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परवाणू में गोलीकांड की जांच पर महिलाओं ने उठाए सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
परवाणू (सोलन)। यूनियन विवाद के चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ के आरोप में अमरनाथ शर्मा के पुत्र प्रमोद शर्मा के साथ घनश्याम व शेर सिंह को हिरासत में लिया है। धगड़ अंबोटा की महिलाओं व स्थानीय लोगों ने इसका विरोध जताया।
बुधवार को धगड़ अंबोटा की महिलाओं ने पुलिस व सरकार से इंसाफ की मांग की। महिला मंडल अध्यक्ष ऋतु ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस एकपक्ष में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रमोद शर्मा जोकि घटना के समय अपने सेक्टर तीन स्थित कार्यालय में मौजूद था। उन्हें जानबूझ कर वहां से उठाया गया। इतना ही नहीं घनश्याम जोकि प्रमोद शर्मा का साला है उसे भी जबरन हिरासत में ले लिया। महिलाओं का कहना है कि धगड़ वासियों की ओर से दी गई शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती और न ही किसी शिकायत पर हरदीप बावा या उसके गुट के किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होती है। महिलाओं ने कहा कि पुलिस ने प्रमोद को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्हें यहां से धर्मपुर थाने भेज दिया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के प्रमोद शर्मा के साथ अन्य दो लोगों को पुलिस ने बावा की शिकायत पर हिरासत में ले लिया। लेकिन, सेक्टर एक स्थित सोसायटी के दफ्तर में बावा के लोगों द्वारा की गई तोड़फोड़ की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिलाओं ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन व सरकार ने इंसाफ नहीं किया तो मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ेगा।
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परवाणू (सोलन)। यूनियन विवाद के चलते पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तोड़फोड़ के आरोप में अमरनाथ शर्मा के पुत्र प्रमोद शर्मा के साथ घनश्याम व शेर सिंह को हिरासत में लिया है। धगड़ अंबोटा की महिलाओं व स्थानीय लोगों ने इसका विरोध जताया।
बुधवार को धगड़ अंबोटा की महिलाओं ने पुलिस व सरकार से इंसाफ की मांग की। महिला मंडल अध्यक्ष ऋतु ने पुलिस कार्रवाई को एकतरफा बताते हुए आरोप लगाया कि पुलिस एकपक्ष में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रमोद शर्मा जोकि घटना के समय अपने सेक्टर तीन स्थित कार्यालय में मौजूद था। उन्हें जानबूझ कर वहां से उठाया गया। इतना ही नहीं घनश्याम जोकि प्रमोद शर्मा का साला है उसे भी जबरन हिरासत में ले लिया। महिलाओं का कहना है कि धगड़ वासियों की ओर से दी गई शिकायतों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती और न ही किसी शिकायत पर हरदीप बावा या उसके गुट के किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई होती है। महिलाओं ने कहा कि पुलिस ने प्रमोद को पूछताछ के लिए बुलाया था, लेकिन उन्हें यहां से धर्मपुर थाने भेज दिया। उन्होंने कहा कि बिना जांच के प्रमोद शर्मा के साथ अन्य दो लोगों को पुलिस ने बावा की शिकायत पर हिरासत में ले लिया। लेकिन, सेक्टर एक स्थित सोसायटी के दफ्तर में बावा के लोगों द्वारा की गई तोड़फोड़ की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। महिलाओं ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन व सरकार ने इंसाफ नहीं किया तो मजबूरन उन्हें सड़क पर उतरना पड़ेगा।
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