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टिपरा गांव की उषा की थी जंगल में मिली लाश
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 14 Dec 2015 10:56 PM IST
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परवाणू (सोलन)। टिपरा के जंगलों से छह दिसंबर को मिले अज्ञात युवती के शव की पहचान कर ली गई है। शव टिपरा में रहने वाली 14 वर्षीय उषा की है।
फिलहाल पुलिस ने मृतक लड़की की मां के ब्लड सैंपल डीएनए प्रोफाइल की मैचिंग के लिए जुन्गा भेज दिए हैं। इसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। शव की पहचान होने के बाद व परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए छानबीन तेज कर दी है।
पुलिस को छह दिसंबर को सूचना के आधार पर टिपरा के जंगल से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था, जिसे शिनाख्त के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू रखा गया, लेकिन शिनाख्त न होने के चलते 08 दिसंबर को आईजीएमसी अस्पताल शिमला में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद उसी दिन नगर परिषद परवाणू के सहयोग से इसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इसके बाद गांव टिपरा में किराए पर रहने वाले यूपी निवासी जगदीश कुमार पुत्र मोती राम व उसकी पत्नी शीलावती ने शक जाहिर किया था कि उक्त शव उनकी लड़की उषा का हो सकता है। अब पहचान होने के बाद पुलिस ने हत्या के कारणों की तरफ जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों की जल्द धर पकड़ करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार मृतक के परिजनों ने कुछ लोगों पर अपना शक जाहिर किया है। परिजनों के अनुसार मृतक युवती मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करती थी, जिसके चलते इस मामले से कोई सुराग निकालना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया है। इसकी पुष्टि करते हुए डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया की शव की पहचान होने के बाद मामले को सुलझा लिया जाएगा।
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फिलहाल पुलिस ने मृतक लड़की की मां के ब्लड सैंपल डीएनए प्रोफाइल की मैचिंग के लिए जुन्गा भेज दिए हैं। इसकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है। शव की पहचान होने के बाद व परिजनों से प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए छानबीन तेज कर दी है।
पुलिस को छह दिसंबर को सूचना के आधार पर टिपरा के जंगल से एक क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था, जिसे शिनाख्त के लिए ईएसआई अस्पताल परवाणू रखा गया, लेकिन शिनाख्त न होने के चलते 08 दिसंबर को आईजीएमसी अस्पताल शिमला में शव का पोस्टमार्टम होने के बाद उसी दिन नगर परिषद परवाणू के सहयोग से इसका अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इसके बाद गांव टिपरा में किराए पर रहने वाले यूपी निवासी जगदीश कुमार पुत्र मोती राम व उसकी पत्नी शीलावती ने शक जाहिर किया था कि उक्त शव उनकी लड़की उषा का हो सकता है। अब पहचान होने के बाद पुलिस ने हत्या के कारणों की तरफ जांच का दायरा बढ़ाते हुए आरोपियों की जल्द धर पकड़ करने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
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सूत्रों के अनुसार मृतक के परिजनों ने कुछ लोगों पर अपना शक जाहिर किया है। परिजनों के अनुसार मृतक युवती मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करती थी, जिसके चलते इस मामले से कोई सुराग निकालना पुलिस के लिए मुश्किल हो गया है। इसकी पुष्टि करते हुए डीएसपी प्रमोद चौहान ने बताया की शव की पहचान होने के बाद मामले को सुलझा लिया जाएगा।
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