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प्रतिबंधित दवा बेचने पर एक वर्ष की कैद
Updated Tue, 25 Sep 2018 10:26 PM IST
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ के दत्तोवाल में प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार करने पर एक केमिस्ट को अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी नालागढ़ की अदालत ने दोषी मानते हुए विभिन्न धाराओं के तहत एक वर्ष की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है।
अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी कपिल शर्मा की अदालत ने धर्मपाल पुत्र बाबूराम निवासी आदर्श कॉलोनी दत्तोवाल, तहसील नालागढ़ को धारा 18सी व 18ए ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत यह सजा सुनाई है। इस मामले की पैरवी सरकार व अथॉरिटी की ओर से ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. कमलेश नायक ने की। ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. कमलेश नायक ने बताया कि 5 दिसंबर 2008 को तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर गरिमा शर्मा ने पुलिस पार्टी के साथ धर्मपाल के दत्तावाल स्थित अक्षत मेडिकल स्टोर व घर में तलाशी ली तो बिना लाइसेंस व परचेज सेल रिकॉर्ड रखी हुई काफी मात्रा में दवाइयां बरामद हुई थीं। ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक पात्र नहीं था और जो दवाएं उससे पकड़ी गई वह नशे के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने गवाहों बयानों व साक्ष्यों के आधार पर धर्मपाल को दोषी ठहराते हुए ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 18सी व 18ए के तहत एक वर्ष का कारावास और 6000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अतिरिक्त न्यायिक दंडाधिकारी कपिल शर्मा की अदालत ने धर्मपाल पुत्र बाबूराम निवासी आदर्श कॉलोनी दत्तोवाल, तहसील नालागढ़ को धारा 18सी व 18ए ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के तहत यह सजा सुनाई है। इस मामले की पैरवी सरकार व अथॉरिटी की ओर से ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. कमलेश नायक ने की। ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. कमलेश नायक ने बताया कि 5 दिसंबर 2008 को तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर गरिमा शर्मा ने पुलिस पार्टी के साथ धर्मपाल के दत्तावाल स्थित अक्षत मेडिकल स्टोर व घर में तलाशी ली तो बिना लाइसेंस व परचेज सेल रिकॉर्ड रखी हुई काफी मात्रा में दवाइयां बरामद हुई थीं। ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक पात्र नहीं था और जो दवाएं उससे पकड़ी गई वह नशे के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि अदालत ने गवाहों बयानों व साक्ष्यों के आधार पर धर्मपाल को दोषी ठहराते हुए ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट 1940 की धारा 18सी व 18ए के तहत एक वर्ष का कारावास और 6000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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