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भूगर्भ वैज्ञानिक जांचेंगे भूस्खलन की वजह, आज धर्मपुर पहुंचेगी टीम
Updated Tue, 07 Aug 2018 10:07 PM IST
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सोलन। धर्मपुर में तेज बारिश और भूस्खलन से छह घरों में आई दरारों की जांच ज्यूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम करेगी। यह टीम चंडीगढ़ से बुधवार को धर्मपुर पहुंचेंगी। प्रशासन ने यहां लगातार जमीन धंसने का क्रम जारी रहने पर भूगर्भ वैज्ञानिकों की मदद लेने का फैसला लिया है। इससे पूर्व सभी परिवारों को घर खाली करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
एसडीएम रोहित राठौर की अगुवाई में प्रशासन की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। जिस जगह कुछ समय पहले भूस्खलन हुआ था वहां जमीन धीरे-धीरे धंस रही है। इसकी वजह से घरों में आई दरारें लगातार बढ़ रही हैं। जमीन के ठीक ऊपर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग का करीब ढाई लाख लीटर का स्टोरेज टैंक भी है। ग्रामीण इस टैंक को भूस्खलन की वजह मान रहे हैं। प्रशासन ने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को इस टैंक को जल्द से जल्द खाली करने के निर्देश दिए हैं। भूगर्भ वैज्ञानिक अब पूरे क्षेत्र का मुआयना करने के बाद जमीन धंसने की असली वजह का पता लगाएंगे।
गौरतलब है कि तेज बारिश की वजह से धर्मपुर में भूस्खलन हुआ है। इसकी जद्द में छह मकान आ गए हैं। पहले फोरलेन पर छोटे डंगे लगाने को भूस्खलन की मुख्य वजह माना जा रहा था। इसके बाद फोरलेन कंपनी ने भूस्खलन रोकने के प्रयास भी किए। लेकिन जमीन अभी भी धंस रही है। ऐसे में प्रशासन जमीन धंसने की सही वजह को जानने के लिए वैज्ञानिकों की मदद ले रहा है। मंगलवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों को दरारों वाले घरों में न रहने और इनसे पूरा सामान निकाल लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों से आह्वान किया कि वे कहीं दूसरी जगह शरण लें। ताकि हादसे के दौरान कोई जानी नुकसान न हो।
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चंडीगढ़ से बुलाई है ज्यूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम : एसडीएम
एसडीएम रोहित राठौर का कहना है कि धर्मपुर में छह घरों में दरारें आई हैं। जहां यह घर बने हैं वहां जमीन लगातार धंस रही है। कभी भी घर जमींदोज हो सकते हैं। जिसे देखते हुए घरों को खाली करवाया गया है। इसके साथ ही ज्यूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम को चंडीगढ़ से जांच के लिए बुलाया गया है। यह टीम जमीन धंसने की असली वजह का पता लगाएगी। उन्होंने कहा कि आईपीएच को जमीन पर बने डेढ़ लाख लीटर की क्षमता वाले पानी के टैंक को खाली करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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एसडीएम रोहित राठौर की अगुवाई में प्रशासन की टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। जिस जगह कुछ समय पहले भूस्खलन हुआ था वहां जमीन धीरे-धीरे धंस रही है। इसकी वजह से घरों में आई दरारें लगातार बढ़ रही हैं। जमीन के ठीक ऊपर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग का करीब ढाई लाख लीटर का स्टोरेज टैंक भी है। ग्रामीण इस टैंक को भूस्खलन की वजह मान रहे हैं। प्रशासन ने सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को इस टैंक को जल्द से जल्द खाली करने के निर्देश दिए हैं। भूगर्भ वैज्ञानिक अब पूरे क्षेत्र का मुआयना करने के बाद जमीन धंसने की असली वजह का पता लगाएंगे।
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गौरतलब है कि तेज बारिश की वजह से धर्मपुर में भूस्खलन हुआ है। इसकी जद्द में छह मकान आ गए हैं। पहले फोरलेन पर छोटे डंगे लगाने को भूस्खलन की मुख्य वजह माना जा रहा था। इसके बाद फोरलेन कंपनी ने भूस्खलन रोकने के प्रयास भी किए। लेकिन जमीन अभी भी धंस रही है। ऐसे में प्रशासन जमीन धंसने की सही वजह को जानने के लिए वैज्ञानिकों की मदद ले रहा है। मंगलवार को मौके पर पहुंचे एसडीएम ने ग्रामीणों को दरारों वाले घरों में न रहने और इनसे पूरा सामान निकाल लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रभावितों से आह्वान किया कि वे कहीं दूसरी जगह शरण लें। ताकि हादसे के दौरान कोई जानी नुकसान न हो।
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चंडीगढ़ से बुलाई है ज्यूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम : एसडीएम
एसडीएम रोहित राठौर का कहना है कि धर्मपुर में छह घरों में दरारें आई हैं। जहां यह घर बने हैं वहां जमीन लगातार धंस रही है। कभी भी घर जमींदोज हो सकते हैं। जिसे देखते हुए घरों को खाली करवाया गया है। इसके साथ ही ज्यूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की टीम को चंडीगढ़ से जांच के लिए बुलाया गया है। यह टीम जमीन धंसने की असली वजह का पता लगाएगी। उन्होंने कहा कि आईपीएच को जमीन पर बने डेढ़ लाख लीटर की क्षमता वाले पानी के टैंक को खाली करवाने के निर्देश दे दिए गए हैं।