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ड्राइविंग लाइसेंस या स्वास्थ्य बीमा कार्ड दिखाकर भी डाल पाएंगे वोट
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ड्राइविंग लाइसेंस या स्वास्थ्य बीमा कार्ड दिखाकर भी डाल पाएंगे वोट
सोलन में 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 70 मजिस्ट्रेट संभालेंगे चुनाव की कमान
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्र तक फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र लेकर आना जरूरी नहीं है। यदि मतदाता सूची में नाम है तो कोई भी अन्य दस्तावेज दिखाकर मतदान किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव में आयोग ने 12 पहचान पत्रों को मतदान की श्रेणी में रखा है। इनमें मतदाता पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, नियोक्ता की ओर से जारी पहचान पत्र, बैंक या डाकघर की पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय के स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, पेंशन कागजात, संसद सदस्य, विधायक या म्यूनिसिपल काउंसिलर को जारी आधिकारिक पहचान पत्र और आधार कार्ड दिखाकर मतदान कर सकता है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में सोलन में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट जबकि 70 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 2019 के आधार पर जिले के 3 लाख 83 हजार 070 मतदाता लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मताधिकार के लिए जिले में 557 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुल 557 मतदान केंद्रों में से 34 अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इनमें से सर्वाधिक 13 मतदान केंद्र नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के तहत हैं।
पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर मिलेगा सभा स्थल
राजनीतिक दलों की रैलियों और सभाओं के आयोजन के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने स्थलों को चिह्नित किया है। यह स्थल राजनीतिक दलों के लिखित आवेदन पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता को सुनिश्चित बनाने के लिए 15 स्टेटिक सर्विलांस टीमों का गठन किया गया है। इतनी ही संख्या में फ्लाइंग स्क्वायड भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा 10 वीडियो सर्विलांस टीमें गठित की गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक किसी को भी लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति नहीं रहेगी। मतदान प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व तक की अवधि के दौरान लाउडस्पीकर का प्रयोग पूर्णतया वर्जित होगा।
चुनाव में नहीं हो पाएगा धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी धार्मिक स्थल या पूजा स्थल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों की चुनाव प्रचार रैलियों और सभाओं के आयोजन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली विभिन्न आइटमों के रेट चार्ट को भी अनुमोदित किया गया है। इसी रेट चार्ट के आधार पर व्यय को संबंधित प्रत्याशी या राजनीतिक दल के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
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सोलन में 17 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 70 मजिस्ट्रेट संभालेंगे चुनाव की कमान
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। लोकसभा चुनाव में मतदान केंद्र तक फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र लेकर आना जरूरी नहीं है। यदि मतदाता सूची में नाम है तो कोई भी अन्य दस्तावेज दिखाकर मतदान किया जा सकता है। लोकसभा चुनाव में आयोग ने 12 पहचान पत्रों को मतदान की श्रेणी में रखा है। इनमें मतदाता पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, नियोक्ता की ओर से जारी पहचान पत्र, बैंक या डाकघर की पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय के स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, हेल्थ इंश्योरेंस स्मार्ट कार्ड, पेंशन कागजात, संसद सदस्य, विधायक या म्यूनिसिपल काउंसिलर को जारी आधिकारिक पहचान पत्र और आधार कार्ड दिखाकर मतदान कर सकता है। उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी विनोद कुमार ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में सोलन में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट जबकि 70 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी 2019 के आधार पर जिले के 3 लाख 83 हजार 070 मतदाता लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि मताधिकार के लिए जिले में 557 मतदान केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि कुल 557 मतदान केंद्रों में से 34 अति संवेदनशील घोषित किए गए हैं। इनमें से सर्वाधिक 13 मतदान केंद्र नालागढ़ विधानसभा क्षेत्र के तहत हैं।
पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर मिलेगा सभा स्थल
राजनीतिक दलों की रैलियों और सभाओं के आयोजन के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारियों ने स्थलों को चिह्नित किया है। यह स्थल राजनीतिक दलों के लिखित आवेदन पर पहले आओ पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लोकसभा चुनाव में आदर्श आचार संहिता को सुनिश्चित बनाने के लिए 15 स्टेटिक सर्विलांस टीमों का गठन किया गया है। इतनी ही संख्या में फ्लाइंग स्क्वायड भी तैनात रहेंगे। इसके अलावा 10 वीडियो सर्विलांस टीमें गठित की गई हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रात 10 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक किसी को भी लाउड स्पीकर बजाने की अनुमति नहीं रहेगी। मतदान प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय से 48 घंटे पूर्व तक की अवधि के दौरान लाउडस्पीकर का प्रयोग पूर्णतया वर्जित होगा।
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चुनाव में नहीं हो पाएगा धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव प्रचार के लिए किसी भी धार्मिक स्थल या पूजा स्थल का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा कि राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों की चुनाव प्रचार रैलियों और सभाओं के आयोजन के लिए प्रयुक्त की जाने वाली विभिन्न आइटमों के रेट चार्ट को भी अनुमोदित किया गया है। इसी रेट चार्ट के आधार पर व्यय को संबंधित प्रत्याशी या राजनीतिक दल के चुनावी खर्च में जोड़ा जाएगा।
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