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परवाणू मंडी में कोविड-19 के बीच धीमा हुआ सेब कारोबार
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परवाणू(सोलन)। कोविड-19 महामारी के बीच सेब मंडी परवाणू के कारोबार पर भारी प्रभाव पड़ा है। अपर क्षेत्र के बागवान कोरोना के भय से परवाणू मंडी में अपने उत्पाद लाने को कतरा रहे हैं। यहां के बागवान पहाड़ी क्षेत्रों की मंडियों में ही अपने उत्पाद बेच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पिछले साल जुलाई माह तक करीब दो लाख बॉक्स सेब मंडी पहुंच गए थे। इस बार अभी तक करीब एक लाख बॉक्स ही आ पाए हैं। प्रदेश में कोविड महामारी के चलते हिमाचल के ऊपरी इलाके से बागवान परवाणू सेब मंडी में आने से कतरा रहे हैं।
अपने उत्पादों को प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बनाई सेब मंडियों में बेच रहे हैं। परवाणू सेब मंडी में कार्यरत आढ़ती हनी राठौर ने बताया कि इस साल कोविड महामारी के चलते राज्य के ऊपरी इलाके के किसान अपनी फसल परवाणू सेब मंडी के बजाय इलाके के ऊपरी हिस्सों में बनाई सेब मंडियों में अपना माल बेच रहे हैं। इस साल मंडी में चौपाल, कोटखाई, कुमारसेन, करसोग से बहुत कम बागवान अपना माल यहां ला रहे हैं जबकि पूरे देश के सभी हिस्सों से खरीदार यहां पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार छोटे-बड़ी करीब 60 से 70 गाड़ियां ही माल लेकर रोजाना मंडी पहुंच रही हैं जबकि पिछले साल 200 से 250 गाड़ियां रोज आती थीं।
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मंडी में कम पहुंच रहा सेब
परवाणू मार्केट कमेटी के कार्यकारी अधिकारी राजेश ने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते इस साल मंडी में सेब का व्यापार धीमा चल रहा है। इसमें बहुत कम खेप सेब की पहुंच रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल मार्केट फीस में भी भारी कमी आई है। इन दिनों रॉयल सेब तीन हजार, गोल्डन 1200, रेड गोल्डन 1400 रुपये की पेटी बिक रही है। इसके अलावा सेब मंडी को दिन में तीन बार सैनिटाइज किया जा रहा।
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जानकारी के अनुसार पिछले साल जुलाई माह तक करीब दो लाख बॉक्स सेब मंडी पहुंच गए थे। इस बार अभी तक करीब एक लाख बॉक्स ही आ पाए हैं। प्रदेश में कोविड महामारी के चलते हिमाचल के ऊपरी इलाके से बागवान परवाणू सेब मंडी में आने से कतरा रहे हैं।
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अपने उत्पादों को प्रदेश के ऊपरी इलाकों में बनाई सेब मंडियों में बेच रहे हैं। परवाणू सेब मंडी में कार्यरत आढ़ती हनी राठौर ने बताया कि इस साल कोविड महामारी के चलते राज्य के ऊपरी इलाके के किसान अपनी फसल परवाणू सेब मंडी के बजाय इलाके के ऊपरी हिस्सों में बनाई सेब मंडियों में अपना माल बेच रहे हैं। इस साल मंडी में चौपाल, कोटखाई, कुमारसेन, करसोग से बहुत कम बागवान अपना माल यहां ला रहे हैं जबकि पूरे देश के सभी हिस्सों से खरीदार यहां पहुंच चुके हैं। उन्होंने बताया कि इस बार छोटे-बड़ी करीब 60 से 70 गाड़ियां ही माल लेकर रोजाना मंडी पहुंच रही हैं जबकि पिछले साल 200 से 250 गाड़ियां रोज आती थीं।
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मंडी में कम पहुंच रहा सेब
परवाणू मार्केट कमेटी के कार्यकारी अधिकारी राजेश ने बताया कि कोविड-19 महामारी के चलते इस साल मंडी में सेब का व्यापार धीमा चल रहा है। इसमें बहुत कम खेप सेब की पहुंच रही है। पिछले साल की तुलना में इस साल मार्केट फीस में भी भारी कमी आई है। इन दिनों रॉयल सेब तीन हजार, गोल्डन 1200, रेड गोल्डन 1400 रुपये की पेटी बिक रही है। इसके अलावा सेब मंडी को दिन में तीन बार सैनिटाइज किया जा रहा।