{"_id":"133-32466","slug":"Solan-32466-133","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन माह की शुगर डिटेल एक टेस्ट से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन माह की शुगर डिटेल एक टेस्ट से
Solan
Updated Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
तीन माह की शुगर डिटेल एक टेस्ट से
सोलन। मधुमेह एक जानलेवा बीमारी है। अब इसके बेहतर इलाज का टेस्ट सोलन क्षेत्रीय अस्पताल में शुरू हो गया है। यह टेस्ट एचबीएवनसी है। आईजीएमसी और पीजीआई की तर्ज पर मरीजों को सुविधा देने के लिए मशीन अस्पताल में स्थापित हो चुकी है। इसके माध्यम से रोगियों का तीन माह की शुगर डिटेल पता लग सकेगी। यह एक बिल्कुल नई तकनीक है। इससे पहले अस्पताल में आम शुगर टेस्ट ही होते थे। एचबीएनवनसी टेस्ट के लिए रोगियों को निजी लैब में 350 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। वहीं अब अस्पताल में टेस्ट करवाने का खर्चा 250 रुपये आएगा तथा एक घंटे के भीतर रोगियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। मशीन को लगाने की लागत एक लाख रुपये आई है।
आईजीएमसी के बाद सोलन में लगी मशीन
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब तक यह मशीन केवल आईजीएमसी शिमला में ही है। रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए या तो आईजीएमसी शिमला जाना पड़ता था या फिर पीजीआई चंडीगढ़। मगर अब रोगियों को सोलन में भी यह सुविधा मिलेगी।
सैकड़ों रोगियों को होगा लाभ
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में जिला के अतिरिक्त सिरमौर जिले के हरिपुरधार, नौहराधार, राजगढ़, हाब्बन, सराहंा आदि क्षेत्रों के सैकड़ों लोग प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं। सोलन में औसतन प्रतिदिन 1200 ओपीडी है। अब मधुमेह के रोगियों के घर द्वार में मिली इस सुविधा का काफी लाभ होगा।
विज्ञापन
मशीन से टेस्ट हुए शुरू : डा. बारिया
इस बारे में जिला चिकित्सा अधिकारी डा. आरके बारिया ने बताया कि एचबी ए1सी मशीन चालू कर दी गई है। मधुमेह का टेस्ट अब अस्पताल में ही मुहैया हो गया है। रोगियों को अब अन्यत्र भटकने की जरूरत नहीं है। सोलन अस्पताल में जिला भर और शिमला और नाहन के कुछ क्षेत्रों के लिए लोग पहुंचते हैं।
विज्ञापन
सोलन। मधुमेह एक जानलेवा बीमारी है। अब इसके बेहतर इलाज का टेस्ट सोलन क्षेत्रीय अस्पताल में शुरू हो गया है। यह टेस्ट एचबीएवनसी है। आईजीएमसी और पीजीआई की तर्ज पर मरीजों को सुविधा देने के लिए मशीन अस्पताल में स्थापित हो चुकी है। इसके माध्यम से रोगियों का तीन माह की शुगर डिटेल पता लग सकेगी। यह एक बिल्कुल नई तकनीक है। इससे पहले अस्पताल में आम शुगर टेस्ट ही होते थे। एचबीएनवनसी टेस्ट के लिए रोगियों को निजी लैब में 350 से 500 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। वहीं अब अस्पताल में टेस्ट करवाने का खर्चा 250 रुपये आएगा तथा एक घंटे के भीतर रोगियों को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। मशीन को लगाने की लागत एक लाख रुपये आई है।
आईजीएमसी के बाद सोलन में लगी मशीन
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अब तक यह मशीन केवल आईजीएमसी शिमला में ही है। रोगियों को टेस्ट करवाने के लिए या तो आईजीएमसी शिमला जाना पड़ता था या फिर पीजीआई चंडीगढ़। मगर अब रोगियों को सोलन में भी यह सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
सैकड़ों रोगियों को होगा लाभ
क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में जिला के अतिरिक्त सिरमौर जिले के हरिपुरधार, नौहराधार, राजगढ़, हाब्बन, सराहंा आदि क्षेत्रों के सैकड़ों लोग प्रतिदिन इलाज के लिए आते हैं। सोलन में औसतन प्रतिदिन 1200 ओपीडी है। अब मधुमेह के रोगियों के घर द्वार में मिली इस सुविधा का काफी लाभ होगा।
विज्ञापन
मशीन से टेस्ट हुए शुरू : डा. बारिया
इस बारे में जिला चिकित्सा अधिकारी डा. आरके बारिया ने बताया कि एचबी ए1सी मशीन चालू कर दी गई है। मधुमेह का टेस्ट अब अस्पताल में ही मुहैया हो गया है। रोगियों को अब अन्यत्र भटकने की जरूरत नहीं है। सोलन अस्पताल में जिला भर और शिमला और नाहन के कुछ क्षेत्रों के लिए लोग पहुंचते हैं।