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टपक रही केंद्रीय पुस्तकालय भवन की छत, खराब हो रहीं दुर्लभ किताबें

Sun, 11 Nov 2018 05:24 PM IST
Updated Sun, 11 Nov 2018 05:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो

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सोलन। केंद्रीय पुस्तकालय सोलन के भवन की हालत दिनोंदिन खस्ता होती जा रही है। आलम यह है कि पुस्तकालय की छत से पानी टपकने से अब तक दर्जनों दुर्लभ पुस्तकें खराब हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन ने पहले पुस्तकालय को पुराने उपायुक्त भवन में शिफ्ट करने के बारे मेें सोच रहा था, लेकिन उस भवन में इतनी जगह नहीं है कि वहां पर पुस्तकालय को शिफ्ट किया जा सके। इसके चलते अब विभाग पुस्तकालय को कहीं और शिफ्ट करने के बारे में सोच रहा है।

जानकारी के अनुसार माल रोड पर स्थित मोती लाल नेहरू केंद्रीय राज्य पुस्तकालय देश के प्राचीन इतिहास को संजोकर रख रहा है। इस पुस्तकालय में करीब 200 ऐसी पुस्तकें आज भी मौजूद हैं जो दुनिया के शायद किसी भी पुस्तकालय में नहीं मिलेंगी। यहां पर 1.20 लाख पुस्तकों का विशाल भंडार है। यह हिमाचल का एकमात्र पुस्तकालय है जहां इतने बड़े स्तर पर पुस्तकों को रखा गया है।
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जानकारी के अनुसार इस पुस्तकालय का शुभारंभ 1959 में किया गया था। भले की पुस्तकालय का भवन कई दशक पुराना है और बेहद खस्ता हाल में हैं, इसके बावजूद पाठकों को यहां पर आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई गई हैं। यहां पर पाठकों को केबिनेट कैटलॉग की सुविधा दी गई है जिससे पाठक कोई भी पुस्तक आसानी से खोज सकते हैं। इस पुस्तकालय में कई ऐसी पुस्तकें भी हैं जो हस्तलिखित हैं। शिमला व पास्ट प्रेजेंट (1925), फाइव मौन्स ईन हिमालय (1909), द हार्ट ऑफ नेपाल (1962), हिमाचल प्रदेश डिस्ट्रिक्ट गजटीयर्स सिरमौर (1969), द कमेंट्री ऑफ महेेश्वरा (1882) सहित कई बेहद दुर्लभ पुस्तकें हैं। पुस्तकालय में एडवर्ड जेबक, डनगम फोरबस, सेवन हिडन, एफ काइलहोरन आदि लेखकों की किताबें संजोकर रखी गई हैं। पुस्तकालय में राजनीति, इतिहास, हस्त लिखित कविता और रेफरंस बुक, साहित्य, मुंशी प्रेम चंद की कहानियां, संस्कृति उपन्यास, हिंदी उपन्यास आदि मौजूद हैं। हालांकि, बारिश के दौरान छत से पानी टपकना शुरू हो जाता है जिस कारण पुस्तकों का खराब होने का अंदेशा बना हुआ है।
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पुस्तकालय के सदस्यों को ही मिलती हैं घर के लिए किताबें
पाठक कई बार किताबों को घर ले जाते हैं और बाद में पुस्तकालय में भी जमा करवाते हैं। पुस्तकालय में अधिकारी व कर्मचारी बच्चों को समय-समय पर किताबों के लिए रिमाइंडर करवाते हैं। उन्हीं पाठकों को घर के लिए किताबें दी जाती हैं जो पुस्तकालय का सदस्य हो। पुस्तकालय में बच्चों की सुविधा के लिए प्रतिदिन सात अंग्रेजी अखबार, सात हिंदी अखबार, एक उर्दू और पंजाबी समाचार पत्र भी आता है।


पुस्तकालय का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही डिग्री कॉलेज की प्राचार्य नीलम शर्मा ने बताया कि केंद्रीय पुस्तकालय की हालत बीते कुछ समय से खस्ता होती जा रही हैं। उन्होंने बताया कि उक्त पुस्तकालय में बहुत सी दुर्लभ किताबें हैं। उन्होंने पुस्तकालय की हालत को लेकर आला अधिकारियों को सूचित किया है। अगर कहीं पुस्तकालय के लिए उचित जगह मिलती है तो उसे वहां शिफ्ट कर दिया जाएगा।

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