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होम स्टे योजना को गति देगी सरकार
Updated Wed, 07 Mar 2018 10:09 PM IST
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tourist
- फोटो : amar ujala
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कंडाघाट (सोलन)। होम स्टे योजना में जान फूंकने के लिए सरकार ने एक बार फिर कवायद शुरू कर दी है। इसमें होम स्टे संचालकों को हर तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वह सैलानियों को वह सब सुविधाएं मुहैया करवा सकें जो एक होटल में मिलती हैं। इसमें खासकर हट के डेकोरेशन से लेकर खाने को किस तरह परोसना है का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यही नहीं इस योजना को देसी व्यंजनों का तड़का भी लगाया जाएगा। देसी व्यंजनों को कैसे स्वादिष्ट बनाया जा सकता है यह प्रशिक्षण भी होम स्टे संचालकों को मिलेगा। सैलानियों के रहने और खाने की सुविधाओं बारे भी शिविर में जानकारी दी जा रही है।
पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग इस योजना को एशियन विकास बैंक की मदद से निखारने में जुटा है। कुफरी में होम स्टे संचालकों पांच-पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के सौजन्य से 20 लोगों को दिया गया। इसमें हाउस कीपिंग, मीनू बनाना, डेकोरेशन करना और स्थानीय व्यंजनों को पकाने का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से अधिकतर लोग अब होम स्टे योजना से जुड़ना चाहते हैं। इसके लिए खर्चा भी कोई खास नहीं है। लोग अपने घरों में या अपनी खाली जमीन पर यह कारोबार शुरू कर सकते हैं। इस योजना के जरिये देश-विदेश से आने वाले पर्यटक पहाड़ी संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों के स्वाद से भी अवगत होंगे। योजना का मकसद लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां पर्यटन के हिसाब से काफी अनुकूल हैं तथा हर साल यहां लाखों की संख्या में सैलानी घूमने आते हैं। लिहाजा इस दशा में होम स्टे योजना युवाओं के लिए रोजगार का एक मुख्य साधन साबित हो सकती है। परियोजना के तहत पहली बार पंचायत मही में होम स्टे प्रबंधन प्रशिक्षण का आयोजन किया था। इस मौके पर इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेट कुफरी के अधिकारी एसएस नेगी, अनिल, सुशील और ईशु ठाकुर, उपप्रधान लायक राम, सुशील, प्रदीप, अरुण और विकास मौजूद रहे।
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पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग इस योजना को एशियन विकास बैंक की मदद से निखारने में जुटा है। कुफरी में होम स्टे संचालकों पांच-पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के सौजन्य से 20 लोगों को दिया गया। इसमें हाउस कीपिंग, मीनू बनाना, डेकोरेशन करना और स्थानीय व्यंजनों को पकाने का प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से अधिकतर लोग अब होम स्टे योजना से जुड़ना चाहते हैं। इसके लिए खर्चा भी कोई खास नहीं है। लोग अपने घरों में या अपनी खाली जमीन पर यह कारोबार शुरू कर सकते हैं। इस योजना के जरिये देश-विदेश से आने वाले पर्यटक पहाड़ी संस्कृति और स्थानीय व्यंजनों के स्वाद से भी अवगत होंगे। योजना का मकसद लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां पर्यटन के हिसाब से काफी अनुकूल हैं तथा हर साल यहां लाखों की संख्या में सैलानी घूमने आते हैं। लिहाजा इस दशा में होम स्टे योजना युवाओं के लिए रोजगार का एक मुख्य साधन साबित हो सकती है। परियोजना के तहत पहली बार पंचायत मही में होम स्टे प्रबंधन प्रशिक्षण का आयोजन किया था। इस मौके पर इंस्टीट्यूट आफ होटल मैनेजमेट कुफरी के अधिकारी एसएस नेगी, अनिल, सुशील और ईशु ठाकुर, उपप्रधान लायक राम, सुशील, प्रदीप, अरुण और विकास मौजूद रहे।
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