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सोलन में छात्रों को नहीं मिली सकारी वर्दी, 50 हजार छात्र महरूम
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सोलन में 50 हजार विद्यार्थी सरकारी वर्दी से महरूम
पुरानी, फटी हुई या बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंच रहे विद्यार्थी
स्मार्ट वर्दी योजना के चक्कर में अभिभावक खुद नहीं खरीद पा रहे वर्दी
ललित कश्यप
सोलन। जिला सोलन में पिछले और वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों को सरकार से मिलने वाली वर्दी नहीं मिल पाई है। इस कारण कुछ विद्यार्थी फटी-पुरानी वर्दी और कुछ विद्यार्थी बिना वर्दी के स्कूल पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार सोलन के सरकारी स्कूलों में इस बार से स्मार्ट वर्दी दी जानी थी लेकिन छात्र अभी तक बिना वर्दी ही आ रहे हैं। पिछले सत्र और इस सत्र में स्कूली बच्चों को वर्दी ही नहीं मिल पाई। सरकार की स्मार्ट वर्दी के चक्कर में अब न अभिभावक स्वयं वर्दी खरीद पा रहे हैं और न ही स्कूलों में बच्चों को वर्दी मिल पाई है। इससे अब अधिकतर बच्चों के पास वर्दी ही नहीं है या फिर फटी पुरानी है। इस बार जिला भर के करीब 50 हजार विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी योजना का लाभ सरकारी स्कूलों के बच्चों को नहीं मिल पाया है।
हर वर्ष निशुल्क दी जाती थी वर्दी
प्रदेश में चलाई जा रही स्मार्ट वर्दी योजना पिछले कई वर्षों से अटल वर्दी योजना के नाम से चल रही है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष निशुल्क वर्दी दी जाती है। वर्दी के लिए 100 रुपये सिलाई भी स्कूली विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों की वर्दी का रंग बदलने का निर्णय लिया था। एक बाद वर्दी खरीदने के टेंडर रद्द होने के बाद विधानसभा में चर्चा के बाद दोबारा स्कूली बच्चों के लिए वर्दी खरीदने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। अब यह प्रक्रिया अधर में ही है और अब चुनाव आचार संहिता लगी हुई है। अभिभावक स्मार्ट वर्दी के चक्कर में स्वयं भी वर्दी नहीं खरीद पा रहे हैं।
पुरानी वर्दी से का चला रहे विद्यार्थी
जिला सोलन में कुछ बच्चों के पास तो फटी पुरानी वर्दी है और इसी से काम चला रहे हैं। पिछले साल हुई एडमिशन और इस वर्ष की न्यू एडमिशन वाले छात्रों के पास तो पुरानी वर्दी भी नहीं है। अधिकतर विद्यार्थियों को बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंचन पड़ रहा है। गरीब बच्चे तो पिछले वर्ष भी वर्दी ही नहीं खरीद पाए और पूरा वर्ष बिना वर्दी के ही स्कूल आते रहे। इस सत्र में पहली व दूसरी कक्षा के बच्चे बिना वर्दी ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
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इस माह के अंत में मिल जाएगी वर्दी
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक एलिमेंट्री सोलन सरवण कुमार ने माना कि योजना के तहत मिलने वाली वर्दी अभी तक नहीं मिली है। इस बार छात्रों को पिछले और इस वर्ष के दो सेट वर्दी के दिए जाएंगे। आचार संहिता लगने से इस बार वर्दी के लिए टेंडर नहीं लग रहे थे। चुनाव विभाग से विद्यार्थियों को वर्दी देने की स्वीकृति मिल गई है। इस माह के अंत तक सभी बच्चों को वर्दी दे दी जाएगी।
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पुरानी, फटी हुई या बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंच रहे विद्यार्थी
स्मार्ट वर्दी योजना के चक्कर में अभिभावक खुद नहीं खरीद पा रहे वर्दी
ललित कश्यप
सोलन। जिला सोलन में पिछले और वर्तमान सत्र में विद्यार्थियों को सरकार से मिलने वाली वर्दी नहीं मिल पाई है। इस कारण कुछ विद्यार्थी फटी-पुरानी वर्दी और कुछ विद्यार्थी बिना वर्दी के स्कूल पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार सोलन के सरकारी स्कूलों में इस बार से स्मार्ट वर्दी दी जानी थी लेकिन छात्र अभी तक बिना वर्दी ही आ रहे हैं। पिछले सत्र और इस सत्र में स्कूली बच्चों को वर्दी ही नहीं मिल पाई। सरकार की स्मार्ट वर्दी के चक्कर में अब न अभिभावक स्वयं वर्दी खरीद पा रहे हैं और न ही स्कूलों में बच्चों को वर्दी मिल पाई है। इससे अब अधिकतर बच्चों के पास वर्दी ही नहीं है या फिर फटी पुरानी है। इस बार जिला भर के करीब 50 हजार विद्यार्थियों को स्मार्ट वर्दी योजना का लाभ सरकारी स्कूलों के बच्चों को नहीं मिल पाया है।
हर वर्ष निशुल्क दी जाती थी वर्दी
प्रदेश में चलाई जा रही स्मार्ट वर्दी योजना पिछले कई वर्षों से अटल वर्दी योजना के नाम से चल रही है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष निशुल्क वर्दी दी जाती है। वर्दी के लिए 100 रुपये सिलाई भी स्कूली विद्यार्थियों को प्रदान की जाती है। प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों की वर्दी का रंग बदलने का निर्णय लिया था। एक बाद वर्दी खरीदने के टेंडर रद्द होने के बाद विधानसभा में चर्चा के बाद दोबारा स्कूली बच्चों के लिए वर्दी खरीदने के लिए प्रक्रिया शुरू हुई। अब यह प्रक्रिया अधर में ही है और अब चुनाव आचार संहिता लगी हुई है। अभिभावक स्मार्ट वर्दी के चक्कर में स्वयं भी वर्दी नहीं खरीद पा रहे हैं।
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पुरानी वर्दी से का चला रहे विद्यार्थी
जिला सोलन में कुछ बच्चों के पास तो फटी पुरानी वर्दी है और इसी से काम चला रहे हैं। पिछले साल हुई एडमिशन और इस वर्ष की न्यू एडमिशन वाले छात्रों के पास तो पुरानी वर्दी भी नहीं है। अधिकतर विद्यार्थियों को बिना वर्दी के ही स्कूल पहुंचन पड़ रहा है। गरीब बच्चे तो पिछले वर्ष भी वर्दी ही नहीं खरीद पाए और पूरा वर्ष बिना वर्दी के ही स्कूल आते रहे। इस सत्र में पहली व दूसरी कक्षा के बच्चे बिना वर्दी ही स्कूल पहुंच रहे हैं।
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इस माह के अंत में मिल जाएगी वर्दी
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक एलिमेंट्री सोलन सरवण कुमार ने माना कि योजना के तहत मिलने वाली वर्दी अभी तक नहीं मिली है। इस बार छात्रों को पिछले और इस वर्ष के दो सेट वर्दी के दिए जाएंगे। आचार संहिता लगने से इस बार वर्दी के लिए टेंडर नहीं लग रहे थे। चुनाव विभाग से विद्यार्थियों को वर्दी देने की स्वीकृति मिल गई है। इस माह के अंत तक सभी बच्चों को वर्दी दे दी जाएगी।