फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Five lac frogery in parwanoo, case registred

रिजॉर्ट के लिए किसी दूसरे की जमीन दिखाकर लाखों रुपये हड़पे

Mon, 02 Jan 2017 10:15 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Mon, 02 Jan 2017 10:15 PM IST
विज्ञापन
Five lac frogery in parwanoo, case registred
जीरकपुर के एक कारोबारी को परवाणू में रिजॉर्ट के लिए किसी दूसरे की जमीन दिखाकर दो दोस्तों ने पांच लाख एडवांस में बयाना लेकर हड़प लिया। - फोटो : demo pic

जीरकपुर के एक कारोबारी  को परवाणू में रिजॉर्ट के लिए किसी दूसरे की जमीन दिखाकर दो दोस्तों ने पांच लाख एडवांस में बयाना लेकर हड़प लिया। यह बयाने दो जगह हुए हैं। कारोबारी ने जगह के कब्जे की बात आगे बढ़ाई तो मामला टाले जाने लगा। शक होने पर राजस्व कागजात जांचे तो कारोबारी हक्का बक्का रह गया। कारोबारी  को जो जमीन रिजोर्ट के लिए दिखाई थी वह जमीन किसी और की निकली। कारोबारी ने मामले की शिकायत पुलिस थाना परवाणू में की।

विज्ञापन


पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर करते हुए दोनों पक्षों को थाने में बुलाकर पूछताछ की। प्रारंभिक जांच में आरोपियों ने गलती मानते हुए पांच लाख लौटाने पर सहमती जताई। पांच लाख की राशि का एडवांस चेक भी शिकायकर्ता को सौंपा लेकिन चेक भी बाउंस हो गया। इसके तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन


जमीन के मामले में पुलिस ने इस मामले में आगे जांच बढ़ाई है लेकिन अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है। ऐसे में परवाणू पुलिस थाना की कार्यशैली पर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। अब शिकायतकर्ता इस मामले को कोर्ट के माध्यम से दर्ज करवाने की बात कह रहा है। एसपी अंजुम आरा ने कहा कि पुलिस इस मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।       
विज्ञापन
विज्ञापन


रिजॉर्ट बनाने की थी चाह      
शिकायतकर्ता सतपाल सिंह निवासी 126 बादल कालोनी का कहना है कि उसे 10 बीघा जमीन चाहिए थी। बेटे के लिए वह वहां रिजोर्ट बनाना था। लिहाजा वह परवाणू क्षेत्र के एक कारोबारी और उसके दोस्त के संपर्क में आया। उसे चक्की मोड़ के आगे तरोल के पास 10 बीघा जमीन दिखाई गई। खसरा नंबर भी दिए गए।      

10 लाख का सौदा 5 लाख बयाना      
जमीन का सौदा 4 लाख प्रति बीघा के हिसाब से 40 लाख में हुआ। शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद सोलन कोर्ट में नोटरेरी के सामने 5 लाख बयाना दिया और उसके बाद में जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू की। लेकिन जमीन पर कब्जा देने और घास आदि काटकर प्लाट साफ करने के काम से वह कतराने लगे। इसके बाद ही इस पूरे मामले में शक हुआ।
       
राजस्व रिकार्ड से तस्वीर साफ 
     
राजस्व रिकार्ड निकाला तो काफी हद तक धोखाधड़ी की तस्वीर साफ हो गई। दोनों आरोपियों द्वारा बताए खसरा नंबरों का मिलान किया तो 10 बीघा जमीन को टुकड़ों में जगह-जगह बंटा पाया गया। उसका आरोप है कि दोनों ने उसे किसी अन्य की दस बीघा जमीन दिखाकर धोखाधड़ी की और बयाना ले लिया।  

     
पुलिस थाने के काटने पड़े चक्कर      
शिकायतकर्ता ने कहा कि दो माह थाने में चक्कर काटते-काटते हो चुके हैं। लेकिन पुलिस मुकदमा दर्ज नहीं कर रही। शिकायत तीन नवंबर को दी थी। इसके बाद पुलिस ने दोनो पक्षों के बीच 11 नवंबर को बात करवाई। दावा किया कि इस दौरान बयाना लौटाने की बात आरोपी पक्ष ने मान ली और 25 नवंबर का चेक काटकर दे दिया लेकिन चेक भी बाउंस हो गया। अब मामला सरकता जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में अब आईओ लगाकर जांच फिर शुरू की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed