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चायल, कसौली, करोल में फिर से बिछी बर्फ की चादर जनजीवन प्रभावित
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चायल, कसौली, करोल में फिर बिछी बर्फ की चादर
जिला सोलन के मैदानी इलाकों में जमकर बारिश, पारा लुढ़कने से जनजीवन प्रभावित
मौसम के मिजाज से बागवानों के चेहरों पर रौनक, टमाटर-शिमला मिर्च को होगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चायल, कसौली, करोल का टिब्बा, धारों की धार सहित गलानग और अर्की के बाड़ीधार क्षेत्र में एक बार फिर से बर्फ की चादर बिछ गई है। इस साल की सोलन में यह चौथी बर्फबारी है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सोलन के अर्की, परवाणू, बीबीएन में भारी बारिश का क्रम जारी है। पूरा जिले कड़ाके की शीत लहर की चपेट में है। बर्फ के कारण कंडाघाट चायल कुफरी मार्ग भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति की भी प्रभावित होनेे की सूचना है। बारिश और बर्फबारी से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं तो आईपीएच, एचआरटीसी, पीडब्ल्यूडी और विद्युत बोर्ड मुश्किलें गढ़ गई हैं। हालांकि अभी तक जानमाल की नुकसान की कहीं से कोई खबर नहीं आई। जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह से सोलन में बारिश शुरू हो गई थी, इस बीच चायल, करोल, कसौली सहित गलानग की पहाड़ियों ने भी बर्फ की चादर ओढ़ ली थी।
आगामी फसलों के लिए नहीं होगी पानी की कमी
जिला भर में हो रही बारिश से एक बार फिर ठंड में इजाफा हुआ हैं, वहीं किसानों की माने तो बारिश से आगामी समय में लगाई जाने वाली टमाटर, शिमला मिर्च की फसलों के लिए पानी की समस्या आने की भी कोई संभावना नहीं हैं। सोलन में हर वर्ष करोड़ों रुपये का टमाटर, शिमला मिर्च का कारोबार किया जाता है। इस बार अच्छी बारिश के कारण कारोबार के बढ़ने की भी पूरी संभावना है।
किसानों ने किया गुड़ाई का कार्य पूर्ण
स्थानीय किसान सीता राम, राम लाल, पिंकी, रतीराम, सुनिल, रामस्वरूप, जियालाल, अशोक कुमार, मनीष, कृपाराम, गीता राम, जयराम सहित अन्य किसानों का कहना है कि बारिश न होने से वर्तमान में लगाई मटर, गेहूं, गोभी, ज्वार, धनिया, मेथी, लहसुन की फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। एक सप्ताह के बीच में अच्छी धूप खिलने के बाद किसानों ने फसलों की गुड़ाई कर बाड़ लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया। अब बारिश से लाभ होगा।
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जिला सोलन के मैदानी इलाकों में जमकर बारिश, पारा लुढ़कने से जनजीवन प्रभावित
मौसम के मिजाज से बागवानों के चेहरों पर रौनक, टमाटर-शिमला मिर्च को होगा लाभ
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चायल, कसौली, करोल का टिब्बा, धारों की धार सहित गलानग और अर्की के बाड़ीधार क्षेत्र में एक बार फिर से बर्फ की चादर बिछ गई है। इस साल की सोलन में यह चौथी बर्फबारी है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सोलन के अर्की, परवाणू, बीबीएन में भारी बारिश का क्रम जारी है। पूरा जिले कड़ाके की शीत लहर की चपेट में है। बर्फ के कारण कंडाघाट चायल कुफरी मार्ग भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा है। इसके अलावा बिजली आपूर्ति की भी प्रभावित होनेे की सूचना है। बारिश और बर्फबारी से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं तो आईपीएच, एचआरटीसी, पीडब्ल्यूडी और विद्युत बोर्ड मुश्किलें गढ़ गई हैं। हालांकि अभी तक जानमाल की नुकसान की कहीं से कोई खबर नहीं आई। जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह से सोलन में बारिश शुरू हो गई थी, इस बीच चायल, करोल, कसौली सहित गलानग की पहाड़ियों ने भी बर्फ की चादर ओढ़ ली थी।
आगामी फसलों के लिए नहीं होगी पानी की कमी
जिला भर में हो रही बारिश से एक बार फिर ठंड में इजाफा हुआ हैं, वहीं किसानों की माने तो बारिश से आगामी समय में लगाई जाने वाली टमाटर, शिमला मिर्च की फसलों के लिए पानी की समस्या आने की भी कोई संभावना नहीं हैं। सोलन में हर वर्ष करोड़ों रुपये का टमाटर, शिमला मिर्च का कारोबार किया जाता है। इस बार अच्छी बारिश के कारण कारोबार के बढ़ने की भी पूरी संभावना है।
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किसानों ने किया गुड़ाई का कार्य पूर्ण
स्थानीय किसान सीता राम, राम लाल, पिंकी, रतीराम, सुनिल, रामस्वरूप, जियालाल, अशोक कुमार, मनीष, कृपाराम, गीता राम, जयराम सहित अन्य किसानों का कहना है कि बारिश न होने से वर्तमान में लगाई मटर, गेहूं, गोभी, ज्वार, धनिया, मेथी, लहसुन की फसलों के लिए वरदान साबित हुई है। एक सप्ताह के बीच में अच्छी धूप खिलने के बाद किसानों ने फसलों की गुड़ाई कर बाड़ लगाने का कार्य पूर्ण कर लिया। अब बारिश से लाभ होगा।
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