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1,055 किसानों के बैंक खाते में पहुंचे धान के साढे़ छह करोड़ रुपये
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संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। बीबीएन के नालागढ़ और मलपुर में 1,055 किसानों ने अभी तक अपना धान बेच चुके हैं। अभी भी किसान प्रति दिन धान बेचने के लिए लगातार आ रहे है। नालागढ़ के एफसीआई और मलपुर में खाद्य आपूर्ति निगम किसानों का धान खरीद रही है।
यहां के किसान पहले पंजाब की मंडियों में अपना धान बेचते थे लेकिन वहां पर जमीन की फर्द लगने से पिछले दो सालों से पंजाब की मंडियों में किसानों का धान नहीं बिक रहा है। इससे नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में खुले खरीद केंद्र किसानों के वरदान साबित हो रहे हैं।
नालागढ़ में अभी तक 426 किसान 12,230 क्विंटल धान बेच चुके हैं जबकि मलुपर में 629 किसान 19,849 क्विंटल धान अभी तक बेच चुके हैं। विभाग ने इन सभी किसानों के खाते में 6.60 करोड़ रुपये डाल दिए हैं।
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मलपुर के पूर्व प्रधान पोला राम चौधरी, किशनपुरा के पूर्व प्रधान राम सिंह, संडोली की प्रधान बेबी रानी, पूर्व प्रधान भाग सिंह ने बताया कि मलपुर में खरीद केंद्र खुलने से यहां के किसानों को घर-द्वार पर सुविधा मिल रही है। इससे पहले किसान अपना धान बेचने के लिए पंचकूला की अनाज मंडी में जाते थे।
वहीं नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, सोढी राम, मुकेश कुमार, अमर चंद ने बताया कि इस बार हाइब्रिड में वायरस रोग लगने से किसानों को धान कम निकला। नालागढ़ में खरीद केंद्र खुलने से उन्हें धान बेचने के लिए कोई चिंता नहीं रही।
कृषि उपज मंडी नालागढ़ के प्रभारी गंगाराम ने बताया कि अभी तक नालागढ़ और बद्दी में 1,055 किसान अपना धान बेच चुके हैं। इनके बैंक खाते में 6.60 करोड़ रुपये विभाग ने डाल दिए गए है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धान 100 रुपये मंहगा खरीदा गया है।
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बद्दी(सोलन)। बीबीएन के नालागढ़ और मलपुर में 1,055 किसानों ने अभी तक अपना धान बेच चुके हैं। अभी भी किसान प्रति दिन धान बेचने के लिए लगातार आ रहे है। नालागढ़ के एफसीआई और मलपुर में खाद्य आपूर्ति निगम किसानों का धान खरीद रही है।
यहां के किसान पहले पंजाब की मंडियों में अपना धान बेचते थे लेकिन वहां पर जमीन की फर्द लगने से पिछले दो सालों से पंजाब की मंडियों में किसानों का धान नहीं बिक रहा है। इससे नालागढ़ और बद्दी के मलपुर में खुले खरीद केंद्र किसानों के वरदान साबित हो रहे हैं।
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नालागढ़ में अभी तक 426 किसान 12,230 क्विंटल धान बेच चुके हैं जबकि मलुपर में 629 किसान 19,849 क्विंटल धान अभी तक बेच चुके हैं। विभाग ने इन सभी किसानों के खाते में 6.60 करोड़ रुपये डाल दिए हैं।
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मलपुर के पूर्व प्रधान पोला राम चौधरी, किशनपुरा के पूर्व प्रधान राम सिंह, संडोली की प्रधान बेबी रानी, पूर्व प्रधान भाग सिंह ने बताया कि मलपुर में खरीद केंद्र खुलने से यहां के किसानों को घर-द्वार पर सुविधा मिल रही है। इससे पहले किसान अपना धान बेचने के लिए पंचकूला की अनाज मंडी में जाते थे।
वहीं नालागढ़ के किसान प्रेम चौधरी, सोढी राम, मुकेश कुमार, अमर चंद ने बताया कि इस बार हाइब्रिड में वायरस रोग लगने से किसानों को धान कम निकला। नालागढ़ में खरीद केंद्र खुलने से उन्हें धान बेचने के लिए कोई चिंता नहीं रही।
कृषि उपज मंडी नालागढ़ के प्रभारी गंगाराम ने बताया कि अभी तक नालागढ़ और बद्दी में 1,055 किसान अपना धान बेच चुके हैं। इनके बैंक खाते में 6.60 करोड़ रुपये विभाग ने डाल दिए गए है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार धान 100 रुपये मंहगा खरीदा गया है।