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मलबे को नाले में गिराने के नाराज बातल पंचायत के ग्रामीण, नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
Updated Tue, 23 Jan 2018 06:12 PM IST
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मलबा नाले में फेंकने से बातल के ग्रामीण नाराज
नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पेयजल स्रोतों के दूषित होने और नई पौध नष्ट होने की शिकायत
नायब तहसीलदार ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, कार्रवाई की तैयारी में पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
कुनिहार (सोलन)।
अर्की उपमंडल के बातल चौक से शालाघाट तक सड़क को चौड़ा करने के लिए की कटाई के मलबे को नालों में फेंकने के खिलाफ बातल पंचायत के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। इस संदर्भ में शिकायत पत्र लेकर राकेश कुमार बीडीसी सदस्य की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल मोहन लाल शर्मा नायब तहसीलदार अर्की से मिला।
लोगों का कहना है कि ठेकेदार कटाई के पश्चात मलबा सरकारी भूमि और नालों में फेंक रहे हैं। यहां तक कि वन विभाग की नाक के नीचे वन चौकी और नर्सरी लाडे की बाएं के नाले और कॉलेज के पास के नाले में सड़क चौड़ी करने से निकले मलबे को गिराया जा रहा है। इसके बावजू प्रशासन मूकदर्शक बना है। लाडे की बाएं के पास मलबा फेंकने के कारण बातल पंचायत और बातल ग्राम को पेयजल उपलब्ध करवाने वाले जलस्रोत को दबने का खतरा हो गया है। जगह जगह नए उगने वाले पौधे खत्म होने व बड़े पेड़ सूखने लगे हैं।
ज्ञात रहे कि इस स्रोत का पानी बातल गांव के लोगों एवं पशुओं की पीने के पानी की जरूरत भी पूरी करता है। बातल गांव में स्थित प्राकृतिक स्रोत सूख जाता है। लेकिन वन विभाग एवं लोकनिर्माण विभाग की आंखें बंद हैं। वन विभाग मलबे के कारण जो पेड़ सूख गए हैं उन्हें कटवा रहा है।
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नायब तहसीलदार अर्की मोहन लाल शर्मा का कहना है कि उन्हें शिकायत पत्र मिला है। शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई करने के लिए पुलिस स्टेशन अर्की को भेज दिया गया है। थाना प्रभारी अर्की गंगा राम नेगी का कहना है कि शिकायत पत्र मिला है। मलबा गिराने वाले वाहनों के नंबर न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी है। जल्द ही इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।
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नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
पेयजल स्रोतों के दूषित होने और नई पौध नष्ट होने की शिकायत
नायब तहसीलदार ने पुलिस को सौंपी रिपोर्ट, कार्रवाई की तैयारी में पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
कुनिहार (सोलन)।
अर्की उपमंडल के बातल चौक से शालाघाट तक सड़क को चौड़ा करने के लिए की कटाई के मलबे को नालों में फेंकने के खिलाफ बातल पंचायत के लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। इस संदर्भ में शिकायत पत्र लेकर राकेश कुमार बीडीसी सदस्य की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल मोहन लाल शर्मा नायब तहसीलदार अर्की से मिला।
लोगों का कहना है कि ठेकेदार कटाई के पश्चात मलबा सरकारी भूमि और नालों में फेंक रहे हैं। यहां तक कि वन विभाग की नाक के नीचे वन चौकी और नर्सरी लाडे की बाएं के नाले और कॉलेज के पास के नाले में सड़क चौड़ी करने से निकले मलबे को गिराया जा रहा है। इसके बावजू प्रशासन मूकदर्शक बना है। लाडे की बाएं के पास मलबा फेंकने के कारण बातल पंचायत और बातल ग्राम को पेयजल उपलब्ध करवाने वाले जलस्रोत को दबने का खतरा हो गया है। जगह जगह नए उगने वाले पौधे खत्म होने व बड़े पेड़ सूखने लगे हैं।
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ज्ञात रहे कि इस स्रोत का पानी बातल गांव के लोगों एवं पशुओं की पीने के पानी की जरूरत भी पूरी करता है। बातल गांव में स्थित प्राकृतिक स्रोत सूख जाता है। लेकिन वन विभाग एवं लोकनिर्माण विभाग की आंखें बंद हैं। वन विभाग मलबे के कारण जो पेड़ सूख गए हैं उन्हें कटवा रहा है।
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नायब तहसीलदार अर्की मोहन लाल शर्मा का कहना है कि उन्हें शिकायत पत्र मिला है। शिकायत की जांच कर उचित कार्रवाई करने के लिए पुलिस स्टेशन अर्की को भेज दिया गया है। थाना प्रभारी अर्की गंगा राम नेगी का कहना है कि शिकायत पत्र मिला है। मलबा गिराने वाले वाहनों के नंबर न होने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी है। जल्द ही इस दिशा में उचित कदम उठाए जाएंगे।