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Solan News: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जोघों के हाल, एक चिकित्सक के सहारे दो दर्जन पंचायतें
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नालागढ़ के जोघो में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन- संवाद
लोगों ने पीएचसी का दर्जा बढ़ाने की उठाई मांग, स्त्री रोग विशेषज्ञ का पद भरने की उठाई मांग
गर्भवती महिलाएं जांच के लिए 16 किमी दूर नालागढ़ जाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के जोघों में खुले सबसे पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का अभी तक दर्जा नहीं बढ़ पाया है। यहां पर 70 से 80 की प्रतिदिन ओपीडी होती है। पहले यहां दो चिकित्सक तैनात थे, लेकिन अब लंबे समय से यहां पर ही चिकित्सक है। एक चिकित्सक को कहीं जाना पड़ जाए तो पीएचसी फार्मासिस्ट के सहारे चलती है। पूर्व विधायक लखविंद्र राणा ने कहा है कि भाजपा सरकार ने पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार के आते ही इसका दर्जा कम कर दिया। पीएचसी में प्रतिदिन 70 से 80 रोगी उपचार को आते हैं। यहां पर न तो एक्सरे की सुविधा है और न ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। रोगियों को एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए नालागढ़ रेफर किया जाता है। जोघों के पंचायत के पूर्व प्रधान अमरीक सिंह ने बताया कि यहां पर कोई विशेषज्ञ चिकित्सक का पद नहीं है। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए 16 किमी दूर नालागढ़ जाना पड़ता है। पहले यह डॉक्टरों के दो पद स्वीकृत थे, लेकिन कुछ समय पहले यहां से एक चिकित्सक के पद समाप्त कर दिया है। नालागढ़ क्षेत्र का सबसे पुराने स्वास्थ्य संस्थान होने के बावजूद इसकी अनदेखी हो रही है। यहां पर चंगर क्षेत्र की दो दर्जन पंचायतों के लिए उपचार के लिए आते हैं लेकिन यहां पर सुविधाओं के अभाव के चलते उन्हें अन्य संस्थानों में जाना पड़ता है। समाज सेवक जय चंद शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को भी उपचार के लिए नालागढ़ जाना पड़ता है। यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात करना चाहिए। इससे गर्भवती व महिलाओं को उपचार के लिए नहीं भटकना पड़े। यहां पर दो हेल्थ सुपरवाइजर के पद खाली हैं। पहले पुरुष हेल्थ सुपरवाइजर थे, लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति के बाद यहां पर कोई नहीं आया है। उन्होंने यहा पर मेल व फीमेल हेल्थ सुपरवाइजर तैनात करने की मांग रखी है। उधर, नालागढ़ की बीएमओ डॉ. कविराज नेगी ने बताया कि चिकित्सालय में रिक्त पद भरने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। जैसे ही नई नियुक्ति होती है तो पीएचसी जोघों में स्टाॅफ भेजा जाएगा।
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गर्भवती महिलाएं जांच के लिए 16 किमी दूर नालागढ़ जाने को मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़(सोलन)। नालागढ़ के जोघों में खुले सबसे पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) का अभी तक दर्जा नहीं बढ़ पाया है। यहां पर 70 से 80 की प्रतिदिन ओपीडी होती है। पहले यहां दो चिकित्सक तैनात थे, लेकिन अब लंबे समय से यहां पर ही चिकित्सक है। एक चिकित्सक को कहीं जाना पड़ जाए तो पीएचसी फार्मासिस्ट के सहारे चलती है। पूर्व विधायक लखविंद्र राणा ने कहा है कि भाजपा सरकार ने पीएचसी का दर्जा बढ़ाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर दिया था, लेकिन कांग्रेस सरकार के आते ही इसका दर्जा कम कर दिया। पीएचसी में प्रतिदिन 70 से 80 रोगी उपचार को आते हैं। यहां पर न तो एक्सरे की सुविधा है और न ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा है। रोगियों को एक्सरे व अल्ट्रासाउंड के लिए नालागढ़ रेफर किया जाता है। जोघों के पंचायत के पूर्व प्रधान अमरीक सिंह ने बताया कि यहां पर कोई विशेषज्ञ चिकित्सक का पद नहीं है। गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए 16 किमी दूर नालागढ़ जाना पड़ता है। पहले यह डॉक्टरों के दो पद स्वीकृत थे, लेकिन कुछ समय पहले यहां से एक चिकित्सक के पद समाप्त कर दिया है। नालागढ़ क्षेत्र का सबसे पुराने स्वास्थ्य संस्थान होने के बावजूद इसकी अनदेखी हो रही है। यहां पर चंगर क्षेत्र की दो दर्जन पंचायतों के लिए उपचार के लिए आते हैं लेकिन यहां पर सुविधाओं के अभाव के चलते उन्हें अन्य संस्थानों में जाना पड़ता है। समाज सेवक जय चंद शर्मा ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को भी उपचार के लिए नालागढ़ जाना पड़ता है। यहां पर स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात करना चाहिए। इससे गर्भवती व महिलाओं को उपचार के लिए नहीं भटकना पड़े। यहां पर दो हेल्थ सुपरवाइजर के पद खाली हैं। पहले पुरुष हेल्थ सुपरवाइजर थे, लेकिन उनकी सेवानिवृत्ति के बाद यहां पर कोई नहीं आया है। उन्होंने यहा पर मेल व फीमेल हेल्थ सुपरवाइजर तैनात करने की मांग रखी है। उधर, नालागढ़ की बीएमओ डॉ. कविराज नेगी ने बताया कि चिकित्सालय में रिक्त पद भरने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। जैसे ही नई नियुक्ति होती है तो पीएचसी जोघों में स्टाॅफ भेजा जाएगा।