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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   Budget of Rs 75.77 lakh released to vocational schools

Solan News: वोकेशनल स्कूलों को 75.77 लाख रुपये का बजट जारी

Wed, 18 Sep 2024 11:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन Updated Wed, 18 Sep 2024 11:43 PM IST
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जिले के 217 स्कूलों में चल रही वोकेशनल गतिविधियां
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छठी से आठवीं के बच्चों को भी दिया जा रहा तकनीकी ज्ञान
तकनीकी ज्ञान के लिए शैक्षणिक भ्रमण भी करेंगे विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों में वोकेशनल और प्री-वोकेशनल शिक्षा के लिए 75.77 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है। विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है। इसके तहत जिले में वोकेशनल शिक्षा के तहत कुल 217 स्कूल शामिल किए हैं। इसमें 105 में वोकेशनल और 112 स्कूलों में प्री वोकेशनल गतिविधियां चल रही हैं। जारी बजट सभी स्कूलों में वितरित किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार जिले के 112 स्कूलों में छठी से आठवीं कक्षा तक प्री-वोकेशनल शिक्षा के तहत तकनीकी ज्ञान दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को कृषि समेत अन्य तकनीकी ज्ञान के लिए डीएमआर, नौणी विवि, उद्योगों समेत अन्य शैक्षणिक संस्थानों का भ्रमण करवाया जा रहा है। जबकि वोकेशनल विषय में विद्यार्थियों को जिस विषय के बारे में पढ़ाया जा रहा है, उसके बारे में तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। जैसे सोलन में मशरूम की खेती, टमाटर, लहसुन, सेब के संबंध में जानकारी सहित तकनीकी शिक्षा भी दी जा रही है। विभाग की ओर से जारी बजट संबंधित प्रशिक्षण पर खर्च किया जाएगा।
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डाइट मीडिया प्रभारी पंकज धौटा ने बताया कि विद्यार्थियों को वोकेशनल विषय का तकनीकी ज्ञान प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। जिला सोलन में टूरिज्म, ब्यूटी एंड वैलनेस, कृषि, बागवानी, टेलीकॉम समेत अन्य दस विषयों का तकनीकी ज्ञान प्रदान किया जाएगा। जबकि छोटी कक्षाओं में वोकेशनल विषयों की जानकारी प्रदान की जा रही है।
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समग्र शिक्षा के जिला अधिकारी एवं डाइट सोलन के प्रिसिंपल डॉ. शिवकुमार ने बताया कि छठी से आठवीं के विद्यार्थियों के बीच प्री-वोकेशनल एजुकेशन शुरू करने का मकसद उन्हें वोकेशनल कोर्स के प्रति प्रेरित करना है, ताकि वे आगे चलकर वोकेशनल कोर्स को चुन सकें। वर्तमान में वोकेशनल शिक्षा की जरूरत है, ताकि बच्चों को कौशल विकास के कई विषयों में प्रशिक्षित किया जा सके। इसके लिए बच्चों को वहीं के क्षेत्रों में आर्ट एंड क्राफ्ट का काम कर रहे लोगों से भी मिलवाया जाएगा। इंटर्नशिप कार्यक्रम, एक्सपर्ट लेक्चर व वर्कशाप को लेकर चयनित स्कूलों में ग्रांट भी जारी की गई है।
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