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नागरिक चिकित्सालय में धूल फांक रही हॉर्ट, किडनी सहित अन्य टेस्ट की मशीनें

Sun, 17 Mar 2019 07:18 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 07:18 PM IST
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अर्की अस्पताल में नहीं हो रहे हार्ट और किडनी के टेस्ट
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नागरिक चिकित्सालय में रामभरोसे सेहत, धूल फांक रही एनालाइजर मशीन
लोगों को नहीं मिल रही टेस्ट सुविधा, शिमला या सोलन जाने को मजबूर लोग
अमर उजाला ब्यूरो
अर्की (सोलन)। नागरिक चिकित्सालय अर्की में लोगों को आयुष्मान भारत के साथ-साथ आईआरडीपी, बीपीएल और वरिष्ठ नागरिकों के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य योजनाओं का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। अर्की अस्पताल में अधिकतर टेस्टों की सुविधा लोगों को नहीं मिल पा रही है। यहां पर हार्ट, किडनी और अन्य टेस्टों की मशीनें धूल फांक रही हैं। वैसे तो सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजनाओं में कई स्वास्थ्य टेस्ट निशुल्क हैं लेकिन लचर सेवाओं के चलते धरातल पर लोगों को कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। नागरिक चिकित्सालय अर्की में पिछले कई दिनों से आधे-अधूरे टेस्ट हो रहे हैं। इस कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में लगाई जर्मन तकनीक की ऑटो एनालाइजर में लिवर फंक्शन, हॉर्ट, किडनी, यूरिक एसिड जैसे टेस्ट नहीं हो पा रहे हैं। यह मशीन पिछले कई दिनों से धूल फांक रही है। इसके चलते निजी क्लीनिकों की इन दिनों चांदी हो रही है। जर्मन तकनीक से बनी लाखों रुपये की इस मशीन के रीजेंटस एक साल बाद बदलने होते हैं जो बदले ही नहीं गए हैं। इस कारण दूरदराज के क्षेत्रों से अर्की अस्पताल में पहुंच रहे लोगों को शिमला या सोलन जाना पड़ रहा है। नागरिक चिकित्सालय दो साल पहले 100 बिस्तरों वाला किया था। यहां मरीजों की संख्या काफी ज्यादा देखने को मिलती है लेकिन टेस्ट सुविधा न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष अनुज गुप्ता, सतीश कश्यप, मदन गर्ग, वीरेंद्र वर्मा, राकेश भारद्वाज, सोनू सोनी, भूपेंद्र शर्मा, और देवेंद्र शर्मा सहित अन्य लोगों ने मांग की है कि मशीन को जल्द से जल्द चलाया जाए। लोगों का कहना है कि करीब 50 किमी का सफर करने के बाद उन्हें शिमला या सोलन में टेस्ट करवाने जाना पड़ रहा है। इसका खर्च आम लोगों की जेब पर भारी पड़ रहा है।
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टेस्ट न होने की कर्मचारियों ने नहीं दी जानकारी
बीएमओ डॉ. राधा शर्मा ने बताया कि कर्मचारियों ने इस बारे में कोई सूचना ही नहीं दी है और टेस्ट नहीं होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
फंड न मिलने के कारण बंद पड़ी मशीन
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच ने बताया कि फंड न होने के कारण मशीन बंद पड़ी हैं। इसके लिए आला अधिकारियों को बताया गया है। फंड मिलते ही मशीन को चलाना शुरू कर दिया जाएगा। जल्द ही लोगों को सभी टेस्टों की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी।
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