{"_id":"59eb84ca4f1c1bc9678b6dc8","slug":"111508607178-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के 42 पद खाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों के 42 पद खाली
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोलन। स्वास्थ्य सेवाओं का जिला में हाल बेहाल है। भले ही प्रदेश के हिस्से दो नए मेडिकल कॉलेज आए हों और मौजूदा चुनाव में एम्स जैसे संस्थान के चर्चे हो रहे हों। लेकिन, जमीनी हालात कैसे हैं और इनमें सुधार होगा या नहीं। इसकी नब्ज जांचना भी चुनाव से पहले जरूरी होगा।
सोलन जिला शिमला और चंडीगढ़ के नजदीक है। यहां के अधिकतर मरीज रेफर किए जा रहे हैं। जिला में एक जोनल अस्पताल, 5 सिविल अस्पताल, 5 सीएचसी, 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 182 सब स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां 122 डॉक्टरों की तैनाती होनी जरूरी है। लेकिन, ज्यादातर पद खाली चल रहे हैं। दूरदराज से आने वाले मरीज निराश होकर या तो घर लौट जाते हैं या फिर जेब के हिसाब से निजी अस्पताल का रुख करते हैं। जिला भर में डॉक्टरों के 42 पद खाली पड़े हैं। मेडिकल कॉलेज से हर साल एक बैच निकलता है और इन डॉक्टरों की तैनाती भी होती है। लेकिन, कुछ अरसा काम करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए यह डॉक्टर लंबी छुट्टी पर चले जाते हैं। कई अस्पतालों में डॉक्टर के छुट्टी पर होने की वजह से इन पदों को भरना मुश्किल है। अब सरकार चाहे एम्स खोले या मेडिकल कॉलेज जब तक डॉक्टरों पर बंदिशें नहीं होंगी, लोग तड़पते ही रहेंगे।
डॉक्टरों के पद बढ़ाने की मांग की है : सीएमओ
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके धरोच ने बताया कि जिला के स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य अस्पतालों में डॉक्टर के रिक्त पड़े पदों का मामला संज्ञान में है। बताया कि इन पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आला अधिकारियों को सूचित भी किया गया है। लोगों को डॉक्टरों की कमी के कारण कोई परेशानी न हो इसके लिए जहां पर डॉक्टर के पद रिक्त चल रहे हैं वहां डॉक्टरों को डिपयुट भी किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोलन जिला शिमला और चंडीगढ़ के नजदीक है। यहां के अधिकतर मरीज रेफर किए जा रहे हैं। जिला में एक जोनल अस्पताल, 5 सिविल अस्पताल, 5 सीएचसी, 41 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित 182 सब स्वास्थ्य केंद्र हैं। यहां 122 डॉक्टरों की तैनाती होनी जरूरी है। लेकिन, ज्यादातर पद खाली चल रहे हैं। दूरदराज से आने वाले मरीज निराश होकर या तो घर लौट जाते हैं या फिर जेब के हिसाब से निजी अस्पताल का रुख करते हैं। जिला भर में डॉक्टरों के 42 पद खाली पड़े हैं। मेडिकल कॉलेज से हर साल एक बैच निकलता है और इन डॉक्टरों की तैनाती भी होती है। लेकिन, कुछ अरसा काम करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए यह डॉक्टर लंबी छुट्टी पर चले जाते हैं। कई अस्पतालों में डॉक्टर के छुट्टी पर होने की वजह से इन पदों को भरना मुश्किल है। अब सरकार चाहे एम्स खोले या मेडिकल कॉलेज जब तक डॉक्टरों पर बंदिशें नहीं होंगी, लोग तड़पते ही रहेंगे।
विज्ञापन
डॉक्टरों के पद बढ़ाने की मांग की है : सीएमओ
जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके धरोच ने बताया कि जिला के स्वास्थ्य केंद्रों सहित अन्य अस्पतालों में डॉक्टर के रिक्त पड़े पदों का मामला संज्ञान में है। बताया कि इन पदों को भरने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर आला अधिकारियों को सूचित भी किया गया है। लोगों को डॉक्टरों की कमी के कारण कोई परेशानी न हो इसके लिए जहां पर डॉक्टर के पद रिक्त चल रहे हैं वहां डॉक्टरों को डिपयुट भी किया जाता है।
विज्ञापन