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सरकार ने कॉलेज तो खोल दिया, रामभरोसे छोड़ दिए विद्यार्थी
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ददाहू (सिरमौर)। साल 2016 में सरकार ने ददाहू को डिग्री कॉलेज तो दे दिया लेकिन आज तक यहां पर पूरा स्टाफ उपलब्ध नहीं हो सका। तीन विधानसभा क्षेत्रों के केंद्र बिंदू ददाहू में कॉलेज खुलते ही बच्चों की संख्या भी बढ़ी। आज यह कॉलेज छह साल का हो चुका है।
हैरानी इस बात की है कि स्टाफ की कमी आज भी बरकरार है। कॉलेज में महत्वपूर्ण विषयों के प्राध्यापकों की कमी के चलते अब मजबूरन विद्यार्थियों को पलायन करना पड़ रहा है। यहां अरसे से प्राचार्य सहित प्राध्यापकों के पांच पद रिक्त पड़े हुए हैं। जबकि गैर शैक्षणिक स्टाफ के भी तीन पदों पर भी भर्ती नहीं हो पाई है। इससे 340 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
यहां कॉमर्स संकाय का एक भी प्राध्यापक न होने से 60 बच्चे नाहन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अन्य विषयों के विद्यार्थी भी दूसरे कॉलेजों में दाखिला ले रहे हैं। इस कॉलेज में इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र का एक-एक और कॉमर्स के दो प्राध्यापकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। लिहाजा, विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह चौपट हो रही है। आज तक यहां प्राचार्य का पद नहीं भरा गया। इसका अतिरिक्त कार्यभार नाहन कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा गया है। यहां अधीक्षक ग्रेड दो, वरिष्ठ सहायक व लिपिक के पद भी लंबे अरसे से भरे नहीं गए हैं।
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अभिभावक सुशील कुमार, योगेंद्र कुमार, राहुल सिंह और विजय आदि ने बताया कि ददाहू कॉलेज में स्टाफ का टोटा बना हुआ है। कई अभिभावकों ने यहां से अपने बच्चों को दूसरे कॉलेजों में भेज दिया है। कई गरीब अभिभावक बच्चों को इसी कॉलेज में पढ़ाई करवाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द ही यहां पर स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा ताकि बच्चों का भविष्य बरबाद न हों।
शिक्षा निदेशक उच्च अमरजीत शर्मा ने बताया कि डिग्री कॉलेज ददाहू में प्राचार्य सहित अन्य प्राध्यापकों के पदों को भरने के प्रयास जारी हैं। विभाग में पदोन्नति के साथ ही प्राचार्य के पद को भरा जाएगा।
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हैरानी इस बात की है कि स्टाफ की कमी आज भी बरकरार है। कॉलेज में महत्वपूर्ण विषयों के प्राध्यापकों की कमी के चलते अब मजबूरन विद्यार्थियों को पलायन करना पड़ रहा है। यहां अरसे से प्राचार्य सहित प्राध्यापकों के पांच पद रिक्त पड़े हुए हैं। जबकि गैर शैक्षणिक स्टाफ के भी तीन पदों पर भी भर्ती नहीं हो पाई है। इससे 340 विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है।
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यहां कॉमर्स संकाय का एक भी प्राध्यापक न होने से 60 बच्चे नाहन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अन्य विषयों के विद्यार्थी भी दूसरे कॉलेजों में दाखिला ले रहे हैं। इस कॉलेज में इतिहास, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र का एक-एक और कॉमर्स के दो प्राध्यापकों के पद रिक्त पड़े हुए हैं। लिहाजा, विद्यार्थियों की पढ़ाई बुरी तरह चौपट हो रही है। आज तक यहां प्राचार्य का पद नहीं भरा गया। इसका अतिरिक्त कार्यभार नाहन कॉलेज के प्राचार्य को सौंपा गया है। यहां अधीक्षक ग्रेड दो, वरिष्ठ सहायक व लिपिक के पद भी लंबे अरसे से भरे नहीं गए हैं।
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अभिभावक सुशील कुमार, योगेंद्र कुमार, राहुल सिंह और विजय आदि ने बताया कि ददाहू कॉलेज में स्टाफ का टोटा बना हुआ है। कई अभिभावकों ने यहां से अपने बच्चों को दूसरे कॉलेजों में भेज दिया है। कई गरीब अभिभावक बच्चों को इसी कॉलेज में पढ़ाई करवाने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द ही यहां पर स्टाफ की कमी को पूरा किया जाएगा ताकि बच्चों का भविष्य बरबाद न हों।
शिक्षा निदेशक उच्च अमरजीत शर्मा ने बताया कि डिग्री कॉलेज ददाहू में प्राचार्य सहित अन्य प्राध्यापकों के पदों को भरने के प्रयास जारी हैं। विभाग में पदोन्नति के साथ ही प्राचार्य के पद को भरा जाएगा।