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Solan News: रामशहर में तीन साल से शोपीस बनी 15 लाख की फ्लड लाइट
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रामशहर में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।
- फोटो : 1
शाम होते ही अंधेरे में डूब रहा बस अड्डा, तीन साल से कनेक्शन का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर (सोलन)। पहाड़ी क्षेत्र रामशहर बस अड्डे पर लगी हेड फ्लड स्ट्रीट लाइट तीन साल के बंद पड़ी है। एचपीआरआईडीसी ने 15 लाख की राशि व्यय करके बस अड्डे पर लोगों की सुविधा के लिए यह लाइट लगाई गई थी। विभागीय लापरवाही के आलम यह है कि आज तक इस लाइट को बिजली का कनेक्शन तक नसीब नहीं हो पाया, जिससे शाम ढलते ही पूरा बस स्टैंड अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। बद्दी-साई मार्ग का निर्माण करने वाली एजेंसी एचपीआरआईडीसी ने स्थानीय लोगों की मांग पर इस लाइट को स्थापित किया था। भारी-भरकम राशि खर्च करने के बाद अब कोई भी विभाग इसका रखवाला बनने को तैयार नहीं है। लाइट को चालू करने के लिए बिजली का मीटर लगाया जाना है, लेकिन लोक निर्माण विभाग और पंचायत के बीच चल रही कागजी कार्रवाई ने इसे शोपीस बना दिया है। रामशहर क्षेत्र की लगभग 28 पंचायतों का मुख्य केंद्र बिंदु है। यहां से रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब इस लाइट को चालू ही नहीं करना था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के 15 लाख रुपये बर्बाद करने का क्या औचित्य था। अंधेरा होने के कारण बस स्टैंड पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। रामशहर पंचायत की प्रधान कृष्णा शर्मा का कहना है कि वर्तमान में यह लाइट लोक निर्माण विभाग के अधीन है। नियम के मुताबिक, जब तक विभाग इसे औपचारिक रूप से पंचायत को नहीं सौंपता, तब तक पंचायत इसमें मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकती। वहीं, ग्रामीणों ने अब प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक बावा हरदीप सिंह से गुहार लगाई है कि इस मामले में दखल देकर जल्द से जल्द रोशनी की व्यवस्था की जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामशहर (सोलन)। पहाड़ी क्षेत्र रामशहर बस अड्डे पर लगी हेड फ्लड स्ट्रीट लाइट तीन साल के बंद पड़ी है। एचपीआरआईडीसी ने 15 लाख की राशि व्यय करके बस अड्डे पर लोगों की सुविधा के लिए यह लाइट लगाई गई थी। विभागीय लापरवाही के आलम यह है कि आज तक इस लाइट को बिजली का कनेक्शन तक नसीब नहीं हो पाया, जिससे शाम ढलते ही पूरा बस स्टैंड अंधेरे के आगोश में डूब जाता है। बद्दी-साई मार्ग का निर्माण करने वाली एजेंसी एचपीआरआईडीसी ने स्थानीय लोगों की मांग पर इस लाइट को स्थापित किया था। भारी-भरकम राशि खर्च करने के बाद अब कोई भी विभाग इसका रखवाला बनने को तैयार नहीं है। लाइट को चालू करने के लिए बिजली का मीटर लगाया जाना है, लेकिन लोक निर्माण विभाग और पंचायत के बीच चल रही कागजी कार्रवाई ने इसे शोपीस बना दिया है। रामशहर क्षेत्र की लगभग 28 पंचायतों का मुख्य केंद्र बिंदु है। यहां से रोजाना हजारों लोग आवाजाही करते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब इस लाइट को चालू ही नहीं करना था, तो जनता की गाढ़ी कमाई के 15 लाख रुपये बर्बाद करने का क्या औचित्य था। अंधेरा होने के कारण बस स्टैंड पर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहने और दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। रामशहर पंचायत की प्रधान कृष्णा शर्मा का कहना है कि वर्तमान में यह लाइट लोक निर्माण विभाग के अधीन है। नियम के मुताबिक, जब तक विभाग इसे औपचारिक रूप से पंचायत को नहीं सौंपता, तब तक पंचायत इसमें मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकती। वहीं, ग्रामीणों ने अब प्रदेश सरकार और स्थानीय विधायक बावा हरदीप सिंह से गुहार लगाई है कि इस मामले में दखल देकर जल्द से जल्द रोशनी की व्यवस्था की जाए।