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मनरेगा मजदूरों को दो माह से नहीं मिली दिहाड़ी
Updated Wed, 06 Dec 2017 09:53 PM IST
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दो हजार का नोट
- फोटो : self
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भोजनगर (सोलन)। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत काम कर रहे हजारों मजदूरों को दो माह से पैसों का भुगतान नहीं किया गया है। इसका कारण केंद्र से फंड न मिलना बताया जा रहा है। आलम यह है कि जिले में मनरेगा के तहत 1 करोड़ 35 लाख से अधिक की देनदारी हो गई है। इसके चलते मनरेगा से लोगों का मोह भी भंग होने लगा है। जुलाई में 4653 लोगों ने मनरेगा में काम किया, अगस्त में 4565, सितंबर में 3189, अक्तूबर में मनरेगा में काम करने वालों की संख्या 1845 रह गई। नवंबर में मनरेगा में काम करने वालों की संख्या 1453 ही रह गई है।
मजदूरी न मिलने से मजदूरों ने मनरेगा कार्य छोड़ना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार मजदूरों को समय पर दिहाड़ी न मिलने के कारण उन्हें अपने घर परिवार का लालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। दो माह कार्य करने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला है। इसके चलते कुछ मजदूरों ने मनरेगा के तहत कार्य करना छोड़ दिया है वहीं कुछ छोड़ने का मन बनाने लगे हैं। मजदूरों के मुताबिक करीब दो माह से उन्हें अपने बच्चों की स्कूल फीस, राशन, बीमारी के दौरान दवाईयों का खर्चा उठाने तक के लिए पैसे नहीं है। मनरेगा के तहत उन्हें समय पर दिहाड़ी न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। अब मजदूरों ने मनरेगा के तहत कार्य से दूरी बनाना भी शुरू कर दिया है। जिला में मरनेगा के तहत 73799 मजदूर काम करते हैं।
मजदूर नहीं आ रहे काम पर : बलवंत सिंह
पंचायत नेरी कलां के प्रधान बलवंत सिंह ने बताया कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को पिछले काफी समय से दिहाड़ी नहीं मिल रही है। इस कारण लोग मनरेगा से दूरी बनाने लगे हैं। पैसे न मिलने के कारण कौन मनरेगा के तहत काम करेगा।
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केंद्र से धनराशि आते ही मिलेगी दिहाड़ी
विकास खंड अधिकारी एवं मनरेगा की सहायक आयुक्त विकास डॉ. प्रियंका चंद्रा ने बताया कि कुछ समय से मनरेगा के तहत केंद्र से फंड नहीं मिला है। जैसे ही केंद्र से फंड मिलेगा मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए विभाग प्रयासरत है। मजदूरों की परेशानियों का जल्द समाधान कर दिया जाएगा।
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मजदूरी न मिलने से मजदूरों ने मनरेगा कार्य छोड़ना शुरू कर दिया है। जानकारी के अनुसार मजदूरों को समय पर दिहाड़ी न मिलने के कारण उन्हें अपने घर परिवार का लालन पोषण करना मुश्किल हो गया है। दो माह कार्य करने के बाद भी उन्हें कुछ नहीं मिला है। इसके चलते कुछ मजदूरों ने मनरेगा के तहत कार्य करना छोड़ दिया है वहीं कुछ छोड़ने का मन बनाने लगे हैं। मजदूरों के मुताबिक करीब दो माह से उन्हें अपने बच्चों की स्कूल फीस, राशन, बीमारी के दौरान दवाईयों का खर्चा उठाने तक के लिए पैसे नहीं है। मनरेगा के तहत उन्हें समय पर दिहाड़ी न मिलने के कारण आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ रहा है। अब मजदूरों ने मनरेगा के तहत कार्य से दूरी बनाना भी शुरू कर दिया है। जिला में मरनेगा के तहत 73799 मजदूर काम करते हैं।
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मजदूर नहीं आ रहे काम पर : बलवंत सिंह
पंचायत नेरी कलां के प्रधान बलवंत सिंह ने बताया कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को पिछले काफी समय से दिहाड़ी नहीं मिल रही है। इस कारण लोग मनरेगा से दूरी बनाने लगे हैं। पैसे न मिलने के कारण कौन मनरेगा के तहत काम करेगा।
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केंद्र से धनराशि आते ही मिलेगी दिहाड़ी
विकास खंड अधिकारी एवं मनरेगा की सहायक आयुक्त विकास डॉ. प्रियंका चंद्रा ने बताया कि कुछ समय से मनरेगा के तहत केंद्र से फंड नहीं मिला है। जैसे ही केंद्र से फंड मिलेगा मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए विभाग प्रयासरत है। मजदूरों की परेशानियों का जल्द समाधान कर दिया जाएगा।