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पड़दूनी पंचायत में पेयजल संकट, लोग परेशान
ब्यूरो, अमर उजाला धौलाकुआं (सिरमौर)।
Updated Mon, 16 May 2016 11:26 PM IST
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पानी के लिए टैंकर पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
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धौलाकुआं (सिरमौर)। उपमंडल पांवटा साहिब के अंतर्गत पड़ने वाली पड़दूनी पंचायत के ग्रामीण आजकल बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। चिलचिलाती गर्मी में ग्रामीणों पर ये मार क्षेत्र में कार्यरत पेयजल योजना के विस्तारीकरण न होने से हुई है।
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दो दशक पहले क्षेत्रवासियों की प्यास बुझाने के लिए पेयजल योजना का पानी गेईयों वाला योजना से जोड़ा गया था। उन दिनों आबादी के हिसाब से मोटर स्थापित की गई थी। उस दौरान पानी की आपूर्ति क्षेत्र के लोगों की जरूरत के हिसाब से पूरी रही। किंतु बढ़ते सालों के साथ ही क्षेत्र की आबादी दोगुना हो चुकी है। ऐसे में उक्त योजना नाकाफी सिद्ध हो रही है।
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लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। हालत इस कदर बदतर हो चुकी है कि यहां के खद्दर बहती, रामौल बस्ती, नगरोता बस्ती, बोदबाड़ा, सिंबलवाड़ा, जामनवाला आदि क्षेत्रों में बहने वाले सभी नाले सूख चुके हैं। लोगों के पास पशुओं को पानी पिलाने तक की कोई सुविधा नहीं है जिसके चलते क्षेत्र की आबादी की प्यास बुझाने में नाकाफी सिद्ध हो रही पेयजल योजना से ही पशुओं को भी अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है।
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क्षेत्र की पंचायत प्रधान अच्छर भारती, उपप्रधान यशपाल, देशराज, रविन्द्र सिंह, शेर सिंह, दलबहादुर सिंह, मेजर जीत सिंह, पृथ्वी सिंह, कमलेंद्र सिंह आदि ने बताया कि पेयजल योजना पर लगी छोटी मोटर के चलते परेशानी हो रही है। पड्दूनी तक पानी पहुंचने के लिए एक किलोमीटर की लंबी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। पानी का प्रेशर है नहीं, दूसरा स्टोर टैंक भी छोटा है। इस कारण गांवों के नलों में 10 से 15 मिनट पानी ही आता है जो कि एक परिवार के लिए नाकाफी है।
उन्होंने बताया कि कई बार पंचायत ने इस बारे प्रस्ताव पारित कर संबंधित विभाग को भी सौंपा था जिस पर आज तक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई।
उधर विभाग के सहायक अभियंता एसएस पुंडीर ने बताया कि योजना में बड़ी मोटर रखने के लिए प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। बजट का प्रावधान होते ही पुरानी मोटर को बदल दिया जाएगा।