद पंचायत में उल्टी दस्त की बीमारी फैल गई। बीमारी फैलने के बाद ही भंडारा लगाने की बात सामने आई। पंचायत प्रधान को इस बात का पता था लेकिन उन्होंने स्थानीय प्रशासन को अवगत नहीं कराया गया। यहां पर लोगों के कोविड टेस्ट भी कराए जिसमें पांच लोग कोविड संक्रमित पाए गए।
बीडीओ ने इसकी रिपोर्ट बना कर उपायुक्त को भेजी। इस पर उपायुक्त ने 18 मई को पंचायत प्रधान को नोटिस जारी किया। 20 मई को पंचायत प्रधान ने जो जवाब दिया था, वह संतोषजनक नहीं था। इस पर उपायुक्त ने उन्हें निलंबित कर दिया था लेकिन पंचायत प्रधान छोटू राम ने अपनी गलती को मानते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने की बात कही। इस पर बुधवार को उपायुक्त ने निलंबन रद्द कर दिया। उपायुक्त केसी चमन ने निलंबन रद्द करने की पुष्टि की है।
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13 मई को मस्तानपुरा पंचायत में रहने वाले दाता राम ने बिना अनुमति अपनी पंचायत में भंडारे का आयोजन किया था। भंडारा खाने के दो दिन के बाद पंचायत में उल्टी दस्त की बीमारी फैल गई। बीमारी फैलने के बाद ही भंडारा लगाने की बात सामने आई। पंचायत प्रधान को इस बात का पता था लेकिन उन्होंने स्थानीय प्रशासन को अवगत नहीं कराया गया। यहां पर लोगों के कोविड टेस्ट भी कराए जिसमें पांच लोग कोविड संक्रमित पाए गए।
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बीडीओ ने इसकी रिपोर्ट बना कर उपायुक्त को भेजी। इस पर उपायुक्त ने 18 मई को पंचायत प्रधान को नोटिस जारी किया। 20 मई को पंचायत प्रधान ने जो जवाब दिया था, वह संतोषजनक नहीं था। इस पर उपायुक्त ने उन्हें निलंबित कर दिया था लेकिन पंचायत प्रधान छोटू राम ने अपनी गलती को मानते हुए भविष्य में ऐसी गलती न करने की बात कही। इस पर बुधवार को उपायुक्त ने निलंबन रद्द कर दिया। उपायुक्त केसी चमन ने निलंबन रद्द करने की पुष्टि की है।
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