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Solan News: पिंजौर-नालागढ़ नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य ठप, उद्योगपतियों ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
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पिंजौर–नालागढ़ नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य ठप होने के कारण गड्ढे में भरा पानी। संवाद
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9 अप्रैल को होगी सुनवाई,हाईवे की खस्ता हालत से टूटी उद्योगपतियों की कमर
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। पिंजौर-नालागढ़ को जोड़ने वाले लगभग 33 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे-105 की जर्जर हालत ने उद्योगपतियों, स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ा रखी हैं। पिछले एक वर्ष से इस हाईवे पर निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। विभाग की ओर से 15 बार टेंडर आमंत्रित किए जाने के बावजूद किसी भी कंपनी को अभी तक कार्य आवंटित नहीं हो पाया है। लगातार टेंडर प्रक्रिया के विफल होने से नाराज बीबीएन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने अब हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है। जून 2025 में पटेल कंपनी ने हाईवे निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिया था। इसके बाद से आज तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया। हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी सड़क और कई स्थानों पर पानी भरने से यह मार्ग हादसों और जाम का कारण बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पिछले एक वर्ष में 17 बार टेंडर खोल चुका है, पर हर बार यह किसी न किसी कारण रद्द हो जाता है। लगातार असफल हो रही प्रक्रिया से तंग आकर उद्योगपतियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उधर, उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत सिंह गुलेरिया ने कहा कि बीबीएन की खस्ताहाल सड़कों ने उद्योगपतियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब हालत से मशीनरी डैमेज हो रही है, तैयार माल समय पर नहीं पहुंच पाता। इस कारण उद्योगों का संचालन मुश्किल हो गया है। विभाग और सरकार से केवल आश्वासन ही मिले हैं, जमीन पर काम कहीं नहीं दिख रहा। इसलिए मजबूर होकर उन्हें हाई्कोर्ट की शरण लेनी पड़ी है, जिसकी सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। पिंजौर-नालागढ़ को जोड़ने वाले लगभग 33 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे-105 की जर्जर हालत ने उद्योगपतियों, स्थानीय लोगों और रोजाना सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों की परेशानियां बढ़ा रखी हैं। पिछले एक वर्ष से इस हाईवे पर निर्माण कार्य पूरी तरह ठप है। विभाग की ओर से 15 बार टेंडर आमंत्रित किए जाने के बावजूद किसी भी कंपनी को अभी तक कार्य आवंटित नहीं हो पाया है। लगातार टेंडर प्रक्रिया के विफल होने से नाराज बीबीएन इंडस्ट्री एसोसिएशन ने अब हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसकी सुनवाई 9 अप्रैल को निर्धारित की गई है। जून 2025 में पटेल कंपनी ने हाईवे निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ दिया था। इसके बाद से आज तक निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो पाया। हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढे, टूटी सड़क और कई स्थानों पर पानी भरने से यह मार्ग हादसों और जाम का कारण बना हुआ है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग पिछले एक वर्ष में 17 बार टेंडर खोल चुका है, पर हर बार यह किसी न किसी कारण रद्द हो जाता है। लगातार असफल हो रही प्रक्रिया से तंग आकर उद्योगपतियों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उधर, उद्योग एसोसिएशन के अध्यक्ष यशवंत सिंह गुलेरिया ने कहा कि बीबीएन की खस्ताहाल सड़कों ने उद्योगपतियों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब हालत से मशीनरी डैमेज हो रही है, तैयार माल समय पर नहीं पहुंच पाता। इस कारण उद्योगों का संचालन मुश्किल हो गया है। विभाग और सरकार से केवल आश्वासन ही मिले हैं, जमीन पर काम कहीं नहीं दिख रहा। इसलिए मजबूर होकर उन्हें हाई्कोर्ट की शरण लेनी पड़ी है, जिसकी सुनवाई 9 अप्रैल को होगी।