{"_id":"6a6769e15b908498c104f8d0","slug":"78-cylinders-arrived-over-200-consumers-were-left-waiting-solan-news-c-176-1-ssml1040-174987-2026-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: 78 सिलिंडर पहुंचे, 200 से अधिक उपभोक्ता रह गए इंतजार में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: 78 सिलिंडर पहुंचे, 200 से अधिक उपभोक्ता रह गए इंतजार में
विज्ञापन
भोजनगर पंचायत में सिलिंडर की गाड़ी का इंतजार करते उपभोक्ता। स्रोत : जागरूक पाठक
कसौली विधानसभा क्षेत्र की चार पंचायतों के लिए गई गाड़ी
माह में एक दिन ही गाड़ी से होती है सप्लाई, लोगों को झेलनी पड़ेगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। रविवार को कसौली विधानसभा क्षेत्र के भोजनगर इलाके में कई घरों के चूल्हे गैस सिलिंडर के इंतजार में ठंडे रहे। इंडेन गैस एजेंसी, सोलन की ओर से सिलिंडर वितरण के लिए वाहन भेजे जाने की सूचना पर सुबह से ही चार पंचायतों के लोग सड़क किनारे सिलिंडर लेकर खड़े हो गए। किसी को उम्मीद थी कि आज महीने भर की परेशानी खत्म हो जाएगी, लेकिन शाम तक अधिकांश उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा।
लोगों के अनुसार भोजनगर, बोहली, नेरी कलां और काबा कलां पंचायतों के 200 से अधिक उपभोक्ता सुबह से गैस वाहन का इंतजार करते रहे। शाम करीब चार बजे तक वाहन नहीं पहुंचा तो पंचायत प्रतिनिधियों ने एजेंसी से संपर्क किया। तब पता चला कि वाहन में केवल 78 सिलिंडर ही लाए गए थे और उनमें से अधिकांश पहले ही वितरित किए जा चुके थे। इससे बड़ी संख्या में लोग गैस सिलिंडर मिलने से वंचित रह गए।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गैस एजेंसी की गाड़ी महीने में केवल एक बार आती है। यदि उस दिन भी सिलिंडर नहीं मिले तो लोगों को अगले महीने तक इंतजार करना पड़ता है या फिर कई किलोमीटर दूर एजेंसी के गोदाम से सिलिंडर लाना पड़ता है। इससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। कई परिवारों के घरों में गैस समाप्त हो चुकी है और अब उनके सामने भोजन बनाने का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
भोजनगर पंचायत के उपप्रधान रणजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि लोग पूरे दिन सिलिंडर की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन बाद में पता चला कि क्षेत्र में केवल 78 सिलिंडर ही भेजे गए थे। इनमें भी अधिकांश पहले ही वितरित हो चुके थे। उन्होंने कहा कि एजेंसी की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में लोग गैस सिलिंडर से वंचित रह गए हैं। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
शामती में भी यही समस्या
ऐसी ही स्थिति शनिवार को सोलन शहर से सटे शामती क्षेत्र में भी देखने को मिली। यहां भी युवा और बुजुर्ग सुबह करीब 10 बजे से गैस सिलिंडर लेकर वाहन का इंतजार करते रहे। वाहन दोपहर में पहुंचा, लेकिन सभी उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल सके। लोगों ने आरोप लगाया कि वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और अंत में बहुत कम सिलिंडर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं।
पूरे सिलिंडर भेजने के दिए हैं निर्देश
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्रवण हिमालयन ने बताया कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में महीने में एक बार वितरण वाहन भेजा जाता है, वहां पर्याप्त संख्या में सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि भोजनगर क्षेत्र में कम सिलिंडर भेजे जाने के मामले की जांच की जाएगी। यदि एजेंसी की ओर से लापरवाही पाई गई तो उससे जवाबतलब कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
माह में एक दिन ही गाड़ी से होती है सप्लाई, लोगों को झेलनी पड़ेगी परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। रविवार को कसौली विधानसभा क्षेत्र के भोजनगर इलाके में कई घरों के चूल्हे गैस सिलिंडर के इंतजार में ठंडे रहे। इंडेन गैस एजेंसी, सोलन की ओर से सिलिंडर वितरण के लिए वाहन भेजे जाने की सूचना पर सुबह से ही चार पंचायतों के लोग सड़क किनारे सिलिंडर लेकर खड़े हो गए। किसी को उम्मीद थी कि आज महीने भर की परेशानी खत्म हो जाएगी, लेकिन शाम तक अधिकांश उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा।
लोगों के अनुसार भोजनगर, बोहली, नेरी कलां और काबा कलां पंचायतों के 200 से अधिक उपभोक्ता सुबह से गैस वाहन का इंतजार करते रहे। शाम करीब चार बजे तक वाहन नहीं पहुंचा तो पंचायत प्रतिनिधियों ने एजेंसी से संपर्क किया। तब पता चला कि वाहन में केवल 78 सिलिंडर ही लाए गए थे और उनमें से अधिकांश पहले ही वितरित किए जा चुके थे। इससे बड़ी संख्या में लोग गैस सिलिंडर मिलने से वंचित रह गए।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में गैस एजेंसी की गाड़ी महीने में केवल एक बार आती है। यदि उस दिन भी सिलिंडर नहीं मिले तो लोगों को अगले महीने तक इंतजार करना पड़ता है या फिर कई किलोमीटर दूर एजेंसी के गोदाम से सिलिंडर लाना पड़ता है। इससे अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ जाते हैं। कई परिवारों के घरों में गैस समाप्त हो चुकी है और अब उनके सामने भोजन बनाने का संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
भोजनगर पंचायत के उपप्रधान रणजीत सिंह ठाकुर ने बताया कि लोग पूरे दिन सिलिंडर की प्रतीक्षा करते रहे, लेकिन बाद में पता चला कि क्षेत्र में केवल 78 सिलिंडर ही भेजे गए थे। इनमें भी अधिकांश पहले ही वितरित हो चुके थे। उन्होंने कहा कि एजेंसी की लापरवाही के कारण बड़ी संख्या में लोग गैस सिलिंडर से वंचित रह गए हैं। यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
शामती में भी यही समस्या
ऐसी ही स्थिति शनिवार को सोलन शहर से सटे शामती क्षेत्र में भी देखने को मिली। यहां भी युवा और बुजुर्ग सुबह करीब 10 बजे से गैस सिलिंडर लेकर वाहन का इंतजार करते रहे। वाहन दोपहर में पहुंचा, लेकिन सभी उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल सके। लोगों ने आरोप लगाया कि वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और अंत में बहुत कम सिलिंडर आम उपभोक्ताओं तक पहुंचते हैं।
पूरे सिलिंडर भेजने के दिए हैं निर्देश
जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक श्रवण हिमालयन ने बताया कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में महीने में एक बार वितरण वाहन भेजा जाता है, वहां पर्याप्त संख्या में सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि भोजनगर क्षेत्र में कम सिलिंडर भेजे जाने के मामले की जांच की जाएगी। यदि एजेंसी की ओर से लापरवाही पाई गई तो उससे जवाबतलब कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।