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हांडाखुंडी में 114 बीघा भूमि पर बनेगी गो अभ्यारण्य, सरकार ने दी मंजूरी
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नालागढ़ (सोलन)। औद्योगिक हब बीबीएन के हांडाखुंडी में 114 बीघा भूमि पर बनने वाले गो अभ्यारण्य को सरकार ने मंजूरी दे दी है। भूमि अब पशुपालन विभाग के नाम स्थानांतरित हो चुकी है और जल्द ही सोसायटी का गठन होगा। सरकार से धन का प्रावधान होते ही इसका आगामी कार्य आरंभ होगा।
बीबीएन के हांडाखुंडी कंसंबोवाल के समीप बनने वाले अभ्यारण्य की खास बात यह होगी कि यहां प्राकृतिक माहौल के तहत चारे की व्यवस्था होगी। पानी की उचित सुविधा होगी। पशुओं के टीकाकरण से लेकर बीमारी की स्थिति में चिकित्सीय लाभ देने की सुविधा भी शामिल है। वहीं खुले में घूमने वाले गोवंश को एक उत्तम स्थल मुहैया होगा। वहीं आम लोगों को प्रतिदिन झेलने वाली परेशानियों से भी निजात मिलेगी।
बीबीएन में वैसे तो कई गोसदन काम कर हैं, लेकिन क्षेत्र में लावारिस पशुओं की समस्या है, जिसे देखते हुए उपमंडल प्रशासन ने इस योजना पर कार्य करते हुए अपनी ओर से सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी हैं। क्षेत्र में घूमने वाले गोवंश की संख्या इतनी अधिक है कि वे सड़कों पर डेरा जमा देते हैं, वहीं यह हर समय दुर्घटना के भी सबब बन रहे हैं। पशुओं के आतंक से कई बार लोगों को चोटें तक पहुंची हैं। पशुओं की लड़ाई में कई लोग घायल हो चुके हैं। किसानों के खेत खलिहानों में भी उत्पात मचाते हैं। आवारा पशुओं की समस्या कई मर्तबा प्रशासन के समक्ष उठाई गई है, जिस पर उपमंडल प्रशासन ने इस समस्या से पूरी तरह से निजात दिलाने के लिए गो अभ्यारण्य का निर्माण करने की ठानी है और इसकी औपचारिकताएं पूर्ण कर मामला आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित किया है। सरकार ने इस पर अपनी मोहर लगा दी है।
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उधर, एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि गो अभ्यारण्य के लिए भूमि पशुपालन विभाग के नाम हो चुकी है और जल्द ही सोसायटी का गठन होगा और सरकार से फंड का प्रावधान होने के उपरांत आगामी कार्य युद्धस्तर पर होगा।
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बीबीएन के हांडाखुंडी कंसंबोवाल के समीप बनने वाले अभ्यारण्य की खास बात यह होगी कि यहां प्राकृतिक माहौल के तहत चारे की व्यवस्था होगी। पानी की उचित सुविधा होगी। पशुओं के टीकाकरण से लेकर बीमारी की स्थिति में चिकित्सीय लाभ देने की सुविधा भी शामिल है। वहीं खुले में घूमने वाले गोवंश को एक उत्तम स्थल मुहैया होगा। वहीं आम लोगों को प्रतिदिन झेलने वाली परेशानियों से भी निजात मिलेगी।
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बीबीएन में वैसे तो कई गोसदन काम कर हैं, लेकिन क्षेत्र में लावारिस पशुओं की समस्या है, जिसे देखते हुए उपमंडल प्रशासन ने इस योजना पर कार्य करते हुए अपनी ओर से सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर दी हैं। क्षेत्र में घूमने वाले गोवंश की संख्या इतनी अधिक है कि वे सड़कों पर डेरा जमा देते हैं, वहीं यह हर समय दुर्घटना के भी सबब बन रहे हैं। पशुओं के आतंक से कई बार लोगों को चोटें तक पहुंची हैं। पशुओं की लड़ाई में कई लोग घायल हो चुके हैं। किसानों के खेत खलिहानों में भी उत्पात मचाते हैं। आवारा पशुओं की समस्या कई मर्तबा प्रशासन के समक्ष उठाई गई है, जिस पर उपमंडल प्रशासन ने इस समस्या से पूरी तरह से निजात दिलाने के लिए गो अभ्यारण्य का निर्माण करने की ठानी है और इसकी औपचारिकताएं पूर्ण कर मामला आगामी कार्रवाई के लिए प्रेषित किया है। सरकार ने इस पर अपनी मोहर लगा दी है।
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उधर, एसडीएम नालागढ़ प्रशांत देष्टा ने कहा कि गो अभ्यारण्य के लिए भूमि पशुपालन विभाग के नाम हो चुकी है और जल्द ही सोसायटी का गठन होगा और सरकार से फंड का प्रावधान होने के उपरांत आगामी कार्य युद्धस्तर पर होगा।