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Solan News: कामगारों को ईएसआईसी, ईपीएफ योजनाओं की दी जानकारी
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झाड़माजरी में कामगारों के लिए लगाया जागरुकता शिविरसंवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। ईएसआई, ईपीएफ और श्रम विभाग ने झाड़माजरी की कंपनी में बुधवार को जागरुकता शिविर लगाया। योजनाओं की जानकारी कामगारों को दी गई ताकि वे इनका लाभ उठा सकें।
शिविर में ईएसआईसी के शाखा प्रबंधक अलोक रंजन ने कहा कि जो कामगार 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाते हैं वे पहले ही दिन से खुद तथा परिवार के चिकित्सा लाभ के पात्र हैं। पहले ही दिन से कामगार जब अपने निवास स्थान से ड्यूटी पर आता है और ड्यूटी करने के बाद जब अपने निवास स्थान पर आता है तो इस पूरी अवधि के दौरान यदि बीमित दुर्घटनाग्रस्त होता है तो उसे पूर्ण उपचार निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। अंग भंग होने आजीवन पेंशन मिलती है। मृत्यु की दशा में आश्रितों को आजीवन पेंशन मिलती है। ईपीएस के इंफ्रोस्मेट ऑफिसर दीपक शर्मा ने कहा कि ईपीएफ में पंजीकृत कर्मचारी को मृत्यु के मामले में ईडीएलआई योजना के तहत 2 लाख 50 हजार रुपये से 4 लाख तक की राशि एकमुश्त बीमा की रूप में दी जाती है। उन्होंने कहा कि कामगार को आवास निर्माण, आवास मरम्मत, शादी, बच्चों की पढ़ाई व बीमारी की दशा में अग्रिम राशि देने का प्रावधान है। कर्मचारी अपना ईपीएफ निकलवाने के लिए अपनी नौकरी छोड़कर दोबारा नौकरी करने का प्रयास न करें। उससे उनकी पेंशन में बहुत फर्क पड़ता है। श्रम अधिकारी सुरेंद्र बिष्ठ ने कहा कि सरकार ने असंगठित मजदूरों के लिए बहुत ही लाभकारी योजना चलाई है जोकि 18 से 60 साल तक के कामगारों पर लागू है। एक साल में कुल 90 दिन विभिन्न मालिकों के अधीन काम करने पर उन्हें सभी लाभ मिलेंगे। इनमें मृत्यु हित लाभ, दुर्घटना हितलाभ, दाह संस्कार हितलाभ, संतान शिक्षा हितलाभ, प्रसूती हितलाभ आदि शामिल हैं।
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बद्दी (सोलन)। ईएसआई, ईपीएफ और श्रम विभाग ने झाड़माजरी की कंपनी में बुधवार को जागरुकता शिविर लगाया। योजनाओं की जानकारी कामगारों को दी गई ताकि वे इनका लाभ उठा सकें।
शिविर में ईएसआईसी के शाखा प्रबंधक अलोक रंजन ने कहा कि जो कामगार 21 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाते हैं वे पहले ही दिन से खुद तथा परिवार के चिकित्सा लाभ के पात्र हैं। पहले ही दिन से कामगार जब अपने निवास स्थान से ड्यूटी पर आता है और ड्यूटी करने के बाद जब अपने निवास स्थान पर आता है तो इस पूरी अवधि के दौरान यदि बीमित दुर्घटनाग्रस्त होता है तो उसे पूर्ण उपचार निशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। अंग भंग होने आजीवन पेंशन मिलती है। मृत्यु की दशा में आश्रितों को आजीवन पेंशन मिलती है। ईपीएस के इंफ्रोस्मेट ऑफिसर दीपक शर्मा ने कहा कि ईपीएफ में पंजीकृत कर्मचारी को मृत्यु के मामले में ईडीएलआई योजना के तहत 2 लाख 50 हजार रुपये से 4 लाख तक की राशि एकमुश्त बीमा की रूप में दी जाती है। उन्होंने कहा कि कामगार को आवास निर्माण, आवास मरम्मत, शादी, बच्चों की पढ़ाई व बीमारी की दशा में अग्रिम राशि देने का प्रावधान है। कर्मचारी अपना ईपीएफ निकलवाने के लिए अपनी नौकरी छोड़कर दोबारा नौकरी करने का प्रयास न करें। उससे उनकी पेंशन में बहुत फर्क पड़ता है। श्रम अधिकारी सुरेंद्र बिष्ठ ने कहा कि सरकार ने असंगठित मजदूरों के लिए बहुत ही लाभकारी योजना चलाई है जोकि 18 से 60 साल तक के कामगारों पर लागू है। एक साल में कुल 90 दिन विभिन्न मालिकों के अधीन काम करने पर उन्हें सभी लाभ मिलेंगे। इनमें मृत्यु हित लाभ, दुर्घटना हितलाभ, दाह संस्कार हितलाभ, संतान शिक्षा हितलाभ, प्रसूती हितलाभ आदि शामिल हैं।
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