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अस्पताल में युवक की मौत पर हंगामा, डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन)
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:40 PM IST
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फर्स्ट रेफरल यूनिट नालागढ़ में बुखार से पीड़ित एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की। बाद में परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में प्राथमिकी भी दर्ज करवाई।
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पुलिस के अनुसार शनिवार सुबह रविंद्र सिंह (17) पुत्र सुभाष चंद निवासी किशनपुरा तहसील बद्दी को बुखार होने पर पहले निजी चिकित्सालय में इलाज के लिए लाया गया लेकिन सुबह के समय निजी चिकित्सालय में डॉक्टर न होने के कारण परिजन रविंद्र सिंह को एफआरयू नालागढ़ ले आए।
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इस दौरान अस्पताल में उसके साथ गांव के चंदू नेगी, प्रवीन उर्फ बिट्टू, नरेश और विनोद भी थे। दोस्तों ने अस्पताल में रविंद्र को दाखिल करवाया और इलाज के लिए डॉक्टरों को ढूंढने लगे। इस दौरान नर्सों ने इलाज शुरू कर दिया।
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परिजनों ने डॉक्टर पर आरोप लगाते हुए कहा कि मृतक रविंद्र सिंह ने इशारे से बताया कि उसकी तकलीफ बढ़ रही है। इसके बाद उसके परिजनों ने अस्पताल परिसर में डॉक्टरों की तलाश शुरू कर दी और जब डॉक्टर मिला तो वह फोन पर व्यस्त था। परिजनों के बार-बार कहने पर भी वह मरीज को देखने नहीं आया।
डॉक्टर के मरीज को न देखने के कारण कुछ घंटे बाद रविंद्र सिंह की मौत हो गई। परिजनों ने रविंद्र सिंह की मौत का जिम्मेवार डॉक्टरों को ठहराया है। परिजनों का कहना है कि रविंद्र का इलाज नालागढ़ अस्पताल में नहीं हो सकता था तो उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जा सकता था। रविंद्र घर का इकलौता था।
डॉक्टर के तबादले की उठाई मांग
ग्रामीणों ने डॉक्टरों की लापरवाही पर रोष प्रकट करते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारे लगाए। उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को बीएमओ नालागढ़ के माध्यम से पत्र भेजकर डॉक्टरों के तबादले की मांग की है। कहा कि नालागढ़ डॉक्टर अपनी ड्यूटी के दौरान बड़ी लापरवाही करते हैं।
अस्पताल में पहले ही डॉक्टरों की कमी है। ऊपर कुछ डॉक्टर समयानुसार अस्पताल नहीं पहुंचते। उन्होंने मांग की कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसलिए डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए।
अस्पताल में युवक का हुआ था चेकअप
बीएमओ डॉ. कुलदीप ने कहा कि युवक कांवड़ यात्रा करके लौटा था। उसे बुखार के साथ उल्टियां हो रही थीं। इसकी हालत सही नहीं थी। परिजन इसे सीधे सरकारी अस्पताल लाने के बजाय पहले एक निजी अस्पताल ले गए थे। इस वजह से युवक देरी से नालागढ़ अस्पताल पहुंचा।
डॉक्टर ने युवक का चेकअप किया था तथा कहा था कि उसे यहां से रेफर करना पड़ेगा। लेकिन रेफर करने से पहले ही युवक की मौत हो गई। युवक की मौत मल्टी ऑर्गेन फेल्यर की वजह से हुई है। इसके अलावा युवक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों का खुलासा होगा। युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी भिजवा दिया है।
ग्रामीणों ने किया थाने का घेराव
डॉक्टरों की लापरवाही से नाराज ग्रामीणों ने नालागढ़ चिकित्सालय से लेकर पुलिस स्टेशन तक जमकर नारेबाजी की। पुलिस स्टेशन जाकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अड़े रहे।
एसडीएम और डीएसपी नालागढ़ के आश्वासन के बावजूद भी थाना परिसर में ही लोग बैठे रहे। डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद लोग नारेबाजी करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। लोगों ने एसडीएम आशुतोष गर्ग को भी ज्ञापन सौंपा।
डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज : डीएसपी
डीएसपी साहिल अरोड़ा ने डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि की है। बताया कि लोगों को कार्रवाई का भरोसा दिया गया गया है। पुलिस मामले की उचित जांच करेगी और आवश्यक कार्रवाई अमल में लाएगी।