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सैनवाला गांव में लोगों ने पेश की जल संरक्षण की अद्भुत मिसाल
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सिरमौर जिला के आमवाला-सैनवाला पंचायत में मनरेगा महिलाओं की ओर से तैयार किया जोहड़।
- फोटो : NAHAN
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नाहन (सिरमौर)। जल संरक्षण की दिशा में आमवाला सैनवाला पंचायत ने शानदार मिसाल कायम की है। पंचायत प्रधान संदीपक तोमर की अगुवाई में यहां पांच जोहड़ तैयार किए गए हैं। यह जोहड़ पानी के रिचार्ज को करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
अच्छी बात यह है कि पंचायत में जहां दो जोहड़ महिलाओं ने मनरेगा में तैयार किए हैं। वहीं तीन जोहड़ पंचायत प्रधान की प्रेरणा से युवाओं ने श्रमदान से ही तैयार किए हैं। श्रमदान से तैयार किए गए तीन जोहड़ में नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवियों ने भी अपना योगदान दिया है।
बता दें कि भारत सरकार देश में लगातार घट रहे जल स्तर को लेकर चिंतित है। ग्राउंड लेवल को कायम रखने के मकसद ने भारत सरकार का जल शक्ति मंत्रालय, देश भर में विभिन्न विभागों के माध्यम से पंचायतों को राशि जारी करके जोहड़, कुओं ओर तालाबों का निर्माण करवा रहा है। इसके लिए एक बड़ी राशि खर्च की जा रही है। जिला सिरमौर के नाहन विस क्षेत्र की आमवाला-सैनवाला ग्राम पंचायत के लोगों ने पंचायत प्रधान संदीपक तोमर की अगुवाई में सरकारी पैसा लेने की बजाए श्रमदान कर सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। यह कार्य पूरी तरह से नि:स्वार्थ भाव से किया गया है। यहां श्रमदान से जहां तीन जोहड़ तैयार किए । वहीं अब मनरेगा के जरिए दो जोहड़ तैयार किए गए हैं। इन जोहड़ों को तैयार करने में महिलाओं ने अपना अहम किरदार निभाया है।
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पंचायत में तैयार किए गए कुल पांच जोहड़ में से चार जोहड़ सैनवाला गांव में तैयार किए गए हैं। जबकि कंडी की ओर से दशकों पहले बोगरियां में तैयार किया जोहड़, जो बंद हो गया था को अब महिलाओं ने मनरेगा के माध्यम से फिर से तैयार कर दिया है।
पंचायत प्रधान संदीपक तोमर ने बताया कि देश में लगातार घट रहे ग्राउंड वाटर से सरकार चिंतित है। विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने भी लोगों से जल संरक्षण में अपना सहयोग देने की बात कही थी। इसके बाद सरकार से पैसा लिए बिना यहां श्रमदान से तीन जोहड़ तैयार किए हैं। जबकि दो जोहड़ मनरेगा के जरिए महिलाओं ने तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।
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अच्छी बात यह है कि पंचायत में जहां दो जोहड़ महिलाओं ने मनरेगा में तैयार किए हैं। वहीं तीन जोहड़ पंचायत प्रधान की प्रेरणा से युवाओं ने श्रमदान से ही तैयार किए हैं। श्रमदान से तैयार किए गए तीन जोहड़ में नेहरू युवा केंद्र के स्वयंसेवियों ने भी अपना योगदान दिया है।
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बता दें कि भारत सरकार देश में लगातार घट रहे जल स्तर को लेकर चिंतित है। ग्राउंड लेवल को कायम रखने के मकसद ने भारत सरकार का जल शक्ति मंत्रालय, देश भर में विभिन्न विभागों के माध्यम से पंचायतों को राशि जारी करके जोहड़, कुओं ओर तालाबों का निर्माण करवा रहा है। इसके लिए एक बड़ी राशि खर्च की जा रही है। जिला सिरमौर के नाहन विस क्षेत्र की आमवाला-सैनवाला ग्राम पंचायत के लोगों ने पंचायत प्रधान संदीपक तोमर की अगुवाई में सरकारी पैसा लेने की बजाए श्रमदान कर सरकार के इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया है। यह कार्य पूरी तरह से नि:स्वार्थ भाव से किया गया है। यहां श्रमदान से जहां तीन जोहड़ तैयार किए । वहीं अब मनरेगा के जरिए दो जोहड़ तैयार किए गए हैं। इन जोहड़ों को तैयार करने में महिलाओं ने अपना अहम किरदार निभाया है।
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पंचायत में तैयार किए गए कुल पांच जोहड़ में से चार जोहड़ सैनवाला गांव में तैयार किए गए हैं। जबकि कंडी की ओर से दशकों पहले बोगरियां में तैयार किया जोहड़, जो बंद हो गया था को अब महिलाओं ने मनरेगा के माध्यम से फिर से तैयार कर दिया है।
पंचायत प्रधान संदीपक तोमर ने बताया कि देश में लगातार घट रहे ग्राउंड वाटर से सरकार चिंतित है। विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने भी लोगों से जल संरक्षण में अपना सहयोग देने की बात कही थी। इसके बाद सरकार से पैसा लिए बिना यहां श्रमदान से तीन जोहड़ तैयार किए हैं। जबकि दो जोहड़ मनरेगा के जरिए महिलाओं ने तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य आगे भी जारी रहेगा।