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Solan News: क्षेत्रीय अस्पताल में एक दवा काउंटर, कतारें तीन
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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में दवा काउंटर पर लगी मरीजों की कतारें। संवाद
दो दिन बाद अस्पताल खुलते ही उमड़ी भीड़, आधे घंटे तक करना पड़ा इंतजार
तीन में से दो पर्ची काउंटर ही चल रहे, फीस के लिए भी एक ही काउंटर
मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
अस्पताल में फार्मासिस्ट के पांच पद खाली, बुजुर्ग भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को उम्मीद रहती है कि पर्ची बनवाने, जांच करवाने और दवाएं लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी, लेकिन क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इन कामों के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। मंगलवार को दो दिन बाद अस्पताल खुलते ही पर्ची, फीस और दवा काउंटरों पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। दवा लेने के लिए एक ही काउंटर पर तीन कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि मरीजों को करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा और बुजुर्गों को भी प्राथमिकता नहीं मिल पाई।
अस्पताल में मरीजों की परेशानी का एक बड़ा कारण कर्मचारियों की कमी और उपलब्ध काउंटरों का पूरी क्षमता से संचालित नहीं होना है। पर्ची बनाने के लिए तीन काउंटर हैं, लेकिन रोजाना केवल दो ही चलते हैं। तीसरा काउंटर कई-कई दिनों तक बंद रहता है। वहीं, जांच करवाने वाले मरीजों के बिल काटने के लिए केवल एक फीस काउंटर है। ऐसे में अलग-अलग जरूरतों के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
दो दवा काउंटर, लेकिन एक पर ही निर्भर मरीज
अस्पताल में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दो दवा काउंटर हैं, लेकिन फार्मासिस्ट की कमी के चलते पुरुषों के लिए निर्धारित काउंटर बंद रहता है। इसका सीधा असर दवा लेने पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों को एक ही काउंटर से दवाएं लेनी पड़ती हैं। मंगलवार को भी यही स्थिति देखने को मिली, जब एक काउंटर पर तीन कतारें लगने से मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
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12 में से पांच फार्मासिस्ट के पद खाली
क्षेत्रीय अस्पताल में फार्मासिस्ट के 12 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल सात पद भरे हुए हैं। पांच पद खाली होने के कारण दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अस्पताल में दवा काउंटर पर एक समय में दो फार्मासिस्ट की जरूरत होती है। इसके अलावा दो फार्मासिस्ट आपातकालीन वार्ड और इंजेक्शन रूम में ड्यूटी देते हैं।
शेष कर्मचारियों को वार्डों, ऑपरेशन थियेटर, वीआईपी ड्यूटी और दवाओं की आपूर्ति जैसे कार्यों की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। ऐसे में कर्मचारियों की सीमित संख्या के बीच सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाना चुनौती बन रहा है। इसका खामियाजा अंततः मरीजों को लंबी कतारों और इंतजार के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
नया अस्पताल बनने से पहले कर्मचारियों की व्यवस्था जरूरी
क्षेत्रीय अस्पताल में कर्मचारियों की कमी ऐसे समय में सामने आ रही है, जब शहर में नया अस्पताल बनाने की दिशा में काम चल रहा है। मरीजों का कहना है कि नए अस्पताल में मौजूदा क्षेत्रीय अस्पताल की तुलना में करीब दोगुने कर्मचारियों की जरूरत पड़ सकती है। यदि वहां भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं हुआ, तो मरीजों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
रिक्त पद भरने के लिए कहा
अस्पताल में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से कहा है। वर्तमान में फार्मासिस्टों की भी कमी है। रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके और मरीजों को राहत मिल सके।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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तीन में से दो पर्ची काउंटर ही चल रहे, फीस के लिए भी एक ही काउंटर
मरीजों को झेलनी पड़ रही परेशानी
अस्पताल में फार्मासिस्ट के पांच पद खाली, बुजुर्ग भी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। सुबह अस्पताल पहुंचने के बाद मरीजों को उम्मीद रहती है कि पर्ची बनवाने, जांच करवाने और दवाएं लेने की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी, लेकिन क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में इन कामों के लिए मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। मंगलवार को दो दिन बाद अस्पताल खुलते ही पर्ची, फीस और दवा काउंटरों पर मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। दवा लेने के लिए एक ही काउंटर पर तीन कतारें लग गईं। हालात ऐसे रहे कि मरीजों को करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा और बुजुर्गों को भी प्राथमिकता नहीं मिल पाई।
अस्पताल में मरीजों की परेशानी का एक बड़ा कारण कर्मचारियों की कमी और उपलब्ध काउंटरों का पूरी क्षमता से संचालित नहीं होना है। पर्ची बनाने के लिए तीन काउंटर हैं, लेकिन रोजाना केवल दो ही चलते हैं। तीसरा काउंटर कई-कई दिनों तक बंद रहता है। वहीं, जांच करवाने वाले मरीजों के बिल काटने के लिए केवल एक फीस काउंटर है। ऐसे में अलग-अलग जरूरतों के लिए अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है।
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दो दवा काउंटर, लेकिन एक पर ही निर्भर मरीज
अस्पताल में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दो दवा काउंटर हैं, लेकिन फार्मासिस्ट की कमी के चलते पुरुषों के लिए निर्धारित काउंटर बंद रहता है। इसका सीधा असर दवा लेने पहुंचने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। महिलाओं, पुरुषों और बुजुर्गों को एक ही काउंटर से दवाएं लेनी पड़ती हैं। मंगलवार को भी यही स्थिति देखने को मिली, जब एक काउंटर पर तीन कतारें लगने से मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
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12 में से पांच फार्मासिस्ट के पद खाली
क्षेत्रीय अस्पताल में फार्मासिस्ट के 12 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल सात पद भरे हुए हैं। पांच पद खाली होने के कारण दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। अस्पताल में दवा काउंटर पर एक समय में दो फार्मासिस्ट की जरूरत होती है। इसके अलावा दो फार्मासिस्ट आपातकालीन वार्ड और इंजेक्शन रूम में ड्यूटी देते हैं।
शेष कर्मचारियों को वार्डों, ऑपरेशन थियेटर, वीआईपी ड्यूटी और दवाओं की आपूर्ति जैसे कार्यों की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है। ऐसे में कर्मचारियों की सीमित संख्या के बीच सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाना चुनौती बन रहा है। इसका खामियाजा अंततः मरीजों को लंबी कतारों और इंतजार के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
नया अस्पताल बनने से पहले कर्मचारियों की व्यवस्था जरूरी
क्षेत्रीय अस्पताल में कर्मचारियों की कमी ऐसे समय में सामने आ रही है, जब शहर में नया अस्पताल बनाने की दिशा में काम चल रहा है। मरीजों का कहना है कि नए अस्पताल में मौजूदा क्षेत्रीय अस्पताल की तुलना में करीब दोगुने कर्मचारियों की जरूरत पड़ सकती है। यदि वहां भी पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं हुआ, तो मरीजों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
रिक्त पद भरने के लिए कहा
अस्पताल में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए उच्च अधिकारियों से कहा है। वर्तमान में फार्मासिस्टों की भी कमी है। रिक्त पदों को भरने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके और मरीजों को राहत मिल सके।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन