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अश्वनी खड्ड में पर्यटन कारोबार पर प्रतिबंध
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सोलन। उपायुक्त ने अश्वनी खड्ड के आसपास सभी अनधिकृत पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके लिए उपायुक्त सोलन कृतिका कुल्हारी ने संबंधित क्षेत्रों पर धारा 144 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए हैं। कोविड के बीच पर्यटकों को हिमाचल में प्रवेश की मिली छूट के बाद दिन प्रतिदिन पर्यटन स्थलों पर बाहरी राज्यों के लोगों की आवाजाही हो रही है। इस बीच कुछ कारोबारियों ने तपती धूप के बीच पर्यटकों को लुभाने के लिए खड्ड किनारे कई ढाबे समेत अन्य व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी हैं। लेकिन इसके कारण खड्ड में गंदगी फैल रही है।
सोलन के अश्वनी खड्ड, साधुपुल समेत अन्य क्षेत्रों में भी यही हाल है। पर्यटक भारी संख्या में गाड़ियों समेत खड्ड में पहुंच रहे हैं। उपायुक्त के आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थान जहां जल के दूषित होने की संभावना है, वहां खान-पान स्टाल, क्योस्क, ढाबा, होटल चलाने और स्थापित करने पर प्रतिबंध रहेगा। खड्ड में नहाना और पिकनिक गतिविधियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इनसेट
खड्ड किनारे कचरा फेंकने पर भी होगी कार्रवाई
खड्ड किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फेंकने की सख्त मनाही है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन शहर और आसपास के क्षेेत्रों के लिए पेयजल का स्रोत अश्वनी खड्ड है और पिकनिक जैसी गतिविधियां आयोजित कर जल स्रोत को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि से ऐसी गतिविधियां जानमाल की बड़ी क्षति का कारण भी बन सकती हैं। इन आदेशों के उल्लंघन पर दोषियों के विरुद्ध विधि कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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सोलन के अश्वनी खड्ड, साधुपुल समेत अन्य क्षेत्रों में भी यही हाल है। पर्यटक भारी संख्या में गाड़ियों समेत खड्ड में पहुंच रहे हैं। उपायुक्त के आदेशों के अनुसार अश्वनी खड्ड के किनारे ऐसे स्थान जहां जल के दूषित होने की संभावना है, वहां खान-पान स्टाल, क्योस्क, ढाबा, होटल चलाने और स्थापित करने पर प्रतिबंध रहेगा। खड्ड में नहाना और पिकनिक गतिविधियां आयोजित करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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खड्ड किनारे कचरा फेंकने पर भी होगी कार्रवाई
खड्ड किनारों अथवा जल में किसी भी प्रकार का कचरा फेंकने की सख्त मनाही है। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि सोलन शहर और आसपास के क्षेेत्रों के लिए पेयजल का स्रोत अश्वनी खड्ड है और पिकनिक जैसी गतिविधियां आयोजित कर जल स्रोत को दूषित करने का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधियां स्वास्थ्य के लिए घातक सिद्ध हो सकती हैं। नदी के जल स्तर में अचानक वृद्धि से ऐसी गतिविधियां जानमाल की बड़ी क्षति का कारण भी बन सकती हैं। इन आदेशों के उल्लंघन पर दोषियों के विरुद्ध विधि कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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