फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Sirmour News ›   wheat crops yellow in puruwala

Sirmour News: बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई योजनाएं, अब तक नहीं हुई चालू

Tue, 06 Jan 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jan 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
wheat crops yellow in puruwala
बरसात से ठप पड़ी बांगरण सिंचाई योजना के बाद पीली पड़ने लगी गेहूं, चारे की फसलें। संवाद
ग्राउंड रिपोर्ट-
विज्ञापन

बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सिंचाई योजनाएं, अब तक नहीं हुई चालू
बिना सिंचाई के पीली पड़ने लगी फसलें, किसानों को सता रहा घाटे का डर
आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं किसान, मरम्मत में देरी होने का खामियाजा भुगत रहे किसान
आदेश शर्मा
पुरुवाला (सिरमौर)। दून पांवटा के मैदानी क्षेत्र में इन दिनों गेहूं की फसल बिना सिंचाई के पीली पड़ना शुरू हो गई है। खेतों में हल्की नमी होने के चलते यहां किसानों ने गेहूं की बिजाई तो की लेकिन तीन महीनों से भी अधिक समय से बारिश न होने के चलते फसलें सिंचाई न होने के चलते बर्बादी की ओर हैं। ऐसे में यहां किसानों को नुकसान का डर सता रहा है।
मौके पर गांव बांगरण, शमशेरगढ़, डोरियांवाला, फूलपुर, शिवपुर, काहनूवाला आदि के किसानोंं जसपाल सिंह, बनवारी, कृष्ण, कमलजीत, गोवर्धन आदि ने बताया कि सिंचाई के बिना गेहूं की फसल पीली पड़ने लगी है। उन्होंने बताया कि किसान स्वयं को बेबस महसूस कर रहे हैं। सिंचाई योजना बंद पड़ी है, ऐसे में अब आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं। यदि जल्द ही बारिश नहीं हुई तो बड़ा नुकसान यहां हो सकता है।
विज्ञापन

वहीं, फूलपुर शमशेरगढ़ के किसानों रघुवीर, टेकचंद आदि ने बताया कि सरकार ने सिंचाई के नाम पर सिर्फ कागजी योजनाएं चलाई हैं। ट्यूबवेल की मरम्मत नहीं हुई, पंप, मोटरों, कुएं आदि की स्थायी मरम्मत नहीं हुई है। ऐसे में यहां सिंचाई बंद पड़ी है। इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। अपनी जमीनें होने के बावजूद कमाई तो क्या करनी, अपने लिए भी आनाज खरीदने की नौबत आ सकती है। उधर, कृषि विशेषज्ञों की मानें तो बारिश में कमी के कारण गेहूं की बिजाई पर असर पड़ सकता है। विभाग किसानों को नमी बचाने वाली तकनीकें अपनाने और समय पर सिंचाई के वैकल्पिक उपाय करने की सलाह दे रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

........बाक्स......
बरसात में क्षतिग्रस्त हो गई थी योजनाएं
बता दें कि जुलाई में बांगरण सिंचाई योजनाएं नंबर एक और नंबर दो गिरि नदी के बहाव में बह गई, कुओं में जलस्तर गिर चुका है। ऐसे में ज्यादातर किसान निजी ट्यूबवेल के सहारे या फिर आसमान की ओर उम्मीद लगाए गेहूं, गन्ना, मटर, हरि सब्जियां, चारा आदि की बिजाई की। किसान दर्शन चौधरी, आत्मा राम, नरेश कुमार, शेर सिंह, दल सिंह, सुरेंद्र आदि के अनुसार गेहूं की खेती की लागत भी इस बार किसानों की कमर तोड़ रही है। बीज के दाम पिछले वर्ष की तुलना में काफी बढ़े हैं। वहीं खाद, दवाइयों और डीजल की कीमतों ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी कर दी हैं।
-बांगरण योजना के लिए मोटर, पंप भेज दिए गया है, उन्हें स्थापित कर आगे का काम जल्द किया जाएगा। एक सप्ताह के भीतर सिंचाई योजना बांगरण चालू कर दी जाएगी।



--जितेंद्र ठाकुर, अधिशाषी अभियंता, जलशक्ति विभाग
संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed