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पंचायत से टीसीपी हटाने की घोषणा का किया स्वागत
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टीसीपी एक्ट हटाने की घोषणा पर चहके कई पंचायतों के बाशिंदे
ग्रामीण बोले- धर्मपुर विकास खंड की पंचायतों को भी दी जाए एक्ट में छूट
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। दो सप्ताह पहले मंडी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ग्रामीण क्षेत्रों से टीसीपी एक्ट हटाने की घोषणा का कई पंचायतों ने स्वागत किया है। विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड धर्मपुर के तहत करीब एक दर्जन गांवों को टीसीपी एक्ट से बाहर करने की मांग की जा रही है। इसमें गुल्हाडी पंचायत के प्रधान मदन मोहन मेहता, जाबली पंचायत के प्रधान दुनीचंद धीमान, धर्मपुर पंचायत के प्रधान ओपी पंवर, आंजीमातला पंचायत के प्रधान खुशीराम, चेवा पंचायत की प्रधान चित्रलेखा, गढ़खल पंचायत के प्रधान राजेंद्र शर्मा ने कहा की टीसीपी एक्ट लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों से पंचायत की राय लिए बिना प्रदेश के अनेकों गांवों को टीसीपी के दायरे मे पंचायतों के कई क्षेत्रों को डाल दिया जाता है। सरकार से इसकी अधिसूचना होने के बाद ग्रामीणों को इसकी भनक लगती है। इसके बाद टीसीपी के दायरे में आने वाले लोगों को अपना नक्शा पास करवाने के लिए टीसीपी के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उसके बाद भी नक्शे पास नहीं होते। ग्रामीण क्षेत्रों मे यह अधिकार नगर परिषद की तर्ज पर पंचायत प्रधान के पास होने चाहिए।
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ग्रामीण बोले- धर्मपुर विकास खंड की पंचायतों को भी दी जाए एक्ट में छूट
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। दो सप्ताह पहले मंडी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की ग्रामीण क्षेत्रों से टीसीपी एक्ट हटाने की घोषणा का कई पंचायतों ने स्वागत किया है। विधानसभा क्षेत्र के विकास खंड धर्मपुर के तहत करीब एक दर्जन गांवों को टीसीपी एक्ट से बाहर करने की मांग की जा रही है। इसमें गुल्हाडी पंचायत के प्रधान मदन मोहन मेहता, जाबली पंचायत के प्रधान दुनीचंद धीमान, धर्मपुर पंचायत के प्रधान ओपी पंवर, आंजीमातला पंचायत के प्रधान खुशीराम, चेवा पंचायत की प्रधान चित्रलेखा, गढ़खल पंचायत के प्रधान राजेंद्र शर्मा ने कहा की टीसीपी एक्ट लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों से पंचायत की राय लिए बिना प्रदेश के अनेकों गांवों को टीसीपी के दायरे मे पंचायतों के कई क्षेत्रों को डाल दिया जाता है। सरकार से इसकी अधिसूचना होने के बाद ग्रामीणों को इसकी भनक लगती है। इसके बाद टीसीपी के दायरे में आने वाले लोगों को अपना नक्शा पास करवाने के लिए टीसीपी के कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। उसके बाद भी नक्शे पास नहीं होते। ग्रामीण क्षेत्रों मे यह अधिकार नगर परिषद की तर्ज पर पंचायत प्रधान के पास होने चाहिए।