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न्यायालय के आदेशों के बाद भी पूरा नहीं हुआ शहर में नाली ढकने का काम
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सोलन शहर में शुरू नहीं हो सका नाली ढकने का काम
खुली पड़ी नाली से हादसे की संभावना, माल रोड की सुंदरता पर लग रहा ग्रहण
2017 में मालरोड से अतिक्रमण को हटाने के लिए तोड़ी गई थीं नालियां
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। मालरोड सोलन से अवैध कब्जे हटाने के बाद नालियों को ढंकने का कार्य पिछले करीब आठ माह से बंद पड़ा है। इसमें खुली नालियों से दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। वहीं शहर के मालरोड की खूबसूरती को ग्रहण लगा हुआ है। इससे आ रही दुर्गंध से दुकानदारों और आने-जाने वाले लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। नालियों को ढंकने का कार्य एक चौथाई भी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा सारी नालियां टूटी और खुली पड़ी हैं। जिला प्रशासन और विभाग ने न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर अब इस ओर से मुंह फेर लिया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों पर जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने सोलन के माल रोड से 2017 में अवैध कब्जे हटाए थे। इस दौरान सड़क किनारे की नालियों पर किया निर्माण और रैंप भी तोड़ दिए थे। लंबे समय तक ये नालियां खुली पड़ी रहीं और लोगों को भारी परेशानी हुई जिसके बाद न्यायालय ने इसे ढंकने के निर्देश दिए। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए एस्टिमेट तैयार किया। सोलन के पुराने बस अड्डे से लेकर सपरून चौक तक नालियों को गहरा करने और इन्हें ढंकने पर 75 लाख खर्च होने थे। आठ माह बाद आखिरकार प्रशासन ने नालियों को कवर करने के लिए 15 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इस राशि में प्रथम चरण का कार्य होना था और पुराने बस अड्डे से पुराने उपायुक्त कार्यालय तक नालियों को ढंका जाना था। योजना के तहत मालरोड की नालियों को करीब एक मीटर चौड़ा कर इसके ऊपर सीमेंट पेवर लगाए जाने थे।
2018 में शुरू हुआ था नालियों को ढकने का कार्य
प्रशासन से प्रथम चरण के लिए 15 लाख रुपये का बजट मिलने के बाद 2018 में लोक निर्माण विभाग ने नालियों को ढंकने का कार्य शुरू किया। मां शूलिनी मेले और बारिश के चलते इस कार्य को बीच में ही बंद कर दिया गया। अभी यह कार्य लाइब्रेरी के पास जवाहर पार्क को जाने वाले रास्ते तक ही हुआ है। इस पर करीब चार लाख खर्च हुए हैं। पिछले करीब आठ महीनों से यह कार्य पूरी तरह बंद है और विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब हालात ये हैं कि जहां पर नालियां बन गई हैं और ऊपर से सीमेंट के पेवर लगे हैं, वहां दुकानदार अपना सामान लगा रहे हैं। जहां नालियां नहीं बनी हैं, वहां राहगीरों को परेशानी हो रही है और दुकानदारों को भी।
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कारोबारियों को झेलनी पड़ रही परेशानी
मालरोड सोलन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद खुली नालियां दुकानदारों के लिए भी आफत बन गई। एक तरफ टूटी नालियों को अभी तक कवर नहीं किया गया। नालियों की दुर्दशा से कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। दुकानों के सामने बने रैंप हटाए जाने से ग्राहकों को दुकानों में चढ़ना उतरना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर दुकानदारों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए के लिए लकड़ी के फट्टे लगाकर काम चलाना पड़ रहा है।
मार्च माह में शुरू होगा कार्य
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सोलन अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि मार्च के माह में दोबारा से नालियों को ढकने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही कार्यभार संभाला है। सोलन मालरोड की नालियों को बनाने के लिए कितना पैसा स्वीकृत हुआ था और कितना बचा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह जल्द ही इसका पता करेंगे।
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खुली पड़ी नाली से हादसे की संभावना, माल रोड की सुंदरता पर लग रहा ग्रहण
2017 में मालरोड से अतिक्रमण को हटाने के लिए तोड़ी गई थीं नालियां
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। मालरोड सोलन से अवैध कब्जे हटाने के बाद नालियों को ढंकने का कार्य पिछले करीब आठ माह से बंद पड़ा है। इसमें खुली नालियों से दुर्घटना होने का अंदेशा बना हुआ है। वहीं शहर के मालरोड की खूबसूरती को ग्रहण लगा हुआ है। इससे आ रही दुर्गंध से दुकानदारों और आने-जाने वाले लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। नालियों को ढंकने का कार्य एक चौथाई भी पूरा नहीं हुआ है। इसके अलावा सारी नालियां टूटी और खुली पड़ी हैं। जिला प्रशासन और विभाग ने न्यायालय के आदेशों को दरकिनार कर अब इस ओर से मुंह फेर लिया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों पर जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने सोलन के माल रोड से 2017 में अवैध कब्जे हटाए थे। इस दौरान सड़क किनारे की नालियों पर किया निर्माण और रैंप भी तोड़ दिए थे। लंबे समय तक ये नालियां खुली पड़ी रहीं और लोगों को भारी परेशानी हुई जिसके बाद न्यायालय ने इसे ढंकने के निर्देश दिए। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने इसके लिए एस्टिमेट तैयार किया। सोलन के पुराने बस अड्डे से लेकर सपरून चौक तक नालियों को गहरा करने और इन्हें ढंकने पर 75 लाख खर्च होने थे। आठ माह बाद आखिरकार प्रशासन ने नालियों को कवर करने के लिए 15 लाख के बजट का प्रावधान किया है। इस राशि में प्रथम चरण का कार्य होना था और पुराने बस अड्डे से पुराने उपायुक्त कार्यालय तक नालियों को ढंका जाना था। योजना के तहत मालरोड की नालियों को करीब एक मीटर चौड़ा कर इसके ऊपर सीमेंट पेवर लगाए जाने थे।
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2018 में शुरू हुआ था नालियों को ढकने का कार्य
प्रशासन से प्रथम चरण के लिए 15 लाख रुपये का बजट मिलने के बाद 2018 में लोक निर्माण विभाग ने नालियों को ढंकने का कार्य शुरू किया। मां शूलिनी मेले और बारिश के चलते इस कार्य को बीच में ही बंद कर दिया गया। अभी यह कार्य लाइब्रेरी के पास जवाहर पार्क को जाने वाले रास्ते तक ही हुआ है। इस पर करीब चार लाख खर्च हुए हैं। पिछले करीब आठ महीनों से यह कार्य पूरी तरह बंद है और विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अब हालात ये हैं कि जहां पर नालियां बन गई हैं और ऊपर से सीमेंट के पेवर लगे हैं, वहां दुकानदार अपना सामान लगा रहे हैं। जहां नालियां नहीं बनी हैं, वहां राहगीरों को परेशानी हो रही है और दुकानदारों को भी।
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कारोबारियों को झेलनी पड़ रही परेशानी
मालरोड सोलन में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद खुली नालियां दुकानदारों के लिए भी आफत बन गई। एक तरफ टूटी नालियों को अभी तक कवर नहीं किया गया। नालियों की दुर्दशा से कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। दुकानों के सामने बने रैंप हटाए जाने से ग्राहकों को दुकानों में चढ़ना उतरना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर दुकानदारों को वैकल्पिक व्यवस्था के लिए के लिए लकड़ी के फट्टे लगाकर काम चलाना पड़ रहा है।
मार्च माह में शुरू होगा कार्य
अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग सोलन अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि मार्च के माह में दोबारा से नालियों को ढकने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही कार्यभार संभाला है। सोलन मालरोड की नालियों को बनाने के लिए कितना पैसा स्वीकृत हुआ था और कितना बचा है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। वह जल्द ही इसका पता करेंगे।