{"_id":"6ae09f63f4f2f619cc06b36b","slug":"19000-litres-of-substandard-oil-seized-in-the-state-it-will-be-used-to-produce-biofuel-solan-news-c-176-1-sln1013-182949-2026-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Solan News: प्रदेश में 19 हजार लीटर से खराब तेल जब्त, बायोफ्यूल बनाने में होगा इस्तेमाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Solan News: प्रदेश में 19 हजार लीटर से खराब तेल जब्त, बायोफ्यूल बनाने में होगा इस्तेमाल
विज्ञापन
होटलों, मिठाई की दुकानों समेत ढाबों से खाद्य तेल पकड़ा
बद्दी और राजस्थान की कंपनी को बेचा जा रहा
शादी और समारोहों में बचा खराब तेल भी विभाग को दे सकेंगे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश में खाद्य पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में मार्च से अक्तूबर तक 19,084 लीटर खराब तेल जब्त कर बायोफ्यूल बनाने वाली कंपनियों को दिया है। होटलों, मिठाई की दुकानों और ढाबों में इस्तेमाल हो रहे खराब तेल को एकत्र कर बायोफ्यूल बनाने के लिए भेजा जा रहा है, ताकि इसका दोबारा खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल रोका जा सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए निरीक्षण कर रही हैं। इस दौरान तेल की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। तेल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने पर उसे सीज कर संबंधित कारोबारियों को अधिकृत कंपनियों को सौंपने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कंपनियां कारोबारियों से 30 रुपये प्रति लीटर की दर से खराब तेल खरीद रही हैं।
विभाग ने इस कार्य के लिए बद्दी और राजस्थान की दो कंपनियों के साथ करार किया है। राजस्थान की कंपनी को प्रदेश के 10 जिलों और बद्दी की कंपनी को दो जिलों से तेल एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग के अनुसार, अब कारोबारी भी स्वयं खराब तेल सौंपने के लिए आगे आने लगे हैं। इसके अलावा घरों में होने वाली शादियों और अन्य समारोहों में बचा हुआ खराब तेल भी खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपा जा सकता है।
विज्ञापन
सोलन से सबसे अधिक 4,097 लीटर तेल एकत्र
खाद्य सुरक्षा विभाग के मार्च से अक्तूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर से एकत्र तेल का विवरण इस प्रकार है।
सोलन : 4,097 लीटर
हमीरपुर : 2,933 लीटर
कांगड़ा : 2,723 लीटर
बिलासपुर : 1,942.5 लीटर
मंडी : 1,305.4 लीटर
ऊना : 1,125 लीटर
चंबा : 405 लीटर
कुल्लू : 303.9 लीटर
सिरमौर : 222.3 लीटर
किन्नौर : 152 लीटर
विज्ञापन
बद्दी और राजस्थान की कंपनी को बेचा जा रहा
शादी और समारोहों में बचा खराब तेल भी विभाग को दे सकेंगे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल प्रदेश में खाद्य पदार्थ बनाने में इस्तेमाल होने वाले तेल की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। विभाग ने वित्त वर्ष 2026-27 में मार्च से अक्तूबर तक 19,084 लीटर खराब तेल जब्त कर बायोफ्यूल बनाने वाली कंपनियों को दिया है। होटलों, मिठाई की दुकानों और ढाबों में इस्तेमाल हो रहे खराब तेल को एकत्र कर बायोफ्यूल बनाने के लिए भेजा जा रहा है, ताकि इसका दोबारा खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल रोका जा सके।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें प्रदेशभर में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेने के लिए निरीक्षण कर रही हैं। इस दौरान तेल की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। तेल निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरने पर उसे सीज कर संबंधित कारोबारियों को अधिकृत कंपनियों को सौंपने के निर्देश दिए जा रहे हैं। कंपनियां कारोबारियों से 30 रुपये प्रति लीटर की दर से खराब तेल खरीद रही हैं।
विज्ञापन
विभाग ने इस कार्य के लिए बद्दी और राजस्थान की दो कंपनियों के साथ करार किया है। राजस्थान की कंपनी को प्रदेश के 10 जिलों और बद्दी की कंपनी को दो जिलों से तेल एकत्र करने की जिम्मेदारी दी गई है। विभाग के अनुसार, अब कारोबारी भी स्वयं खराब तेल सौंपने के लिए आगे आने लगे हैं। इसके अलावा घरों में होने वाली शादियों और अन्य समारोहों में बचा हुआ खराब तेल भी खाद्य सुरक्षा विभाग को सौंपा जा सकता है।
विज्ञापन
सोलन से सबसे अधिक 4,097 लीटर तेल एकत्र
खाद्य सुरक्षा विभाग के मार्च से अक्तूबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश भर से एकत्र तेल का विवरण इस प्रकार है।
सोलन : 4,097 लीटर
हमीरपुर : 2,933 लीटर
कांगड़ा : 2,723 लीटर
बिलासपुर : 1,942.5 लीटर
मंडी : 1,305.4 लीटर
ऊना : 1,125 लीटर
चंबा : 405 लीटर
कुल्लू : 303.9 लीटर
सिरमौर : 222.3 लीटर
किन्नौर : 152 लीटर