{"_id":"5bf5851ebdec22695657384c","slug":"31542817054-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यातायात नियम तोडने वालों पर परिवहन विभाग लगतार कस रहा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यातायात नियम तोडने वालों पर परिवहन विभाग लगतार कस रहा शिकंजा
Updated Wed, 21 Nov 2018 09:47 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्कूली बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
यातायात नियम तोड़ने वालों पर चालान के साथ वाहन जब्त करने का भी प्रावधान : पुरी
42 फीसदी दुर्घटनाओं में 16 से 30 वर्ष की आयु के युवा गवां रहे अपनी जान
बोले, बद्दी में चलने वाले ऑटो का किराया भी किया जाएगा निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)। यातायात नियमों और कानूनों को लेकर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों की उल्लंघना करने वालों का चालान कर उनके वाहनों तक को जब्त किया जा सकता है। वाहनों से होने वाले हादसों को कम करने के लिए स्टाफ की कमी होने के वावजूद परिवहन विभाग पूरी सजगता से प्रयास कर रहा है। यह बात क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बद्दी ओपी पुरी ने आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नूरपुर बस हादसे के बाद राज्य सरकार ने कई नियमों में संशोधन किया है। कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने स्कूली बसों की जांच को तेज कर दिया है और स्कूल प्रबंधकों को स्पष्ट रूप से निर्देश जारी कर कोई भी कोताही न बरतने को कहा है। इसके अलावा ऑटो और थ्री व्हीलर चालकों को अपने कागजात तैयार करने के लिए दो माह का समय दिया गया है। इसके बाद ऑटो का बद्दी में किराया भी निर्धारित किया जाएगा। ट्रैक्टर को कामर्शियल प्रयोग करने पर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं और अब हिमाचल में ट्रैक्टर को कामर्शिलय प्रयोग करने के लिए के लिए कोई भी परमिट जारी नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालागढ़ में सबसे ज्यादा आठ हजार वाहन प्रतिवर्ष पंजीकृत होते हैं। नालागढ़ उपमंडल में पंद्रह हजार कामर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। यह प्रदेश का सबसे संवेदनशील एरिया है, जहां पर सबसे ज्यादा वाहन दुर्घनाग्रस्त होते हैं। देश में डेढ़ लाख और प्रदेश में 12 सौ लोग प्रति वर्ष सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं। इसे रोकने के लिए विभाग ने वर्ष 2020 तक पचास फीसदी रेशो कम करने का लक्ष्य रखा है। हिमाचल में 42 फीसदी दुर्घटनाओं में 16 से 30 वर्ष की आयु के युवा अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में कोर्ट के नए आदेश के बाद एक सुरक्षा प्रबंधक तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। 8 साल के कम आयु के बच्चों को बस के अगले हिस्से में न बैठाने और बसों के सभी कागजात पूरा करने की हिदायत दी गई है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में विभाग की ओर से सभी स्कूलों के जागरूक किया जाएगा। अगर उसके बाद भी स्कूलों की ओर से अनियमितताएं पाई गई तो बसों के चालान किए जाएंगे।
विज्ञापन
यातायात नियम तोड़ने वालों पर चालान के साथ वाहन जब्त करने का भी प्रावधान : पुरी
42 फीसदी दुर्घटनाओं में 16 से 30 वर्ष की आयु के युवा गवां रहे अपनी जान
बोले, बद्दी में चलने वाले ऑटो का किराया भी किया जाएगा निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)। यातायात नियमों और कानूनों को लेकर सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों की उल्लंघना करने वालों का चालान कर उनके वाहनों तक को जब्त किया जा सकता है। वाहनों से होने वाले हादसों को कम करने के लिए स्टाफ की कमी होने के वावजूद परिवहन विभाग पूरी सजगता से प्रयास कर रहा है। यह बात क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बद्दी ओपी पुरी ने आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नूरपुर बस हादसे के बाद राज्य सरकार ने कई नियमों में संशोधन किया है। कोर्ट के आदेश के बाद विभाग ने स्कूली बसों की जांच को तेज कर दिया है और स्कूल प्रबंधकों को स्पष्ट रूप से निर्देश जारी कर कोई भी कोताही न बरतने को कहा है। इसके अलावा ऑटो और थ्री व्हीलर चालकों को अपने कागजात तैयार करने के लिए दो माह का समय दिया गया है। इसके बाद ऑटो का बद्दी में किराया भी निर्धारित किया जाएगा। ट्रैक्टर को कामर्शियल प्रयोग करने पर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं और अब हिमाचल में ट्रैक्टर को कामर्शिलय प्रयोग करने के लिए के लिए कोई भी परमिट जारी नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नालागढ़ में सबसे ज्यादा आठ हजार वाहन प्रतिवर्ष पंजीकृत होते हैं। नालागढ़ उपमंडल में पंद्रह हजार कामर्शियल वाहन पंजीकृत हैं। यह प्रदेश का सबसे संवेदनशील एरिया है, जहां पर सबसे ज्यादा वाहन दुर्घनाग्रस्त होते हैं। देश में डेढ़ लाख और प्रदेश में 12 सौ लोग प्रति वर्ष सड़क दुर्घटना का शिकार होते हैं। इसे रोकने के लिए विभाग ने वर्ष 2020 तक पचास फीसदी रेशो कम करने का लक्ष्य रखा है। हिमाचल में 42 फीसदी दुर्घटनाओं में 16 से 30 वर्ष की आयु के युवा अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में कोर्ट के नए आदेश के बाद एक सुरक्षा प्रबंधक तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। 8 साल के कम आयु के बच्चों को बस के अगले हिस्से में न बैठाने और बसों के सभी कागजात पूरा करने की हिदायत दी गई है। दिसंबर के दूसरे सप्ताह में विभाग की ओर से सभी स्कूलों के जागरूक किया जाएगा। अगर उसके बाद भी स्कूलों की ओर से अनियमितताएं पाई गई तो बसों के चालान किए जाएंगे।
विज्ञापन