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प्रदेश की 20,000 हेक्टेयर भूमि पर होगी प्राकृतिक खेती
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। प्रदेश में चल रही प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों-बागवानों तक पहुंचाने के लिए सोमवार को नौणी विश्वविद्यालय में भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन किया।
आतमा पदाधिकारियों के क्षमता विकास को लेकर आयोजित कार्यशाला में कृषि सचिव राकेश कंवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर कृषि सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार अन्य राज्यों के लिए हिमाचल को प्राकृतिक खेती का मॉडल राज्य बनाने पर कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष प्राकृतिक खेती के तहत 20,000 हेक्टेयर भूमि का प्रयोग किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि किसानों के उत्पादों को बाजार मुहैया करवाने और उनके प्रमाणीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस मौके पर प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक और मार्केटिंग बोर्ड के एमडी नरेश ठाकुर ने प्राकृतिक खेती उत्पादों के विपणन और मंडियों में उनकी उपलब्धता को लेकर भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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इस कार्यशाला में आत्मा परियोजना, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई, नौणी और पालमपुर विश्वविद्यालय और आत्मा परियोजना के 275 से अधिक पदाधिकारियों ने सुझाव दिए। कार्यशाला में सभी जिलों के परियोजना निदेशकों और उप परियोजना निदेशकों ने अपने-अपने जिलों की गतिविधियों की जानकारी दी।
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सोलन। प्रदेश में चल रही प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों-बागवानों तक पहुंचाने के लिए सोमवार को नौणी विश्वविद्यालय में भविष्य की कार्ययोजना पर मंथन किया।
आतमा पदाधिकारियों के क्षमता विकास को लेकर आयोजित कार्यशाला में कृषि सचिव राकेश कंवर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस मौके पर कृषि सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार अन्य राज्यों के लिए हिमाचल को प्राकृतिक खेती का मॉडल राज्य बनाने पर कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष प्राकृतिक खेती के तहत 20,000 हेक्टेयर भूमि का प्रयोग किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि किसानों के उत्पादों को बाजार मुहैया करवाने और उनके प्रमाणीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इस मौके पर प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के राज्य परियोजना निदेशक और मार्केटिंग बोर्ड के एमडी नरेश ठाकुर ने प्राकृतिक खेती उत्पादों के विपणन और मंडियों में उनकी उपलब्धता को लेकर भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
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इस कार्यशाला में आत्मा परियोजना, प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना की राज्य परियोजना कार्यान्वयन इकाई, नौणी और पालमपुर विश्वविद्यालय और आत्मा परियोजना के 275 से अधिक पदाधिकारियों ने सुझाव दिए। कार्यशाला में सभी जिलों के परियोजना निदेशकों और उप परियोजना निदेशकों ने अपने-अपने जिलों की गतिविधियों की जानकारी दी।