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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Arki fire tragedy: Even after a month, the remains do not have a DNA match with any relative.

अर्की अग्निकांड : एक माह बाद भी अवशेषों का किसी रिश्तेदार से डीएनए मेल नहीं

Tue, 10 Feb 2026 11:26 PM IST
शिमला ब्यूरो योगेश शर्मा, अर्की (सोलन)।
योगेश शर्मा, अर्की (सोलन)। Published by: शिमला ब्यूरो Updated Tue, 10 Feb 2026 11:26 PM IST
सार

अर्की में हुए भीषण अग्निकांड में मिले अवशेषों से मृतकों के किसी करीबी रिश्तेदार का डीएनए मेल नहीं खा पाया है। 

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Arki fire tragedy: Even after a month, the remains do not have a DNA match with any relative.
अर्की बाजार में भीषण अग्निकांड (फाइल फोटो)। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बीती 11 जनवरी को अर्की में हुए भीषण अग्निकांड में मिले अवशेषों से मृतकों के किसी करीबी रिश्तेदार का डीएनए मेल नहीं खा पाया है। इससे प्रशासन और पुलिस के समक्ष नई चुनौती खड़ी हो गई है। हिमाचल प्रदेश राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएल) जुन्गा ने इसको लेकर पुलिस को रिपोर्ट सौंपी है।

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रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस ने मृत महिला के पिता को नेपाल से बुलाया है। एसएफएल के चिकित्सकों ने उनका डीएनए सैंपल लिया। इसे मंगलवार को जुन्गा लैब भेज दिया है। अब महिला के सैंपल का मिलान किया जाएगा। यदि इस सैंपल का भी मिलान नहीं होता है, तो यह स्थिति प्रशासन और परिजनों के लिए और अधिक चिंताजनक हो सकती है।
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अर्की अग्निकांड को अब एक माह का समय बीत चुका है। इसके बावजूद लापता लोगों के परिजन अभी भी अपने स्वजनों के शव या अवशेष मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि वे अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म की रस्में पूरी कर सकें। डीएनए सैंपल का मिलान होने के बाद ही यह प्रक्रिया संभव हो पाएगी, क्योंकि एसएफएल जुन्गा से अवशेष तभी परिजनों को सौंपे जाएंगे। परिजनों को अब तक यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि कौन से अवशेष किस व्यक्ति के हैं।
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गौरतलब है कि 11 जनवरी की रात अर्की में भीषण अग्निकांड हुआ था। इस हादसे में पांच बच्चों सहित 10 प्रवासियों की मौत हो गई थी। इनमें दो नेपाली परिवारों के नौ सदस्य शामिल थे, जबकि एक युवक बिहार मूल का था। युवक की मौत झुलसने के बाद अस्पताल में हुई थी, जबकि नेपाली परिवारों के सदस्यों के केवल अवशेष ही बरामद हो पाए थे।

अग्निकांड के बाद तीन दिन तक सर्च अभियान चलाया गया। इसके बाद अवशेष मिले लेकिन स्पष्ट नहीं हो पाया था कि कौन सा अवशेष किसका है। इसके बाद एसएफएल जुन्गा की टीम ने दोनों परिवारों के परिजनों के डीएनए सैंपल लिए। इनमें से एक परिवार के सैंपल का मिलान नहीं हो सका। इसके चलते अब दोबारा नेपाली मूल की महिला का सैंपल भेजा गया है।

अग्निकांड में मिले अवशेषों से एक सैंपल का मिलान नहीं हो पाया है। एक महिला के पिता को नेपाल से बुलाया गया है। उनका डीएनए सैंपल लिया गया है। मंगलवार को सभी औपचारिकताएं पूरी कर सैंपल एसएफएल जुन्गा भेज दिया गया है। परिजनों के सैंपल मिलते ही अवशेष उन्हें सौंप दिए जाएंगे।- नवीन झाल्टा, डीएसपी, दाड़लाघाट
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