{"_id":"5c8e4f46bdec2213fd29904b","slug":"191552830278-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"री-एडमिशन व फीस वृद्वि पर उबले बददी के अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
री-एडमिशन व फीस वृद्वि पर उबले बददी के अभिभावक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
री-एडमिशन और फीस वृद्धि पर भड़के अभिभावक
बद्दी प्रेस क्लब में आकर शहर के के स्कूलों पर लगाए कई गंभीर आरोप
अभिभावक बोले- सोमवार को एसडीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक नगर बद्दी में निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया। शनिवार को प्रेस क्लब में लगभग दो दर्जन अभिभावक पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित कर उन्होंने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप जड़े और मनमाने ढंग से री-एडमिशन के नाम पर पैसे वसूलने और फीस वृद्धि करने पर सवाल उठाए। बद्दी अभिभावक संघ के संयोजक सिमरनजीत सिंह कुंडलस और सह संयोजक भुवन कुमार चंद्र ने आरोप लगाया कि बीबीएन के स्कूलों के लिए सरकारी नियमों और कानूनों का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग ने साफ आदेश दे रखे हैं कि कोई भी निजी स्कूल री-एडमिशन नहीं ले सकता। न ही मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की ऐसी धक्केशाही से बहुत दुखी हैं। फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उन्हें बच्चों को कहीं और डालने की सलाह स्कूल से दी जा रही है। नए सत्र 2019- 2020 के लिए निजी स्कूलों ने फीस वृद्धि और अन्य खर्चे जैसे बिल्डिंग फंड, मेंटेनेंस, कंप्यूटर फंड, पेंट फंड, डेवलपमेंट फंड इतने बढ़ा दिए हैं जो एक आम आदमी के लिए देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बीबीएन में 70 फीसदी आबादी बाहर से रोजगार कमाने आई है जो स्कूलों की मनमानी से परेशान है।
विज्ञापन
बद्दी प्रेस क्लब में आकर शहर के के स्कूलों पर लगाए कई गंभीर आरोप
अभिभावक बोले- सोमवार को एसडीएम को सौंपा जाएगा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी(सोलन)। औद्योगिक नगर बद्दी में निजी स्कूलों की मनमानी पर अभिभावकों ने मोर्चा खोल दिया। शनिवार को प्रेस क्लब में लगभग दो दर्जन अभिभावक पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित कर उन्होंने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप जड़े और मनमाने ढंग से री-एडमिशन के नाम पर पैसे वसूलने और फीस वृद्धि करने पर सवाल उठाए। बद्दी अभिभावक संघ के संयोजक सिमरनजीत सिंह कुंडलस और सह संयोजक भुवन कुमार चंद्र ने आरोप लगाया कि बीबीएन के स्कूलों के लिए सरकारी नियमों और कानूनों का कोई अर्थ नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार व शिक्षा विभाग ने साफ आदेश दे रखे हैं कि कोई भी निजी स्कूल री-एडमिशन नहीं ले सकता। न ही मनमाने तरीके से फीस बढ़ोतरी कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों की ऐसी धक्केशाही से बहुत दुखी हैं। फीस वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उन्हें बच्चों को कहीं और डालने की सलाह स्कूल से दी जा रही है। नए सत्र 2019- 2020 के लिए निजी स्कूलों ने फीस वृद्धि और अन्य खर्चे जैसे बिल्डिंग फंड, मेंटेनेंस, कंप्यूटर फंड, पेंट फंड, डेवलपमेंट फंड इतने बढ़ा दिए हैं जो एक आम आदमी के लिए देना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि बीबीएन में 70 फीसदी आबादी बाहर से रोजगार कमाने आई है जो स्कूलों की मनमानी से परेशान है।