{"_id":"56f52e344f1c1bd669f14d36","slug":"charas-smugling","type":"story","status":"publish","title_hn":"2.68 किलोग्राम चरस के साथ तीन गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
2.68 किलोग्राम चरस के साथ तीन गिरफ्तार
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Fri, 25 Mar 2016 10:29 PM IST
विज्ञापन
एक निजी होटल में ठहरे कुल्लू निवासी से पुलिस ने 2.689 ग्राम चरस बरामद की है।
- फोटो : Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक निजी होटल में ठहरे कुल्लू निवासी से पुलिस ने 2.689 ग्राम चरस बरामद की है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने होटल के कमरे में दबिश दी थी। तलाशी के दौरान पुलिस को चरस मिली है। इससे पहले भी परवाणू में प्रतिबंधित दवाएं, अफीम और चरस पकड़ी जा चुकी है। उधर पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार करके मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी ट्रांस्पोर्ट कारोबार से जुड़े बताए जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चरस की कीमत तीस लाख बताई जा रही है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक थाना परवाणू में रात सवा ग्यारह बजे सूचना मिली की एक निजी होटल में कमरा नंबर 101 में संदीप नाम का शख्स ठहरा है। आरोप लगाए गए कि वह मादक पदार्थों की तस्करी का धंधा करता है। इसके पास मादक पदार्थ हो सकते हैं। सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाना प्रभारी मीनाक्षी की अगुवाई में पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर
विज्ञापन
पुलिस ने पाया कि उस कमरे में चार व्यक्ति नशे में धुत्त थे।
पुलिस ने चारों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान संदीप ठाकुर (30) पुत्र प्रकाश चंद गांव झल्ली डाकघर एवं तहसील निथर जिला कुल्लू के बैग से 2.689 किलोग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने मुख्य आरोपी के अलावा इसमें वेद प्रकाश (21) कोटबेजा कसौली, रविंद्र कुमार गांव मलोडन लंबागांव कांगड़ा और अजय राणा (23) गांव मट्टू समूला पालमपुर कांगड़ा को भी पकड़ा गया है। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी संदीप का कालका में ससुराल है। सभी ट्रांस्पोर्टर बताए जा रहे हैं। इनकी आपस में जान पहचान थी। पकड़ी गई चरस की कीमत करीब 30 लाख है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी है।
विज्ञापन
पहले भी पकड़ा जा चुका है गांजा
इससे पहले परवाणू पुलिस ने एक व्यक्ति से 1 किलो 800 ग्राम गांजा बरामद किया था। छानबीन में खुलासा हुआ था कि आरोपी गांजा 50 रुपये में सिगरेट में भरकर सप्लाई करता था। हालांकि पुलिस ने नशाखोरी के खिलाफ अभियान छेड़कर कई सफलताएं हासिल की हैं।
तस्करी का गढ़ बनता जा रहा परवाणू
हिमाचल का प्रवेश द्वार होने के कारण परवाणू चरस और मादक पदार्थों की तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा का बार्डर होने के कारण परवाणू में ही तस्करी की डील होती है। इसके अलावा प्रतिबंधित दवाओं की अवैध रूप से सप्लाई भी परवाणू के साथ सटे कालका से होने का अंदेशा है। ऐसे कई मामले पुलिस और ड्रग्स विभाग ने भी पकड़े हैं। लेकिन मादक पदार्थों की तस्करी में लगे शातिर बाज नहीं आ रहे।