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Solan News: रैपिडो के खिलाफ ऑटो चालकों का प्रदर्शन, दो घंटे तक नहीं मिली सुविधा

Wed, 21 Jan 2026 11:49 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 11:49 PM IST
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उपायुक्त कार्यालय के बाहर दिया धरना, नारेबाजी की
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टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के सदस्य भी रहे मौजूद, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
रैपिडो और ब्ला-ब्ला के कारण कम हो गई आमदनी, आ रहीं दिक्कतें
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। शहर में रैपिडो के खिलाफ ऑटो और टैक्सी चालकों ने मोर्चा खोल दिया है। रैपिडो का विरोध कर रहे चालकों ने करीब डेढ़ घंटा तक ऑटो नहीं चलाए और विरोध प्रदर्शन किया। इसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग पैदल ही बाईपास से पुराने उपायुक्त चौक और बस स्टैंड तक पहुंचे। इसी तरह राजगढ़ रोड पर भी ऑटो नहीं चले। सोलन में सुबह 11:00 से दोपहर 12:50 बजे तक ऑटो संचालन ठप रहा।
ऑटो चालकों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। इस दौरान उपायुक्त कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया गया और नारेबाजी भी हुई। धरने में टैक्सी ऑपरेटर यूनियनों ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त मनमोहन शर्मा को रैपिडो और ब्ला-ब्ला की ओर से ढोयी जा रही सवारियों के खिलाफ तुरंत रोक लगाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
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मां शूलिनी ऑटो यूनियन, बघाट टैक्सी यूनियन और मां शूलिनी टैक्सी यूनियन के सदस्य सुबह 11:00 बजे नए बस स्टैंड के समीप एकत्र हुए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए उपायुक्त कार्यालय की ओर मार्च किया। उपायुक्त कार्यालय परिसर में पहुंचकर सभी यूनियनों ने एकजुट होकर विरोध जताया और ज्ञापन सौंपा। यूनियनों ने आरोप लगाया कि रैपिडो, ब्ला-ब्ला समेत अन्य एप निजी वाहनों का व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। सफेद नंबर प्लेट वाले वाहन खुलेआम व्यवसाय कर रहे हैं, जिससे पीली नंबर प्लेट वाले ऑटो और टैक्सी चालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो वे भी पीली नंबर प्लेट हटाकर सफेद नंबर प्लेट लगाकर काम करने को मजबूर होंगे।
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यूनियनों का कहना है कि जब से जिला मुख्यालय में इस तरह की गतिविधियां बढ़ी हैं, तब से उनकी आमदनी पर सीधा असर पड़ा है। वे सरकार को टैक्स देते हैं, जबकि एप से कारोबार करने वालों पर कोई टैक्स लागू नहीं हो रहा। इससे सरकारी खजाने को भी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध व्यापार को बढ़ावा देने वालों पर जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। केंद्र सरकार की ओर से ऐसी एप के लिए नियम बनाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन अभी तक स्पष्ट नियम लागू नहीं हो पाए हैं। इससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
ऑटो यूनियन के प्रधान धर्मपाल ठाकुर ने बताया कि उपायुक्त ने उनकी बात को गंभीरता से सुना है और कार्रवाई का आश्वासन भी दिया है। उन्होंने कहा कि निजी वाहनों में सवारियां ढोने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इससे यात्रियों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है। दुर्घटना की स्थिति में बीमा, मुआवजा और जवाबदेही को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रहती। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अनधिकृत रूप से चल रहे वाहनों में सफर न करें।

डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट से बातचीत की है। इसके लिए नियम तैयार कर लिए हैं और सरकार को भेजे जा चुके हैं। अवैध रूप से निजी वाहनों में सवारियां बैठाने की अनुमति नहीं है। पुलिस भी इस दिशा में कार्रवाई कर रही है।
-मनमोहन शर्मा, उपायुक्त, सोलन
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