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बागवानी की तरफ रुख कर रहे जिला के किसान
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बागवानी की तरफ बढ़ा सोलन के किसानों का रुझान
जिले में हर साल बढ़ रहा बागवानी का दायरा
इस बार बागवानी विभाग के पास आई 42 हजार फलदार पौधों की डिमांड
विभाग 13 जनवरी के बाद करेगा पौधों का वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। महंगाई के दौर में पारंपरिक कृषि कार्य घाटे का सौदा बन कर रह गया है। इस कारण आज का युवा पारंपरिक खेती में अपना भविष्य उज्ज्वल नहीं मान रहा है, तो ऐसे में जिले के किसान बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं।
जिला में किसान हर वर्ष विभिन्न किस्मों के फलों के लाखों पौधे लगा रहे हैं और इस कारण बागवानी का क्षेत्र बढ़ता जा रहा है। इस बार भी बागवानी विभाग के पास सभी ब्लॉकों से करीब 42 हजार पौधों की डिमांड आई है। इनमें से कुछ पौधे विभाग जिला में अपनी नर्सरियों से देगा और बाकी पौधे प्रदेश की विभिन्न नर्सरियों से लाकर किसानों को दिए जाएंगे। इसी तरह बरसात में लगने वाले पौधों के लिए भी किसान विभाग से पौधे लेते हैं। यही नहीं, इससे अधिक पौधे डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विवि नौणी से भी जिला के किसान लेते हैं और कुछ किसान विभिन्न निजी नर्सरियों से पौधे लेते हैं। इस तरह हर वर्ष लाखों पौधे जिला में लग रहे हैं। ये पौधे बागवानी विभाग सोलन के फलोद्यान केंद्र गौड़ा, अर्की, दाड़लाघाट, खटनाली और बागा-मांगल की नर्सरियों में तैयार किए गए हैैं। विभाग बागवानों को ये पौधे 30 से 45 रुपये प्रति पौधे की दर से देगा। इसका वितरण 15 जनवरी से किया जाएगा। सोलन जिला में इस बार बागवानों ने कीवी के पौधों की डिमांड की है।
बागवान ऐसे करेें तैयारी
जो बागवान आने वाले वाले दिनों में बगीचे लगाने जा रहे हैं, वे अभी से इसके लिए गड्ढे तैयार कर लें। पौधे लगाने के लिए गड्ढे 3 फुट गहरे और 3 फीट चौड़े होने चाहिए। गड्ढों में से मिट्टी निकालकर 10 से 15 किलोग्राम गोबर की खाद, सुपर फास्फेट डेढ़ किलो मिलाकर गड्ढे अच्छी तरह भर दें, जिसमें पौधा लगाने का कार्य बाद में करें। पौधों के लिए बागवान अपना बगीचा तैयार करने के लिए नजदीक के उद्यान प्रसार अधिकारी और उद्यान विकास अधिकारी की सहायता ले सकते हैं। बागवानों को जलवायु के अनुसार ही फलदार पौधों का चयन करना चाहिए। खुमानी के पौधों के बीच 6-6 मीटर की दूरी रखें। आड़ू के पौधों को साढ़े चार-साढ़े चार मीटर की दूरी, अखरोट के पौधों में 8-8 मीटर की दूरी रखनी चाहिए।
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विभाग के पास मौजूद हैं ये पौधे
किसान फलों में कीवी की एलिसन, हेवार्ड प्रजाति, अनार कंधारी और सिंदूरी, खुमानी न्यू कैसल, केशा, पलम सेंटा रोजा, ब्लैक अंबर, फ्रंटीयर, आड़ू जुलाई अलबर्टा, नाशपाती चुजेरो, बबुगोशा, बादाम थिनशील्ड, ड्रेक नेक्ट्रीन, मई फायर, रेड गोल्ड, सेब रैड चीफ, गेलगाला, ऑरिगन स्पर-2 शामिल है। फलदार पौधों को लेगाने के लिए बागवान अपना बगीचा तैयार करने के लिए नजदीक के उद्यान प्रसार अधिकारी और उद्यान विकास अधिकारी की सहायता ले सकते हैैं।
फलों के पौधे लगाकर बागवानों की आर्थिकी होगी मजबूत
उपनिदेशक बागवानी विभाग सोलन बीएस गुलेरिया ने बताया कि सोलन जिला में लोगों का रुझान बागवानी की ओर बढ़ रहा है। यहां पिछले वर्षों के मुकाबले किवी की डिमांड बढ़ी है। इस बार सर्दियों के मौसम में करीब 42 हजार पौधे बागवानों को दिए जाएंगे। ये पौधे विभाग की नर्सरियों में तैयार किए गए हैं। इन पौधों की बिक्री सोलन में 13 जनवरी के बाद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बागवान अच्छी प्रजातियों के फलदार पौधे लगाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए बागवानों को अनुदान भी दिया जाता है।
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जिले में हर साल बढ़ रहा बागवानी का दायरा
इस बार बागवानी विभाग के पास आई 42 हजार फलदार पौधों की डिमांड
विभाग 13 जनवरी के बाद करेगा पौधों का वितरण
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। महंगाई के दौर में पारंपरिक कृषि कार्य घाटे का सौदा बन कर रह गया है। इस कारण आज का युवा पारंपरिक खेती में अपना भविष्य उज्ज्वल नहीं मान रहा है, तो ऐसे में जिले के किसान बागवानी की ओर रुख कर रहे हैं।
जिला में किसान हर वर्ष विभिन्न किस्मों के फलों के लाखों पौधे लगा रहे हैं और इस कारण बागवानी का क्षेत्र बढ़ता जा रहा है। इस बार भी बागवानी विभाग के पास सभी ब्लॉकों से करीब 42 हजार पौधों की डिमांड आई है। इनमें से कुछ पौधे विभाग जिला में अपनी नर्सरियों से देगा और बाकी पौधे प्रदेश की विभिन्न नर्सरियों से लाकर किसानों को दिए जाएंगे। इसी तरह बरसात में लगने वाले पौधों के लिए भी किसान विभाग से पौधे लेते हैं। यही नहीं, इससे अधिक पौधे डॉ. वाईएस परमार बागवानी एवं वानिकी विवि नौणी से भी जिला के किसान लेते हैं और कुछ किसान विभिन्न निजी नर्सरियों से पौधे लेते हैं। इस तरह हर वर्ष लाखों पौधे जिला में लग रहे हैं। ये पौधे बागवानी विभाग सोलन के फलोद्यान केंद्र गौड़ा, अर्की, दाड़लाघाट, खटनाली और बागा-मांगल की नर्सरियों में तैयार किए गए हैैं। विभाग बागवानों को ये पौधे 30 से 45 रुपये प्रति पौधे की दर से देगा। इसका वितरण 15 जनवरी से किया जाएगा। सोलन जिला में इस बार बागवानों ने कीवी के पौधों की डिमांड की है।
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बागवान ऐसे करेें तैयारी
जो बागवान आने वाले वाले दिनों में बगीचे लगाने जा रहे हैं, वे अभी से इसके लिए गड्ढे तैयार कर लें। पौधे लगाने के लिए गड्ढे 3 फुट गहरे और 3 फीट चौड़े होने चाहिए। गड्ढों में से मिट्टी निकालकर 10 से 15 किलोग्राम गोबर की खाद, सुपर फास्फेट डेढ़ किलो मिलाकर गड्ढे अच्छी तरह भर दें, जिसमें पौधा लगाने का कार्य बाद में करें। पौधों के लिए बागवान अपना बगीचा तैयार करने के लिए नजदीक के उद्यान प्रसार अधिकारी और उद्यान विकास अधिकारी की सहायता ले सकते हैं। बागवानों को जलवायु के अनुसार ही फलदार पौधों का चयन करना चाहिए। खुमानी के पौधों के बीच 6-6 मीटर की दूरी रखें। आड़ू के पौधों को साढ़े चार-साढ़े चार मीटर की दूरी, अखरोट के पौधों में 8-8 मीटर की दूरी रखनी चाहिए।
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विभाग के पास मौजूद हैं ये पौधे
किसान फलों में कीवी की एलिसन, हेवार्ड प्रजाति, अनार कंधारी और सिंदूरी, खुमानी न्यू कैसल, केशा, पलम सेंटा रोजा, ब्लैक अंबर, फ्रंटीयर, आड़ू जुलाई अलबर्टा, नाशपाती चुजेरो, बबुगोशा, बादाम थिनशील्ड, ड्रेक नेक्ट्रीन, मई फायर, रेड गोल्ड, सेब रैड चीफ, गेलगाला, ऑरिगन स्पर-2 शामिल है। फलदार पौधों को लेगाने के लिए बागवान अपना बगीचा तैयार करने के लिए नजदीक के उद्यान प्रसार अधिकारी और उद्यान विकास अधिकारी की सहायता ले सकते हैैं।
फलों के पौधे लगाकर बागवानों की आर्थिकी होगी मजबूत
उपनिदेशक बागवानी विभाग सोलन बीएस गुलेरिया ने बताया कि सोलन जिला में लोगों का रुझान बागवानी की ओर बढ़ रहा है। यहां पिछले वर्षों के मुकाबले किवी की डिमांड बढ़ी है। इस बार सर्दियों के मौसम में करीब 42 हजार पौधे बागवानों को दिए जाएंगे। ये पौधे विभाग की नर्सरियों में तैयार किए गए हैं। इन पौधों की बिक्री सोलन में 13 जनवरी के बाद शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि बागवान अच्छी प्रजातियों के फलदार पौधे लगाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं। इसके लिए बागवानों को अनुदान भी दिया जाता है।