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फार्मा कंपनी के कामगारों ने मनाई काली दीवाली
Updated Sat, 21 Oct 2017 02:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)।
बरोटीवाला की एक फार्मा कंपनी के कामगारों की काली दिवाली मनाई। कामगारों का आरोप है कि न तो उन्हें वेतन मिला और न ही बोनस। कामगारों ने इसके विरोध में धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि श्रम विभाग के समक्ष कई बार समस्या के समाधान की गुहार लगा चुके हैं।
कामगारों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन तब तक जारी रहेगा। सीटू के वरिष्ठ नेता एनडी रनोट ने कहा कि कंपनी में 250 कामगार हैं। प्रबंधकों ने अधिकतर कामगारों को श्रम कानूनों के तहत न्यूनतम, वार्षिक बोनस, छुट्टियां, पे-स्लिप, लीव कार्ड व पहचान पत्र तक नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर लंबे समय से श्रम कानूनों को लागू कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन श्रम और उद्योग विभाग इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहे है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कामगारों की मांगें नहीं मानी गई तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
कामगारों ने कहा कि ये पहली मर्तबा है, जब उन्होंने काली दिवाली मनाई है। वे घर को मिठाई का डिब्बा भी नहीं ले पाए। इसकी शिकायत श्रम विभाग को कई बार की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्रम अधिकारी बद्दी मनीष करोल ने बताया कि कंपनी प्रबंधकों को वेतन भुगतान करने को कहा है, लेकिन विवाद नहीं सुलझा है। द्विपक्षीय वार्ता के लिए दोनों को 24 अक्तूबर को कार्यालय तलब किया है।
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बद्दी (सोलन)।
बरोटीवाला की एक फार्मा कंपनी के कामगारों की काली दिवाली मनाई। कामगारों का आरोप है कि न तो उन्हें वेतन मिला और न ही बोनस। कामगारों ने इसके विरोध में धरना प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि श्रम विभाग के समक्ष कई बार समस्या के समाधान की गुहार लगा चुके हैं।
कामगारों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती, आंदोलन तब तक जारी रहेगा। सीटू के वरिष्ठ नेता एनडी रनोट ने कहा कि कंपनी में 250 कामगार हैं। प्रबंधकों ने अधिकतर कामगारों को श्रम कानूनों के तहत न्यूनतम, वार्षिक बोनस, छुट्टियां, पे-स्लिप, लीव कार्ड व पहचान पत्र तक नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि मजदूर लंबे समय से श्रम कानूनों को लागू कराने की मांग कर रहे हैं लेकिन श्रम और उद्योग विभाग इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहे है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कामगारों की मांगें नहीं मानी गई तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
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कामगारों ने कहा कि ये पहली मर्तबा है, जब उन्होंने काली दिवाली मनाई है। वे घर को मिठाई का डिब्बा भी नहीं ले पाए। इसकी शिकायत श्रम विभाग को कई बार की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। श्रम अधिकारी बद्दी मनीष करोल ने बताया कि कंपनी प्रबंधकों को वेतन भुगतान करने को कहा है, लेकिन विवाद नहीं सुलझा है। द्विपक्षीय वार्ता के लिए दोनों को 24 अक्तूबर को कार्यालय तलब किया है।
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