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बखालग स्कूल में बंदरों का आतंक, छात्रों पर बोल रहे हमला
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:38 PM IST
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Monkey Feeding
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अर्की (सोलन)। उपमंडल अर्की के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल बखालग में बंदरों के आतंक से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे दहशत में हैं। बंदर स्कूल के आसपास सुबह घूमते रहते हैं कई बार बच्चों पर झपट जाते हैं। शारीरिक शिक्षक मेहर चंद ठाकुर ने बताया कि बंदर सुबह ही स्कूल की बिल्डिंग के ऊपर बैठ जाते हैं तथा मौका पाते ही स्कूल परिसर में घुस जाते हैं। बंदर शौचालय के दरवाजे के पास बैठे रहते हैं जिससे बच्चों को शौचालय जाने के लिए दाएं बाएं जाना पड़ता है।
अध्यापक ने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत दिन के समय मिड डे मील लेते समय आती है जब बेखौफ बंदर खाना खा रहे बच्चों पर झपट जाते हैं। यदि इनका यहां दांव लगे तो यह मिड डे मील के स्टोर रखे राशन को भी उड़ा ले जाते हैं। यही नहीं यह बंदर पानी को भी दूषित करते हैं। कई बार स्कूल की छत के ऊपर रखी टंकियों के ऊपर चढ़ जाते हैं तथा इनके ढक्कन खोलने की कोशिश करते हैं। प्रिंसिपल मस्तराम भाटिया ने बताया कि बंदरों के उत्पात से बचने के लिए पानी की टंकियों में लोहे के ढक्कन लगाए हैं लेकिन उत्पाती यह बंदर इन्हें तोड़ने की भी कोशिश करते हैं। बच्चों के अभिभावक ईश्वरदास, देवी रूप, पुष्पा, कमला, रामकृष्ण, कमलेश, यादव चंद तथा नागेंद्र शर्मा ने बताया कि बंदरों के डर से कई बार इनके बच्चे स्कूल जाने से गुरेज करते हैं तथा वापस घर को आ जाते हैं।
लोगों ने दी आंदोलन की धमकी
एसएमसी के प्रधान विनोद कुमार गर्ग ने कहा कि कई महीनों से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ा रहा है। इन दिनों पढ़ाई का जोर है तथा अगले महीने बच्चों की परीक्षा होनी है। इस समस्या के बारे में वह स्थानीय प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। शीघ्र ही यदि समस्या का समाधान न हुआ तो वह अभिभावकों सहित आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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अध्यापक ने बताया कि सबसे ज्यादा दिक्कत दिन के समय मिड डे मील लेते समय आती है जब बेखौफ बंदर खाना खा रहे बच्चों पर झपट जाते हैं। यदि इनका यहां दांव लगे तो यह मिड डे मील के स्टोर रखे राशन को भी उड़ा ले जाते हैं। यही नहीं यह बंदर पानी को भी दूषित करते हैं। कई बार स्कूल की छत के ऊपर रखी टंकियों के ऊपर चढ़ जाते हैं तथा इनके ढक्कन खोलने की कोशिश करते हैं। प्रिंसिपल मस्तराम भाटिया ने बताया कि बंदरों के उत्पात से बचने के लिए पानी की टंकियों में लोहे के ढक्कन लगाए हैं लेकिन उत्पाती यह बंदर इन्हें तोड़ने की भी कोशिश करते हैं। बच्चों के अभिभावक ईश्वरदास, देवी रूप, पुष्पा, कमला, रामकृष्ण, कमलेश, यादव चंद तथा नागेंद्र शर्मा ने बताया कि बंदरों के डर से कई बार इनके बच्चे स्कूल जाने से गुरेज करते हैं तथा वापस घर को आ जाते हैं।
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लोगों ने दी आंदोलन की धमकी
एसएमसी के प्रधान विनोद कुमार गर्ग ने कहा कि कई महीनों से स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को समस्या का सामना करना पड़ा रहा है। इन दिनों पढ़ाई का जोर है तथा अगले महीने बच्चों की परीक्षा होनी है। इस समस्या के बारे में वह स्थानीय प्रशासन को अवगत करवा चुके हैं लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। शीघ्र ही यदि समस्या का समाधान न हुआ तो वह अभिभावकों सहित आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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