{"_id":"6202a5cf9fd8da3bae678db7","slug":"bridge-washed-solan-news-sml398994234","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनडी गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पुल बहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनडी गांव को जोड़ने वाला अस्थायी पुल बहा
विज्ञापन
पुल के अभाव में अपने बच्चे को नदी पार करवाती हुई महिला। संवाद
- फोटो : SOLAN
बरोटीवाला (सोलन)। किशनपुरा पंचायत के मलकूमाजरा से चुनड़ी गांव के लिए सरसा नदी में बना अस्थायी पुल बह गया है। इससे लोगों को अब नदी पार करके मुख्य मार्ग तक आना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने स्थायी पुल बनाने की मांग को लेकर सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। यह मार्ग चुनड़ी गांव होते हुए पंजाब में मिलता है। रोपड़ जाने के लिए सबसे नजदीकी मार्ग है।
ग्रामीणों गीता देवी, गुरचरण सिंह व सतनाम सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक लोगों ने सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि पंचायत व ग्रामीण अपने स्तर पर सरसा नदी में बड़े पाइप दबाकर उसके ऊपर मिट्टी डालकर अस्थायी पुल का निर्माण करते हैं लेकिन हर बरसात में पुल बह जाता है। दो दिन पूर्व भी यह पुल बह गया है और अब लोगों को पानी से होकर मलपुर व किशनपुरा आदि स्थानों पर आना-जाना पड़ता है। स्कूली बच्चों को ठंडे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। नदी पार चुनरी गांव के दर्जनों परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत चुनाव का भी उन्होंने पुल न बनाए जाने पर बहिष्कार किया था लेकिन भाजपा के कुछ नेताओं ने उन्हें पुल बनाने का आश्वासन दिया जिसके बाद उन्होंने चुनाव में वोट डाले लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या हल नहीं हो पाई है।
उधर, किशनपुरा पंचायत के प्रधान सुरजन सैणी ने कहा कि पहले भी उन्होंने दो बार अस्थायी पुल बनाया है लेकिन बरसात आने पर यह बह जाता है। इस पुल को फिर से बनवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों गीता देवी, गुरचरण सिंह व सतनाम सिंह के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक लोगों ने सरकार व विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि पंचायत व ग्रामीण अपने स्तर पर सरसा नदी में बड़े पाइप दबाकर उसके ऊपर मिट्टी डालकर अस्थायी पुल का निर्माण करते हैं लेकिन हर बरसात में पुल बह जाता है। दो दिन पूर्व भी यह पुल बह गया है और अब लोगों को पानी से होकर मलपुर व किशनपुरा आदि स्थानों पर आना-जाना पड़ता है। स्कूली बच्चों को ठंडे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। नदी पार चुनरी गांव के दर्जनों परिवार इस समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत चुनाव का भी उन्होंने पुल न बनाए जाने पर बहिष्कार किया था लेकिन भाजपा के कुछ नेताओं ने उन्हें पुल बनाने का आश्वासन दिया जिसके बाद उन्होंने चुनाव में वोट डाले लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी समस्या हल नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
उधर, किशनपुरा पंचायत के प्रधान सुरजन सैणी ने कहा कि पहले भी उन्होंने दो बार अस्थायी पुल बनाया है लेकिन बरसात आने पर यह बह जाता है। इस पुल को फिर से बनवा दिया जाएगा।
विज्ञापन