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आशा वर्करों ने 6750 रुपये मानदेय की उठाई मांग
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अमर उजाला ब्यूरो
दाड़लाघाट (सोलन)। हिमाचल प्रदेश आशा वर्कर्स इंटक जिला सोलन की अध्यक्ष सपना ठाकुर के नेतृत्व में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल समस्याओं को लेकर मांगल पंचायत के बागा में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिला। अध्यक्ष सपना ठाकुर ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र से राज्य में नियुक्त आशा वर्करों को स्थायी स्वरूप देने की पुरजोर मांग उठाई।
आशा वर्करों को कम से कम 6750 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की गई। सभी आशा वर्करों से विभाग कई कार्य ऑनलाइन करवा रह है जिसमें स्मार्ट फोन, टैब की सुविधा न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। कहा कि उन्हें स्मार्ट फोन और टैब मुहैया करवाए जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से सर्वे रजिस्टर और अन्य वांछनीय रजिस्टर दिया जाए जिससे हर नागरिक का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति बहुत खस्ता है। ऐसे में वर्करों को साल में दो सेट वर्दी, जूते और छाता दिलवाने की बात भी रखी। प्रधान सपना ठाकुर ने कहा कि राज्य की समस्त आशा वर्करों को आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाबद्ध से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज तक आशा वर्करों को मात्र 1250 रुपये मानदेय मिल रहा है। ऐसे में आशा वर्करों को इस महंगाई के इस दौर में अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार और विभाग आशा वर्करों की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
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दाड़लाघाट (सोलन)। हिमाचल प्रदेश आशा वर्कर्स इंटक जिला सोलन की अध्यक्ष सपना ठाकुर के नेतृत्व में संघ का एक प्रतिनिधिमंडल समस्याओं को लेकर मांगल पंचायत के बागा में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से मिला। अध्यक्ष सपना ठाकुर ने बताया कि प्रतिनिधि मंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र से राज्य में नियुक्त आशा वर्करों को स्थायी स्वरूप देने की पुरजोर मांग उठाई।
आशा वर्करों को कम से कम 6750 रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की मांग की गई। सभी आशा वर्करों से विभाग कई कार्य ऑनलाइन करवा रह है जिसमें स्मार्ट फोन, टैब की सुविधा न होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है। कहा कि उन्हें स्मार्ट फोन और टैब मुहैया करवाए जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से सर्वे रजिस्टर और अन्य वांछनीय रजिस्टर दिया जाए जिससे हर नागरिक का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
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उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति बहुत खस्ता है। ऐसे में वर्करों को साल में दो सेट वर्दी, जूते और छाता दिलवाने की बात भी रखी। प्रधान सपना ठाकुर ने कहा कि राज्य की समस्त आशा वर्करों को आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय सुरक्षा योजनाबद्ध से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आज तक आशा वर्करों को मात्र 1250 रुपये मानदेय मिल रहा है। ऐसे में आशा वर्करों को इस महंगाई के इस दौर में अपने परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार और विभाग आशा वर्करों की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।
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