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बिना पानी के स्कूलों में कैसे चलाएं शौचालय

Sat, 21 May 2016 10:56 PM IST
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)।
ब्यूराो, नाहन (सिरमौर)। Updated Sat, 21 May 2016 10:56 PM IST
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without water facility how we maintain toilet in schools
पेयजल संकट को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया
नाहन (सिरमौर)। शिक्षा खंड नाहन के दर्जन भर मिडल और प्राइमरी स्कूलों में बने शौचालयों में ताले लटक गए हैं। स्कूल पेयजल सुविधा से नहीं जुड़ पाए। ऐसे में पानी नहीं होने के कारण शौचालयों को बंद रखना स्कूल प्रबंधन की मजबूरी बन गई है। वहीं, कई स्कूलों में अभी तक शौचालय भी नहीं बन पाए हैं। इससे स्वच्छ भारत अभियान को तगड़ा झटका लग रहा है। स्कूली बच्चे खुले में शौच करने को विवश हो रहे हैं।
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हैरत यह है कि कई स्कूल कई साल पहले खोले गए हैं। इन स्कूलों में भी अभी तक पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। जिन स्कूलों को अपग्रेड किया गया है, वह स्कूल किराये के मकानों में चल रहे हैं। सुखद यह है कि किराये के इन मकानों में शौचालय की व्यवस्था है।
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बॉक्स के लिए--
3 मिडल और 2 प्राइमरी स्कूलों में पानी के कनेक्शन नहीं
एलीमेंट्री एजूकेशन के तहत आने वाले 3 मिडल स्कूल और 2 प्राइमरी स्कूलों में पानी के कनेक्शन नहीं है। नाहन शिक्षा खंड के सैर बड़ोन, कोटड़ी व बनकला-2 मिडल स्कूल में पीने के पानी की भी सुविधा नहीं है। वहीं, प्राइमरी स्कूल पनिया मंडोली व भनौत में भी पानी की सुविधा न होने से छात्रों व स्कूली स्टाफ को समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है।
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एसएसए से भी नहीं बने टायलेट
सर्व शिक्षा अभियान के तहत कई स्कूलों में टायलेट बनाने के लिए पैसा रिलीज किया गया था। कई स्कूलों में टायलेट के लिए जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई। जबकि कई स्कूलों के टायलेट का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इनमें कोटड़ी, मातर, बलकला-2, सैर बड़ोन, थापल व मंडोली स्कूल हैं।


खुले में शौच को विवश हैं छात्र
पानी की सुविधा न होने व अन्य कारणों की वजह से छात्रों को खुले में शौच के लिए विवश होना पड़ रहा है। हालांकि कई स्कूलों में पानी की वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मगर कई स्कूलों में पानी भी ढोकर लाना पड़ता है। आईपीएच को लिखा है पत्र उधर, इस संबंध में एलीमेंट्री एजूकेशन की ओएसडी बिन्ती मनूजा ने बताया कि स्कूलों में पानी उपलब्ध कराने को लेकर आईपीएच विभाग को लिखा गया है। विभाग को ऐसे स्कूलों की लिस्ट भी भेजी गई है। कई स्कूलों में टॉयलेट निर्माण का काम चल रहा है। जहां पर टायलेट हैं, वहां पर पानी की कमी चल रही है।
 
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