{"_id":"5a2c100c4f1c1ba7668b9055","slug":"71512837132-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आॅनलाइन काम करने से शिक्षकों का इंकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आॅनलाइन काम करने से शिक्षकों का इंकार
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:17 PM IST
विज्ञापन
teacher demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन। प्राथमिक अध्यापक संघ ने स्कूल से जुड़े आंकड़े ऑनलाइन करने से इंकार कर दिया है। संघ ने शिक्षा विभाग को दो टूक शब्दों में इस कार्य को निजी एजेंसी को सौंपने की बात कही है। शिक्षकों का तर्क है कि सरकारी प्राइमरी स्कूलों में स्टाफ की पहले से कमी चल रही है। अब विभाग ने अध्यापकों पर एक और काम का बोझ लाद दिया है। इसका असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ेगा। ऐसे में सभी शिक्षक आंकड़े ऑनलाइन करने की प्रक्रिया का विरोध करेंगे। इस प्रक्रिया को किसी भी हाल में आगे नहीं चलने दिया जाएगा।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कौशिक ने बताया कि स्कूलों की स्वच्छता रिपोर्ट और स्कूल के विकास कार्यों को विभाग ने ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। निर्देश में अध्यापकों को कहा गया है कि वे अपने स्कूल का मुआयना करें और स्वच्छता मुहिम जिसमें शौचालय, स्कूल के प्रांगण तथा छात्रों के बैठने के स्थल समेत स्कूल में चल विकास निर्माण कार्य की फोटो व जानकारी समय-समय पर मोबाइल या अन्य किसी माध्यम से अपलोड करते रहें। लेकिन अध्यापकों को शिक्षा विभाग का यह फरमान रास नहीं आ रहा है। उन्होंने इसे अतिरिक्त बोझ मानते हुए जिला भर में इस योजना के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इस सिलसिले में शनिवार को सोलन में प्राथमिक अध्यापकों की एक बैठक भी आयोजित हुई है। इसमें सर्वसम्मति से शिक्षा विभाग के इस फैसले के खिलाफ अध्यापकों ने आक्रोश जताया है।
जिलाध्यक्ष राजीव कौशिक ने बताया कि शिक्षा विभाग को यह कार्य निजी एजेंसी को सौंपना चाहिए। कहा कि इसके अलावा शिक्षा विभाग शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करे और 4-9-14 का लाभ देने पर उचित फैसला लें। अन्यथा शिक्षक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रजनीश कौशिक के अलावा महासचिव नरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष नसीब चंद चौधरी, उपाध्यक्ष विजय कुमार और महालेखाकार देवराज खटाना मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कौशिक ने बताया कि स्कूलों की स्वच्छता रिपोर्ट और स्कूल के विकास कार्यों को विभाग ने ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। निर्देश में अध्यापकों को कहा गया है कि वे अपने स्कूल का मुआयना करें और स्वच्छता मुहिम जिसमें शौचालय, स्कूल के प्रांगण तथा छात्रों के बैठने के स्थल समेत स्कूल में चल विकास निर्माण कार्य की फोटो व जानकारी समय-समय पर मोबाइल या अन्य किसी माध्यम से अपलोड करते रहें। लेकिन अध्यापकों को शिक्षा विभाग का यह फरमान रास नहीं आ रहा है। उन्होंने इसे अतिरिक्त बोझ मानते हुए जिला भर में इस योजना के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। इस सिलसिले में शनिवार को सोलन में प्राथमिक अध्यापकों की एक बैठक भी आयोजित हुई है। इसमें सर्वसम्मति से शिक्षा विभाग के इस फैसले के खिलाफ अध्यापकों ने आक्रोश जताया है।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष राजीव कौशिक ने बताया कि शिक्षा विभाग को यह कार्य निजी एजेंसी को सौंपना चाहिए। कहा कि इसके अलावा शिक्षा विभाग शिक्षकों की पुरानी पेंशन बहाल करे और 4-9-14 का लाभ देने पर उचित फैसला लें। अन्यथा शिक्षक आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रजनीश कौशिक के अलावा महासचिव नरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष नसीब चंद चौधरी, उपाध्यक्ष विजय कुमार और महालेखाकार देवराज खटाना मौजूद थे।
विज्ञापन